Anthem Biosciences Share Price: फार्मा सेक्टर की कंपनी एंथम बायोसाइंसेज (Anthem Biosciences) के शेयर बुधवार को पहली तिमाही (Q1 FY27) के कमजोर नतीजों के बाद दबाव में दिखाई दिए। कारोबार के दौरान शेयर में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि कमजोर तिमाही प्रदर्शन के बावजूद ब्रोकरेज हाउस कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। उनका मानना है कि जून तिमाही की कमजोरी अस्थायी है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी की ग्रोथ फिर से तेज हो सकती है।
2% से ज्यादा टूटा Anthem Biosciences का शेयर
बुधवार दोपहर करीब 2:10 बजे NSE पर Anthem Biosciences का शेयर 18.55 रुपये (2.34%) की गिरावट के साथ करीब 772 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
शेयर का प्रदर्शन
- मौजूदा भाव: 772 रुपये (लगभग)
- दिन का हाई: 779.50 रुपये
- दिन का लो: 732 रुपये
- 52 सप्ताह का हाई: 873.50 रुपये
- 52 सप्ताह का लो: 579.15 रुपये
रिटर्न की बात करें तो कंपनी का शेयर पिछले 1 सप्ताह में लगभग 3%, 1 महीने में 0.87% और 1 साल में करीब 5.5% का रिटर्न दे चुका है।
कमजोर क्यों रहे पहली तिमाही के नतीजे?
कंपनी के जून तिमाही के नतीजों में CRDMO (Contract Research, Development & Manufacturing Organization) और स्पेशलिटी इंग्रीडिएंट्स बिजनेस की धीमी ग्रोथ का असर साफ दिखाई दिया।
इसके चलते कंपनी के:
- रेवेन्यू में सालाना गिरावट दर्ज हुई।
- EBITDA में कमी आई।
- नेट प्रॉफिट भी पिछले साल की तुलना में घट गया।
ब्रोकरेज के अनुसार, ग्राहकों को डिलीवरी का समय आगे खिसकने की वजह से तिमाही प्रदर्शन कमजोर रहा। यानी मांग में कमी नहीं है, बल्कि ऑर्डर की डिलीवरी अगले महीनों में होने वाली है।
ब्रोकरेज क्यों बना हुआ है बुलिश?
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि डिमांड मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में डिलीवरी का वॉल्यूम काफी अधिक रहने वाला है।
इसी आधार पर ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया है कि:
- FY27 में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 19.2% तक पहुंच सकती है।
- पूरे वित्त वर्ष में 17% से अधिक ग्रोथ की संभावना बनी हुई है।
- दूसरी छमाही में कंपनी के नतीजों में स्पष्ट सुधार देखने को मिल सकता है।
अनुमान से भी कमजोर रहे आंकड़े
ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का प्रदर्शन उनकी उम्मीदों से भी नीचे रहा।
मुख्य बिंदु:
- सेल्स अनुमान से करीब 3% कम रही।
- EBITDA अनुमान से लगभग 2% कम रहा।
- नेट प्रॉफिट अनुमान से करीब 11% कम रहा।
- CRDMO और स्पेशलिटी इंग्रीडिएंट्स दोनों सेगमेंट में सालाना और तिमाही आधार पर गिरावट दर्ज हुई।
फिर भी मार्जिन में आया बड़ा सुधार
हालांकि कंपनी के मुनाफे पर दबाव रहा, लेकिन ग्रॉस मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
ब्रोकरेज के अनुसार:
- सालाना आधार पर 778 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई।
- तिमाही आधार पर 30 बेसिस प्वाइंट का सुधार दर्ज किया गया।
इसके पीछे तीन प्रमुख कारण रहे:
- कच्चे माल की लागत में कमी।
- विदेशी मुद्रा (Currency) से मिला फायदा।
- चीन से आयात होने वाले एक इंटरमीडिएट की जगह कंपनी द्वारा इन-हाउस प्रोडक्शन शुरू करना।
इन कदमों से कंपनी की लागत घटी और मार्जिन मजबूत हुए।
EBITDA और नेट प्रॉफिट में कितनी गिरावट?
जून तिमाही में कंपनी की लाभप्रदता पर दबाव दिखाई दिया।
- EBITDA में सालाना आधार पर 19% और तिमाही आधार पर 41% की गिरावट रही।
- नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 12% और तिमाही आधार पर 36% की कमी दर्ज की गई।
हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं है और अगले कुछ क्वार्टर में इसमें सुधार देखने को मिल सकता है।
मजबूत बनी हुई है कंपनी की पाइपलाइन
ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी का डेवलपमेंट पाइपलाइन अभी भी मजबूत बनी हुई है।
वर्तमान में कंपनी के पास:
- 14 कमर्शियल मॉलिक्यूल
- 10 लेट-स्टेज (फेज III) मॉलिक्यूल
मौजूद हैं, जो आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
नेट कैश पोजिशन भी हुई मजबूत
जून 2026 तक कंपनी की नेट कैश पोजिशन 17.2 अरब रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 7.8 अरब रुपये थी।
मजबूत कैश पोजिशन कंपनी को भविष्य के विस्तार, रिसर्च और नई परियोजनाओं में निवेश करने की क्षमता प्रदान करती है।
आगे निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को इन बिंदुओं पर खास ध्यान देना चाहिए:
- दूसरी छमाही में ऑर्डर डिलीवरी की रफ्तार।
- CRDMO बिजनेस की रिकवरी।
- स्पेशलिटी इंग्रीडिएंट्स सेगमेंट की ग्रोथ।
- EBITDA मार्जिन में सुधार की निरंतरता।
- नए कमर्शियल मॉलिक्यूल से मिलने वाला योगदान।
अगर मैनेजमेंट के अनुमान के मुताबिक दूसरी छमाही में डिलीवरी बढ़ती है, तो कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


