Market Outlook 23 July: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 22 जुलाई को भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 715 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मुनाफावसूली ने बाजार पर दबाव बनाया। अब निवेशकों की नजर 23 जुलाई के कारोबार पर रहेगी कि क्या निफ्टी 23,900 का स्तर बचा पाएगा या गिरावट और गहरी होगी।
सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ।
- BSE सेंसेक्स 715.06 अंक (0.92%) गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ।
- NSE निफ्टी 50 191.45 अंक (0.79%) टूटकर 23,996.25 पर बंद हुआ।
- बाजार में 1,443 शेयरों में तेजी, 2,616 शेयरों में गिरावट और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी के सबसे कमजोर शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल रहे। वहीं बजाज ऑटो, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड और ओएनजीसी ने मजबूती दिखाई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव
बाजार में बिकवाली सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रही।
- निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1% टूटा।
- निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5% की गिरावट दर्ज हुई।
इससे साफ है कि निवेशकों ने व्यापक स्तर पर जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा?
सेक्टोरल इंडेक्स में ज्यादातर हिस्सों में कमजोरी देखने को मिली।
सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर
- निफ्टी मीडिया : -2.68%
- निफ्टी रियल्टी : -2.60%
- निफ्टी PSU बैंक : -1.80%
- निफ्टी IT : -1.50%
- निफ्टी प्राइवेट बैंक : -1.40%
- निफ्टी फार्मा : -1.30%
- निफ्टी बैंक : -1.20%
मजबूती दिखाने वाले सेक्टर
- निफ्टी FMCG : +0.65%
- निफ्टी ऑटो : +0.18%
बाजार क्यों टूटा?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव और रेड सी क्षेत्र में शिपिंग रूट पर बढ़ती अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इससे भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ा।
उन्होंने कहा कि तेल महंगा होने से रुपये पर दबाव बढ़ा और महंगाई की चिंता दोबारा सामने आई। इसी वजह से निवेशकों ने जोखिम लेने से दूरी बनाई। ब्याज दरों पर निर्भर रियल्टी, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। वहीं अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने फार्मा शेयरों पर भी दबाव बनाया।
हालांकि FMCG और ऑटो सेक्टर को मजबूत तिमाही नतीजों का सहारा मिला, जिससे इन सेक्टरों ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया।
23 जुलाई के लिए निफ्टी आउटलुक
Hedged.in के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रियांक अरोड़ा के अनुसार निफ्टी का 24,000 के नीचे बंद होना निकट अवधि की कमजोरी का संकेत है।
महत्वपूर्ण सपोर्ट
- 23,950-23,900
- इसके बाद 23,800
प्रमुख रेजिस्टेंस
- 24,100-24,200
उनका कहना है कि जब तक निफ्टी 24,100 के ऊपर टिक नहीं जाता, तब तक तेजी की वापसी मुश्किल दिखाई देती है।
LKP सिक्योरिटीज की राय
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
उनके अनुसार—
- निफ्टी डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का ब्रेकडाउन दिखाई दे रहा है।
- RSI में बेयरिश क्रॉसओवर बना है।
- यदि निफ्टी 23,900 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट 23,700-23,600 तक बढ़ सकती है।
- ऊपर की ओर 24,100 मजबूत रेजिस्टेंस रहेगा।
कोटक सिक्योरिटीज का क्या कहना है?
कोटक सिक्योरिटीज के हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का मानना है कि निफ्टी अब 20-डे SMA यानी 24,100 के नीचे आ चुका है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
उनके मुताबिक—
- जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे रहेगा, कमजोरी बनी रह सकती है।
- गिरावट 23,850 तक जा सकती है।
- इसके नीचे 23,750-23,700 का स्तर अगला सपोर्ट होगा।
- यदि निफ्टी 24,100 के ऊपर निकलता है तो 24,200-24,250 तक रिकवरी संभव है।
उन्होंने डे ट्रेडर्स को केवल लेवल आधारित ट्रेडिंग की सलाह दी है।
बैंक निफ्टी आउटलुक
SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के अनुसार बैंक निफ्टी ने पिछले आठ सत्रों से चल रही रेंज को नीचे की ओर तोड़ दिया है।
बैंक निफ्टी सपोर्ट
- 56,700-56,600
यदि यह स्तर टूटता है तो इंडेक्स
- 56,300
- 56,000
तक गिर सकता है।
बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस
- 57,500-57,600
23 जुलाई के लिए निवेशकों की रणनीति
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड फिलहाल कमजोर है। ऐसे में निवेशकों को आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए। मजबूत सपोर्ट लेवल के आसपास ही चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। इंट्राडे ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप लॉस और लेवल आधारित ट्रेडिंग अपनाने की सलाह दी गई है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


