Stock Market Rally: पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 फिर से 24,200 के स्तर के पार पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, अमेरिका की महंगाई के आंकड़ों से राहत और बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। हालांकि आईटी सेक्टर में दबाव बना रहा, लेकिन बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने इसकी भरपाई कर दी।
पिछले कारोबारी दिन की गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी
मंगलवार को बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 561.46 अंक (0.72%) टूटकर 77,054.94 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 करीब 159 अंक (0.66%) गिरकर 24,052.05 के स्तर पर बंद हुआ था।
लेकिन बुधवार को बाजार ने मजबूत शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की खरीदारी लौट आई।
सुबह करीब 09:30 बजे तक:
- सेंसेक्स 545.89 अंक (0.71%) की तेजी के साथ 77,600.83 पर कारोबार कर रहा था।
- निफ्टी 50, 151.75 अंक (0.63%) चढ़कर 24,203.80 पर पहुंच गया।
- कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,641.86 और निफ्टी 24,218.15 तक भी पहुंचा।
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार में तेजी की 4 बड़ी वजहें
1. अमेरिका की महंगाई के आंकड़ों से मिला बड़ा राहत संकेत
वैश्विक बाजारों में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत अमेरिका से आया। जून महीने में वहां कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) उम्मीद से अधिक नरम रहा।
ऊर्जा कीमतों में गिरावट के कारण अमेरिकी महंगाई में अपेक्षा से अधिक कमी दर्ज की गई। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो सकता है।
कम ब्याज दरों की संभावना उभरते बाजारों जैसे भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद रहती है।
2. हॉर्मुज टोल टैक्स पर ट्रंप के रुख में बदलाव
बाजार को दूसरा बड़ा सपोर्ट उस खबर से मिला जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रस्तावित 20% टोल टैक्स के फैसले पर नरमी दिखाई।
रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी देशों के साथ निवेश संबंधों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने अपना रुख बदला। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर निवेशकों की चिंताएं कुछ कम हुईं।
3. India VIX में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX करीब 3.5% गिरकर 13.27 के आसपास पहुंच गया।
India VIX में गिरावट का मतलब यह माना जाता है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हो रहा है। यही वजह रही कि इक्विटी बाजारों में खरीदारी का माहौल बना रहा।
4. बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने संभाला मोर्चा
हालांकि आईटी सेक्टर में कमजोरी जारी रही और निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.5% तक फिसल गया, लेकिन इसकी भरपाई बैंकिंग शेयरों ने कर दी।
- निफ्टी प्राइवेट बैंक में लगभग 1% की तेजी रही।
- निफ्टी PSU बैंक भी करीब 1% मजबूत रहा।
- ऑटो सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली और इसका इंडेक्स लगभग 1% चढ़ा।
बैंकिंग शेयरों में आई मजबूती ने पूरे बाजार को ऊपर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
वैश्विक बाजारों से भी मिला सपोर्ट
एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती का माहौल देखने को मिला। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
विदेशी संकेतों के साथ घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को शुरुआती कारोबार में मजबूत आधार दिया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत बने रहते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, आईटी सेक्टर की कमजोरी और आने वाले कॉरपोरेट नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


