नई दिल्ली: भारत का जॉब मार्केट अब सिर्फ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। देश के नॉन-मेट्रो शहर भी तेजी से रोजगार और प्रोफेशनल ग्रोथ के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं। LinkedIn की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखापत्तनम लगातार दूसरी बार भारत का सबसे तेजी से उभरता नॉन-मेट्रो जॉब मार्केट बन गया है। रिपोर्ट बताती है कि इन शहरों में हायरिंग, निवेश और प्रोफेशनल माइग्रेशन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे युवाओं के लिए घर के करीब ही बेहतर करियर के अवसर तैयार हो रहे हैं।
विशाखापत्तनम ने फिर हासिल किया पहला स्थान
LinkedIn की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सबसे तेजी से उभरते नॉन-मेट्रो जॉब मार्केट की सूची में शीर्ष पांच शहर इस प्रकार हैं—
- विशाखापत्तनम
- लुधियाना
- सूरत
- वडोदरा
- प्रयागराज
इन शहरों में पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों का निवेश तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि यहां नौकरी के अवसरों में लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है।
अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहे नॉन-मेट्रो शहर
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले जहां नॉन-मेट्रो शहरों की पहचान केवल मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल या कृषि आधारित उद्योगों से होती थी, वहीं अब तस्वीर बदल रही है।
इन शहरों में तेजी से निवेश हो रहा है—
- आईटी और टेक्नोलॉजी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- डेटा सेंटर
- फाइनेंशियल सर्विसेज
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- एजुकेशन
- हेल्थकेयर
- मैन्युफैक्चरिंग
इस बदलाव का सीधा फायदा स्थानीय युवाओं और प्रोफेशनल्स को मिल रहा है, जिन्हें अब बेहतर अवसरों के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम पड़ रही है।
नौकरी पाना पहले से ज्यादा कठिन
LinkedIn की रिपोर्ट में रोजगार बाजार की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जताई गई है।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष—
- 72% भारतीय प्रोफेशनल्स इस वर्ष नई नौकरी की तलाश में हैं।
- 76% लोगों का मानना है कि AI स्किल गैप और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण नौकरी हासिल करना पहले की तुलना में अधिक मुश्किल हो गया है।
- वर्ष 2022 की शुरुआत की तुलना में अब प्रत्येक नौकरी पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है।
यानी नौकरियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
क्यों बढ़ रहा है इन शहरों का महत्व?
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बड़ी कंपनियां अब मेट्रो शहरों की तुलना में नॉन-मेट्रो शहरों में निवेश करना पसंद कर रही हैं। इसके पीछे कई कारण हैं—
- कम परिचालन लागत
- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर
- कुशल स्थानीय प्रतिभा
- सरकारी प्रोत्साहन
- बेहतर कनेक्टिविटी
- तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक इकोसिस्टम
इसी वजह से कंपनियां नए प्लांट, टेक पार्क और सर्विस सेंटर इन शहरों में स्थापित कर रही हैं।
LinkedIn एक्सपर्ट ने क्या कहा?
LinkedIn की करियर एक्सपर्ट और इंडिया सीनियर मैनेजिंग एडिटर नीरजिता बनर्जी के अनुसार, नॉन-मेट्रो शहरों में अब रोजगार का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नौकरी तलाशने वालों को यह समझना चाहिए कि कंपनियां किन सेक्टरों में निवेश कर रही हैं और उनकी मौजूदा स्किल्स किन नए उद्योगों में भी उपयोगी हो सकती हैं।
उन्होंने सलाह दी कि केवल मेट्रो शहरों पर निर्भर रहने के बजाय उभरते शहरों और वहां उपलब्ध नए अवसरों पर भी ध्यान देना चाहिए।
अलग-अलग शहरों की नई पहचान
विशाखापत्तनम
विशाखापत्तनम अपनी पोर्ट, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग आधारित अर्थव्यवस्था को AI, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी निवेश के जरिए नई दिशा दे रहा है।
लुधियाना
पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग के साथ अब स्टील, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी तेजी से विस्तार हो रहा है।
सूरत
टेक्सटाइल और डायमंड उद्योग के लिए प्रसिद्ध सूरत अब स्टार्टअप, रियल एस्टेट और एक्सपोर्ट बिजनेस का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
वडोदरा
केमिकल्स और मशीनरी उद्योग के अलावा इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और एंटरप्राइज सेक्टर में भी बड़े निवेश हो रहे हैं।
प्रयागराज
शिक्षा, सरकारी परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरते सर्विस सेक्टर की वजह से प्रयागराज भी तेजी से रोजगार का नया केंद्र बन रहा है।
युवाओं के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत के रोजगार बाजार की तस्वीर काफी बदल सकती है। जिन युवाओं के पास AI, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, इंजीनियरिंग और कम्युनिकेशन जैसी आधुनिक स्किल्स होंगी, उनके लिए नॉन-मेट्रो शहरों में भी शानदार करियर अवसर उपलब्ध होंगे।
अब करियर बनाने के लिए केवल बड़े शहरों का रुख करना जरूरी नहीं रह गया है। तेजी से विकसित हो रहे ये शहर रोजगार, बेहतर जीवनशैली और कम खर्च के साथ नए विकल्प पेश कर रहे हैं।
निष्कर्ष
LinkedIn की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत का जॉब मार्केट तेजी से बदल रहा है। विशाखापत्तनम, लुधियाना, सूरत, वडोदरा और प्रयागराज जैसे शहर अब रोजगार और निवेश के नए केंद्र बन रहे हैं। यदि नौकरी तलाशने वाले समय रहते अपनी स्किल्स को अपडेट करें और उभरते शहरों पर ध्यान दें, तो उन्हें बेहतर करियर अवसर मिल सकते हैं।


