Petrol-Diesel-LPG Price Today: जून 2026 के आखिरी दिन देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, दाम पहले से ही ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दूसरी ओर एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। ऐसे में वाहन चलाने से लेकर रसोई तक हर खर्च महंगा महसूस हो रहा है।
Highlights
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं।
- एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी कीमतों से घरेलू बजट पर असर।
- वाहन और रसोई दोनों का खर्च बढ़ने से आम आदमी परेशान।
- कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू कीमतों में राहत नहीं।
Petrol-Diesel Price Today: कीमतें स्थिर, लेकिन जेब पर बोझ बरकरार
नई दिल्ली: जून 2026 का आखिरी दिन पेट्रोल और डीजल उपभोक्ताओं के लिए किसी राहत की खबर लेकर नहीं आया। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को भी ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों का खर्च कम हो गया है। पिछले महीनों में हुई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
वाहन चलाने वाले लोगों के लिए हर दिन का ईंधन खर्च पहले की तुलना में अधिक है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई की लागत बढ़ने का असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.47 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| नोएडा | 102.08 | 95.56 |
| गुरुग्राम | 102.97 | 95.64 |
| लखनऊ | 102.08 | 95.36 |
| जयपुर | 113.35 | 98.61 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| चंडीगढ़ | 101.54 | 89.47 |
नोट: पेट्रोल-डीजल की कीमतें राज्य सरकारों के वैट और स्थानीय टैक्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
LPG सिलेंडर ने बढ़ाई रसोई की टेंशन
जहां पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं, वहीं एलपीजी सिलेंडर की कीमतों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में हालिया संशोधन के बाद रसोई का मासिक खर्च बढ़ गया है।
प्रमुख शहरों में LPG के दाम
| शहर | घरेलू LPG (14.2 Kg) | कमर्शियल LPG (19 Kg) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹945.00 | ₹3,113.50 |
| मुंबई | ₹944.50 | ₹3,067.50 |
| कोलकाता | ₹971.00 | ₹3,255.50 |
| चेन्नई | ₹960.50 | ₹3,283.00 |
कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे कारोबारियों की लागत भी बढ़ रही है। इसका असर आने वाले समय में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
आखिर क्यों नहीं मिल रही राहत?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिल रहा है, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं को तुरंत राहत नहीं मिल पाती। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता।
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी।
- केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स।
- डीलर कमीशन और परिवहन लागत।
- पहले हुई कीमतों में बढ़ोतरी का असर अभी भी बरकरार।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू ईंधन कीमतों में बदलाव केवल अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करता, बल्कि टैक्स संरचना और मुद्रा विनिमय दर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जून महीने में कैसा रहा ईंधन बाजार?
जून 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। हालांकि महीने के आखिर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन पहले हुई बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई।
इसी अवधि में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी संशोधन हुआ, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ गया।
आम आदमी पर क्या पड़ रहा है असर?
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की ऊंची कीमतों का असर सीधे लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
- निजी वाहन चलाने का खर्च लगातार बढ़ा हुआ है।
- घरेलू रसोई का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
- माल ढुलाई महंगी होने से कई उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं।
- छोटे कारोबारियों और होटल उद्योग की लागत में इजाफा हो रहा है।
- परिवारों के मासिक खर्च का संतुलन बिगड़ रहा है।
आगे क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार नरम रहती हैं और रुपये में मजबूती आती है, तो आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से किसी बड़ी कटौती के संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में निकट भविष्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रह सकती हैं।


