मुंबई: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते प्रमुख घरेलू सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बीएसई सेंसेक्स 78,000 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,250 के नीचे बंद हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट सेक्टर पर लागत बढ़ने की चिंता भी निवेशकों को सताने लगी है।
सेंसेक्स और निफ्टी कितने नीचे बंद हुए?
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक (0.57%) टूटकर 77,708.52 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 95.80 अंक (0.39%) की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ।
दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम घंटे में बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार की कमजोरी और बढ़ा दी।
वित्तीय शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
सोमवार की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान निजी बैंक और वित्तीय सेवा कंपनियों का रहा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो:
- निफ्टी प्राइवेट बैंक 2.27% गिरा।
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.22% टूटा।
- इसके अलावा निफ्टी आईटी, ऑटो, रियल्टी और सर्विसेज इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए।
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी की वजह से पूरे बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित रहा।
इन सेक्टरों में रही मजबूती
हालांकि बाजार के सभी सेक्टरों में गिरावट नहीं रही। कई डिफेंसिव और कमोडिटी आधारित सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली।
हरे निशान में बंद होने वाले प्रमुख सेक्टर:
- निफ्टी पीएसयू बैंक
- निफ्टी फार्मा
- निफ्टी हेल्थकेयर
- निफ्टी मीडिया
- निफ्टी कमोडिटीज
- निफ्टी एनर्जी
- निफ्टी पीएसई
- निफ्टी मेटल
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
- निफ्टी इन्फ्रा
इन सेक्टरों में निवेशकों ने अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दी।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां लार्जकैप शेयर दबाव में रहे, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रही।
- निफ्टी मिडकैप 100 373.70 अंक (0.60%) की बढ़त के साथ 62,801.75 पर बंद हुआ।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 30.15 अंक (0.16%) चढ़कर 19,326.45 पर बंद हुआ।
यह संकेत देता है कि निवेशकों की रुचि अभी भी चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में बनी हुई है।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स
सोमवार के कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर रहे:
- ट्रेंट
- पावर ग्रिड
- एनटीपीसी
- भारती एयरटेल
- एसबीआई
- अल्ट्राटेक सीमेंट
- आईसीआईसीआई बैंक
- एचसीएल टेक
- सन फार्मा
- आईटीसी
- एलएंडटी
- बजाज फाइनेंस
- टेक महिंद्रा
- अदाणी पोर्ट्स
- टाइटन
- टाटा स्टील
- एटरनल
- एशियन पेंट्स
- बजाज फिनसर्व
सेंसेक्स के टॉप लूजर्स
सबसे ज्यादा गिरावट वाले प्रमुख शेयर रहे:
- एक्सिस बैंक
- एचडीएफसी बैंक
- मारुति सुजुकी
- कोटक महिंद्रा बैंक
- इन्फोसिस
- टीसीएस
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)
- इंडिगो
- बीईएल
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
एसबीआई सिक्योरिटीज ने क्या कहा?
एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,370-24,400 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो निकट अवधि में 24,550 और उसके बाद 24,700 तक तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं नीचे की ओर 24,130-24,100 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार में दबाव और बढ़ सकता है।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता कमजोर हुई है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें लगातार 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
यदि भू-राजनीतिक तनाव लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निष्कर्ष
सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही। सेंसेक्स 78,000 के नीचे बंद हुआ और निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा दिया। अब निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और आने वाले कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो अगले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।


