IT Stocks Rally: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों की अगुवाई में शानदार तेजी देखने को मिली। TCS के उम्मीद से बेहतर जून तिमाही (Q1 FY27) नतीजों, अमेरिकी टेक शेयरों में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर दिखा और Infosys, HCL Technologies, Tech Mahindra तथा Wipro जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
Highlights
- TCS के बेहतर Q1 नतीजों से पूरे IT सेक्टर को मिला बड़ा बूस्ट।
- Infosys, HCL Tech, Tech Mahindra और Wipro में 2.5% से 4% तक की तेजी।
- अमेरिकी टेक शेयरों की मजबूती और कच्चे तेल में नरमी से बाजार को मिला सहारा।
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि अच्छे कॉर्पोरेट नतीजे आगे भी बाजार को सपोर्ट कर सकते हैं।
IT शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
पिछले कुछ दिनों से वैश्विक अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ था। लेकिन शुक्रवार को निवेशकों का रुख पूरी तरह बदल गया।
कारोबार की शुरुआत से ही खरीदारी का माहौल रहा और आईटी सेक्टर बाजार का सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बनकर उभरा। TCS के मजबूत तिमाही नतीजों ने पूरे सेक्टर के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल
सुबह कारोबार के दौरान BSE सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक चढ़कर करीब 77,540 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी लगभग 240 अंक की बढ़त के साथ 24,208 के ऊपर कारोबार करता नजर आया।
अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे, लेकिन सबसे ज्यादा चमक आईटी शेयरों में देखने को मिली।
इन IT शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
| कंपनी | शेयर में बढ़त |
|---|---|
| TCS | लगभग 4% |
| Infosys | 3.5% |
| Tech Mahindra | 3% |
| HCL Technologies | 3% |
| Wipro | 2.5% |
आखिर IT शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह क्या रही?
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण TCS के जून तिमाही के नतीजे रहे।
हालांकि कंपनी की आय लगभग स्थिर रही और कर्मचारियों के वेतन बढ़ने से मुनाफे पर कुछ दबाव दिखा, लेकिन मजबूत ऑर्डर बुक और AI कारोबार में लगातार बढ़त ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।
इसी सकारात्मक संकेत का असर पूरे आईटी सेक्टर पर देखने को मिला और Nifty IT Index कारोबार के दौरान 3% से अधिक उछल गया।
Nifty IT इंडेक्स ने दिखाई शानदार रिकवरी
शुक्रवार सुबह Nifty IT इंडेक्स करीब 28,439 के स्तर तक पहुंच गया, जो दिन के दौरान लगभग 3.5% की तेजी दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह है कि इंडेक्स ने 1 जुलाई 2026 को बनाए गए अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर से करीब 11% की रिकवरी कर ली है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे फिर लौट रहा है।
TCS को मिले मजबूत ऑर्डर
TCS के तिमाही नतीजों में सबसे सकारात्मक संकेत कंपनी की ऑर्डर बुक रही।
मुख्य बातें:
- कंपनी को तिमाही में 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर मिले।
- SKF से करीब 80 करोड़ डॉलर का AI आधारित बड़ा प्रोजेक्ट मिला।
- AI कारोबार का वार्षिक रन रेट बढ़कर 2.6 अरब डॉलर पहुंच गया।
- कंपनी ने AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए Anthropic और Mistral जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
ये आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक कंपनियां अभी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर लगातार निवेश कर रही हैं।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
ICICI Securities के अनुसार, AI के इस्तेमाल से काम करने की गति 10-15% तक बढ़ी है और इसका फायदा ग्राहकों को भी मिल रहा है। हालांकि मांग अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है, लेकिन AI आधारित कारोबार भविष्य की ग्रोथ का अहम आधार बन सकता है।
वहीं Systematix Institutional Research का मानना है कि TCS की मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले समय में कंपनी की आय को सहारा देगी। बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, लाइफ साइंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर से नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना बनी हुई है।
अमेरिकी टेक शेयरों का भी मिला सपोर्ट
भारतीय आईटी कंपनियों का बड़ा हिस्सा अमेरिका से कारोबार करता है। ऐसे में अमेरिकी बाजार में आई तेजी का सीधा असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखाई दिया।
गुरुवार को:
- Nasdaq करीब 1.3% चढ़ा।
- S&P 500 और Dow Jones भी मजबूती के साथ बंद हुए।
इस सकारात्मक माहौल ने भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शुक्रवार को आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
कच्चे तेल में नरमी से भी मिला सहारा
हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि अब कीमतें घटकर करीब 71-72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो इससे भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
क्या शुरू हो सकती है नई IT रैली?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि TCS के नतीजों ने पूरे आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। यदि आने वाले दिनों में Infosys, HCL Technologies, Wipro और Tech Mahindra जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो आईटी सेक्टर में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि वैश्विक मांग, अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और कॉर्पोरेट खर्च जैसे कारकों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी ब्रोकरेज रिपोर्ट और बाजार विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


