भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी देखने को मिली। बैंकिंग, आईटी, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। इस बीच जेएम फाइनेंशियल PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता का मानना है कि बाजार की मौजूदा मजबूती आने वाले समय में चुनिंदा सेक्टरों में निवेशकों के लिए बेहतर अवसर पैदा कर सकती है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत संकेत
आशीष चतुरमोहता के अनुसार हाल के दिनों में इंडिया VIX में करीब 29-30 फीसदी की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली, जो बाजार में अस्थिरता का संकेत है। इसके बावजूद भारतीय रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों का सीमित दायरे में रहना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
उनका कहना है कि इन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई है। खासकर पिछले दो कारोबारी सत्रों में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में शानदार रिकवरी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
बैंकिंग और NBFC सेक्टर पर सबसे ज्यादा भरोसा
चतुरमोहता का मानना है कि मौजूदा समय में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर सबसे मजबूत दिखाई दे रहे हैं। विशेष रूप से NBFC कंपनियों में लंबे समय से दबाव के बाद अब आकर्षक वैल्यूएशन देखने को मिल रहा है।
उनके मुताबिक इन क्षेत्रों पर निवेशकों की नजर रहनी चाहिए—
- गोल्ड लोन कंपनियां
- ऑटो फाइनेंस कंपनियां
- माइक्रोफाइनेंस संस्थान
इन कंपनियों के शेयरों में पहले अच्छी-खासी गिरावट आई थी, लेकिन अब इनमें रिकवरी की संभावनाएं मजबूत नजर आ रही हैं।
श्रीराम फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस पर नजर
आशीष चतुरमोहता ने कहा कि श्रीराम फाइनेंस करीब 2.2-2.3 गुना प्राइस-टू-बुक वैल्यू पर कारोबार कर रहा है, जबकि कंपनी 15-16 फीसदी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) दे रही है। ऐसे में यह शेयर उन्हें आकर्षक दिखाई देता है।
वहीं मणप्पुरम फाइनेंस ने गोल्ड सेक्टर में उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार नए उच्च स्तर बनाए हैं, जो सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है।
CDMO सेक्टर में भी बन सकते हैं बड़े मौके
एक्सपर्ट का मानना है कि फार्मा CDMO (Contract Development and Manufacturing Organization) स्पेस आने वाले वर्षों में शानदार प्रदर्शन कर सकता है।
भारत अब ग्लोबल फार्मा कंपनियों के लिए टैलेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के लिहाज से मजबूत विकल्प बन चुका है। ऐसे में इस सेक्टर की कई कंपनियां लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।
उन्होंने जिन कंपनियों का उल्लेख किया उनमें शामिल हैं—
- नवीन फ्लोरीन
- साई लाइफ
- लॉरस लैब्स
- एंथम
अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बुलिश नजरिया
आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्हें अदाणी एंटरप्राइजेज पर काफी भरोसा है। उनका मानना है कि कंपनी के संभावित डीमर्जर से बड़ी वैल्यू अनलॉकिंग देखने को मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि अदाणी एंटरप्राइजेज के भीतर डेटा सेंटर, एयरपोर्ट्स और कई उभरते हुए कारोबार मौजूद हैं। यदि इन बिजनेस का डीमर्जर होता है तो शेयरधारकों के लिए इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
अदाणी ग्रुप में किन शेयरों पर रखें नजर
एक्सपर्ट के मुताबिक पिछले तीन वर्षों तक अदाणी समूह के शेयरों पर दबाव बना रहा, लेकिन अब परिस्थितियां बदलती दिखाई दे रही हैं। शॉर्ट कवरिंग बढ़ रही है और निवेशकों की दिलचस्पी फिर से इस समूह के शेयरों में लौट रही है।
उन्होंने खास तौर पर इन शेयरों को बेहतर संभावनाओं वाला बताया—
- अदाणी एंटरप्राइजेज
- अदाणी पावर
- अदाणी पोर्ट्स
उनका कहना है कि अदाणी पावर अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे कंपनी की ग्रोथ को समर्थन मिल सकता है।
बाजार का मौजूदा रुख क्या कहता है?
दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स करीब 780 अंकों की बढ़त के साथ 77,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 24,200 के स्तर के आसपास बना रहा। बैंकिंग, आईटी, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए शेयरों और सेक्टरों पर राय संबंधित बाजार विशेषज्ञ की व्यक्तिगत राय है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


