नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इतिहास रचने में सफल रहा। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि टूर्नामेंट से जुड़े वीडियो को यूट्यूब पर 1.7 अरब से अधिक यूनिक दर्शकों ने देखा। इसके साथ ही फीफा वर्ल्ड कप से जुड़े वीडियो के कुल लाइफटाइम व्यूज 200 अरब के आंकड़े को पार कर गए हैं।
यह उपलब्धि बताती है कि दुनिया भर में फुटबॉल के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म वैश्विक खेल आयोजनों के सबसे बड़े माध्यम बनते जा रहे हैं।
सुंदर पिचाई ने साझा किए आंकड़े
सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे ज्यादा देखा गया फीफा विश्व कप रहा। उन्होंने यूट्यूब के सीईओ नील मोहन की पोस्ट साझा करते हुए दर्शकों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े भी बताए।
पिचाई ने लिखा कि फीफा विश्व कप 2026 से जुड़े कंटेंट के कुल लाइफटाइम व्यूज अब 200 अरब से अधिक हो चुके हैं, जो डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की लोकप्रियता का नया रिकॉर्ड है।
Creator Cup को मिले 1 करोड़ से ज्यादा लाइव व्यूज
यूट्यूब के सीईओ नील मोहन ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान आयोजित पहले Creator Cup को 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक लाइव व्यूज मिले।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के क्रिएटर्स ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार कमेंट्री, विश्लेषण और अलग-अलग नजरिए पेश किए, जिन्हें 25 लाख से अधिक व्यूज प्राप्त हुए।
नील मोहन ने स्पेन की टीम को खिताब जीतने पर बधाई देते हुए यूट्यूब की टीम, साझेदारों और कंटेंट क्रिएटर्स का भी आभार व्यक्त किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया सबसे सफल खेल आयोजन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 को “दुनिया के इतिहास का शायद सबसे सफल खेल आयोजन” बताया।
उनके अनुसार—
- टूर्नामेंट के दौरान 65 लाख से अधिक दर्शकों ने स्टेडियम में मैच देखे।
- यह संख्या पिछले दो फीफा विश्व कपों की संयुक्त स्टेडियम उपस्थिति से भी अधिक रही।
- अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के 16 शहरों में कुल 104 मैच आयोजित किए गए।
- लगभग 200 देशों के प्रशंसकों ने इस आयोजन में भागीदारी की।
वर्ल्ड कप का असर अमेरिकी कार्यस्थलों पर भी दिखा
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का प्रभाव सिर्फ खेल और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक मैच देखने के लिए लाखों कर्मचारियों द्वारा अपने कामकाजी समय में बदलाव करने से अमेरिका की उत्पादकता में करीब 11.7 अरब डॉलर तक की कमी आने का अनुमान लगाया गया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर 17 अरब डॉलर का प्रभाव
वर्कफोर्स मैनेजमेंट कंपनी यूकेजी (UKG) के आंकड़ों के अनुसार, टूर्नामेंट का वैश्विक आर्थिक प्रभाव लगभग 17 अरब डॉलर रहा। इसकी प्रमुख वजहें थीं—
- कर्मचारियों की अनुपस्थिति
- कार्यालय में देर से पहुंचना
- मैच देखने के लिए समय से पहले काम छोड़ना
अमेरिकी टीम के बाहर होने पर घटी ऑफिस उपस्थिति
वर्कप्लेस प्लेटफॉर्म Envoy की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ा कार्यस्थल व्यवधान उस दिन दर्ज किया गया जब अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम टूर्नामेंट से बाहर हुई।
7 जुलाई को:
- कार्यालयों में उपस्थिति 26% तक घट गई।
- कर्मचारियों की एंट्री 11.5% कम दर्ज की गई।
इससे स्पष्ट होता है कि फीफा वर्ल्ड कप का असर केवल खेल प्रेमियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने कार्यस्थलों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ता खेलों का दबदबा
फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने यह साबित कर दिया कि बड़े खेल आयोजनों की लोकप्रियता अब टीवी से आगे बढ़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है। यूट्यूब पर 1.7 अरब यूनिक दर्शकों और 200 अरब लाइफटाइम व्यूज का आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि आने वाले वर्षों में खेलों की डिजिटल खपत और भी तेजी से बढ़ सकती है।


