भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी दर्ज की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी रियल्टी, पीएसयू बैंक, आईटी और मेटल शेयरों में देखने को मिली। वहीं, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद, विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी और वैश्विक संकेतों में सुधार ने इस तेजी को मजबूती दी है।
सेंसेक्स और निफ्टी की दमदार क्लोजिंग
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 827.57 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569.39 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 244.10 अंक (1.02%) चढ़कर 24,206.90 के स्तर पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,642.23 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा, जबकि निफ्टी ने 24,228.45 का उच्चतम स्तर छुआ। बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल बना रहा और दिनभर तेजी कायम रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी शानदार तेजी देखने को मिली।
- निफ्टी मिडकैप इंडेक्स: 1.40% की बढ़त
- निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स: 1.55% की तेजी
यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
इन सेक्टरों ने बाजार को दी रफ्तार
सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा तेजी इन इंडेक्स में रही—
- निफ्टी रियल्टी: 3.49% उछाल
- निफ्टी पीएसयू बैंक: 3.03% बढ़त
- निफ्टी आईटी: 1% से ज्यादा तेजी
- निफ्टी मेटल: 1% से अधिक बढ़त
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: मजबूत प्रदर्शन
- निफ्टी प्राइवेट बैंक: 1% से ज्यादा चढ़ा
इसके अलावा ऑटो, हेल्थकेयर, मीडिया और फार्मा इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए। हालांकि एफएमसीजी इंडेक्स में 0.08 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर
- HDFC Life
- Adani Enterprises
- SBI Life Insurance
- Axis Bank
- BEL
- Tech Mahindra
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
- Dr. Reddy’s Laboratories
- Eternal
- Bharti Airtel
- Nestle India
- Sun Pharma
- ITC
- Trent
बाजार में तेजी की वजह क्या रही?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, हालिया करेक्शन के बाद बाजार में मजबूत रिकवरी के संकेत मिले हैं। बैंकों के बेहतर बिजनेस अपडेट, आईटी सेक्टर से सकारात्मक उम्मीदें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े अवसरों ने पहली तिमाही (Q1) के नतीजों को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि यदि कंपनियों के Q1 नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो कमाई को लेकर बनी चिंताएं कम होंगी और बाजार की मौजूदा तेजी को आगे भी समर्थन मिल सकता है। रियल एस्टेट और मेटल सेक्टर की मजबूत भागीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
ग्लोबल फैक्टर्स ने भी दिया सहारा
विनोद नायर के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में सुधार से भारत के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी में भी तेजी देखने को मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FOMC) के सख्त रुख के बावजूद वैश्विक बाजारों पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा। महंगाई के दबाव में कमी और अमेरिका, यूरोप तथा चीन से आए अपेक्षाकृत कमजोर आर्थिक आंकड़ों से उम्मीद है कि भविष्य में प्रमुख केंद्रीय बैंक नरम रुख अपना सकते हैं।
एक्सपर्ट ने बताए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। गुरुवार को बने ‘इनसाइड डे’ और ‘इनवर्टेड हैमर’ कैंडल पैटर्न के बाद शुक्रवार की मजबूत तेजी ने बाजार की धारणा को और मजबूत किया है।
उनके मुताबिक—
- तत्काल सपोर्ट: 24,000
- अगला प्रमुख रेजिस्टेंस: 23,500-23,600 (मूल स्रोत में यही स्तर उल्लेखित है, हालांकि यह मौजूदा निफ्टी स्तर से नीचे है और संभवतः टाइपिंग त्रुटि हो सकती है। निवेशकों को नवीनतम तकनीकी स्तर की पुष्टि कर लेनी चाहिए।)
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
लगातार दो दिनों की मजबूत तेजी यह संकेत देती है कि बाजार में सकारात्मक धारणा लौट रही है। यदि कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद के अनुरूप या बेहतर आते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, महंगाई के आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


