Trading Plan Today: भारतीय शेयर बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। ऐसे माहौल में बाजार विशेषज्ञ और वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर एवं CEO आशीष क्याल का मानना है कि ट्रेडर्स को ऊंचे स्तरों पर खरीदारी करने से बचना चाहिए। उनकी सलाह है कि महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के पास गिरावट आने पर ही खरीदारी के अवसर तलाशने चाहिए।
बाजार फिलहाल रहेगा कंसोलिडेशन मोड में
आशीष क्याल के अनुसार, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए 24,000-23,950 का जोन सबसे अहम सपोर्ट है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में तेजी की उम्मीद बनी रहेगी। हालांकि यदि यह जोन टूटता है तो निफ्टी में 23,800 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
दूसरी ओर यदि निफ्टी को दोबारा मजबूत तेजी पकड़नी है तो उसे लगातार 24,300 के ऊपर क्लोजिंग देनी होगी। इसके बाद इंडेक्स 24,500-24,600 के स्तर तक पहुंच सकता है।
ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के पार, बाजार पर दबाव
ग्लोबल मार्केट में मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुकी है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है।
इसके अलावा देश में कंपनियों के तिमाही नतीजों (Q1 Results Season) का दौर जारी है। ऐसे में पूरे बाजार की बजाय चुनिंदा शेयरों में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निफ्टी के लिए क्या है ट्रेडिंग रेंज?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निफ्टी 23,990 से 24,250 की रेंज में कारोबार कर सकता है। इस दायरे से बाहर निकलने पर ही बाजार में नई दिशा देखने को मिलेगी।
निफ्टी बार-बार 24,250 के ऊपर टिकने में असफल रहा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
यदि इंडेक्स 23,990-24,020 के सपोर्ट जोन के नीचे फिसलता है तो मुनाफावसूली तेज हो सकती है।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
| स्तर | आंकड़ा |
|---|---|
| प्रमुख रेजिस्टेंस | 24,250 |
| प्रमुख सपोर्ट | 23,800 |
निफ्टी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
- यदि निफ्टी फ्यूचर्स 23,990 के नीचे जाता है तो शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है।
- स्टॉप लॉस: 24,100
- पहला लक्ष्य: 23,900
- दूसरा लक्ष्य: 23,800
बैंक निफ्टी पर क्या है राय?
बैंक निफ्टी ने जून 2026 में शानदार तेजी दिखाई थी, लेकिन पिछले सप्ताह ऊंचे स्तरों पर इसकी रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई। आशीष क्याल के मुताबिक यह कमजोरी ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं बल्कि कंसोलिडेशन फेज का हिस्सा है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी फिलहाल बाजार में ठहराव का संकेत दे रहे हैं।
58,000 के पास बना है मजबूत इक्विलिब्रियम जोन
बैंक निफ्टी फिलहाल 58,000 के आसपास पॉइंट ऑफ कंट्रोल (POC) पर कारोबार कर रहा है। वॉल्यूम प्रोफाइल के अनुसार इस स्तर पर सबसे अधिक ट्रेडिंग हुई है, इसलिए यह बाजार के लिए संतुलन (Equilibrium) का महत्वपूर्ण स्तर बन गया है।
इसके अलावा बोलिंगर बैंड्स भी काफी सिकुड़ चुके हैं, जो यह संकेत देते हैं कि जल्द ही बाजार में किसी एक दिशा में बड़ा मूव देखने को मिल सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए अहम स्तर
| स्तर | आंकड़ा |
|---|---|
| प्रमुख रेजिस्टेंस | 58,000 |
| प्रमुख सपोर्ट | 56,850 |
यदि बैंक निफ्टी 57,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 56,850 तक फिसल सकता है।
वहीं यदि यह 57,680 के ऊपर निकलता है तो शॉर्ट टर्म में पुलबैक देखने को मिल सकता है।
बैंक निफ्टी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
- 57,300 के नीचे बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है।
- स्टॉप लॉस: 57,580
- पहला लक्ष्य: 57,020
- दूसरा लक्ष्य: 56,850
ट्रेडर्स के लिए क्या है सलाह?
आशीष क्याल का कहना है कि मौजूदा बाजार में जल्दबाजी से बचना सबसे जरूरी है। ऊंचे स्तरों पर तेजी के पीछे भागने के बजाय महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के पास गिरावट आने पर ही खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। जब तक निफ्टी और बैंक निफ्टी अपने प्रमुख रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर टिक नहीं जाते, तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की संभावना बनी रहेगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दिए गए विचार बाजार विशेषज्ञ के निजी विचार हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


