Stock Market Rally: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 10 जुलाई को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 846 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी एक बार फिर 24,200 के स्तर को पार करने में सफल रहा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी, TCS के मजबूत तिमाही नतीजे, एशियाई बाजारों की तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती ने बाजार की रफ्तार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
बाजार की शुरुआत ही रही शानदार
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन BSE सेंसेक्स 77,395.63 के स्तर पर बढ़त के साथ खुला और कुछ ही देर में 846.26 अंक चढ़कर 77,588.08 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया।
वहीं NSE निफ्टी 50 भी 24,124.70 पर खुला और कारोबार के दौरान 263.25 अंक की छलांग लगाकर 24,226.05 के उच्च स्तर तक पहुंच गया।
इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 238.22 अंक और निफ्टी 80.75 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार में तेजी के 6 बड़े कारण
1. TCS के शानदार नतीजों से IT शेयरों में जोरदार खरीदारी
बाजार की तेजी की सबसे बड़ी वजह TCS के अप्रैल-जून तिमाही के बेहतर नतीजे रहे।
- TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.61% बढ़कर ₹13,349 करोड़ रहा।
- कंपनी ने संकेत दिया कि पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित मांग में दूसरी तिमाही से सुधार की उम्मीद है।
- इसके बाद TCS के शेयरों में 3% से ज्यादा उछाल आया।
- नतीजतन निफ्टी IT इंडेक्स भी करीब 3% तक चढ़ गया।
आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लौटने से पूरे बाजार को मजबूती मिली।
2. अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद
गुरुवार को अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी है और दोनों पक्ष विवादों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इससे भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, जिसका सकारात्मक असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
3. एशियाई बाजारों से मिला मजबूत सपोर्ट
शुक्रवार को अधिकांश एशियाई बाजार बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
- दक्षिण कोरिया का Kospi 4% से अधिक चढ़ा।
- जापान का Nikkei 225 करीब 1.91% मजबूत हुआ।
- चीन का Shanghai SSE Composite 0.76% बढ़ा।
- हांगकांग का Hang Seng Index 1.73% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
इसके अलावा अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ।
4. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 76.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से—
- आयात लागत कम होती है,
- महंगाई पर दबाव घटता है,
- चालू खाते का घाटा नियंत्रित रहता है,
- और बाजार का भरोसा मजबूत होता है।
5. रुपये में मजबूती
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 15 पैसे मजबूत होकर 95.32 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने घरेलू मुद्रा को मजबूती दी। मजबूत रुपया भी विदेशी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
6. इंडिया VIX में गिरावट
बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला India VIX करीब 6% गिरकर 12.63 पर आ गया।
India VIX में गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों को निकट भविष्य में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका कम दिख रही है। इससे जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती है और बाजार में खरीदारी का माहौल बनता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं, कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


