नई दिल्ली। अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने वैश्विक कंटेनर शिपिंग क्षेत्र में बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी ने मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) ग्रुप की यूनिट मुंडी लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत MSC की पोर्ट ऑपरेटिंग कंपनी Terminal Investment Limited (TiL), अदाणी विझिनजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) में 49% हिस्सेदारी खरीदेगी।
HighLights
- अदाणी पोर्ट्स ने मुंडी लिमिटेड के साथ रणनीतिक समझौता किया।
- MSC की टर्मिनल कंपनी TiL खरीदेगी विझिनजम पोर्ट में 49% हिस्सेदारी।
- करीब ₹13,000 करोड़ (1.4 अरब डॉलर) का निवेश होगा।
- डील के बाद भी 51% हिस्सेदारी अदाणी पोर्ट्स के पास रहेगी।
- भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन और ट्रांसशिपमेंट क्षमता को मिलेगा बड़ा फायदा।
इस निवेश की कुल कीमत 1.4 अरब डॉलर (करीब ₹13,000 करोड़) है। यह सौदा भारत के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे विझिनजम पोर्ट को वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
डील के बाद भी अदाणी के पास रहेगा नियंत्रण
कंपनी की ओर से दी गई नियामकीय जानकारी के अनुसार, इस ट्रांजैक्शन के पूरा होने के बाद भी अदाणी पोर्ट्स के पास 51% हिस्सेदारी बनी रहेगी। इसके साथ ही कंपनी के पास बोर्ड में बहुमत रहेगा और AVPPL, APSEZ की सब्सिडियरी कंपनी के रूप में कार्य करती रहेगी।
यह डील संबंधित नियामकीय मंजूरियों के बाद प्रभावी होगी।
कितनी है विझिनजम पोर्ट की वैल्यू?
इस निवेश के आधार पर अदाणी विझिनजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड का कुल एंटरप्राइज वैल्यू लगभग 2.85 अरब डॉलर आंका गया है। TiL द्वारा किया जा रहा निवेश इसी वैल्यूएशन के आधार पर 49% हिस्सेदारी के लिए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैल्यूएशन भारत के तेजी से उभरते पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसशिपमेंट बिजनेस की संभावनाओं को दर्शाता है।
दो चरणों में होगा निवेश
कंपनी ने बताया कि TiL का निवेश दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण में 539 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जाएगा, जिसके बदले TiL को 49% हिस्सेदारी मिलेगी।
दूसरे चरण में 858 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। यह राशि दिसंबर 2028 तक विझिनजम पोर्ट के विस्तार कार्य पूरे होने पर परियोजना के कर्ज और इक्विटी में हिस्सेदारी के रूप में लगाई जाएगी।
सप्लाई चेन को मिलेगा बड़ा फायदा
अदाणी पोर्ट्स के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि MSC के साथ उनकी साझेदारी पहले से मजबूत रही है और अब विझिनजम पोर्ट के अगले विकास चरण में यह सहयोग और भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
उनके अनुसार, इस साझेदारी से वैश्विक सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ेगी, भारत की समुद्री कनेक्टिविटी मजबूत होगी और देश की पहुंच विकसित तथा उभरते वैश्विक बाजारों तक और बेहतर बनेगी।
क्यों खास है विझिनजम पोर्ट?
केरल में स्थित विझिनजम इंटरनेशनल डीप-वॉटर सीपोर्ट भारत के सबसे आधुनिक ट्रांसशिपमेंट बंदरगाहों में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक गहराई है, जहां बड़े कंटेनर जहाज आसानी से आ-जा सकते हैं।
अब MSC ग्रुप की टर्मिनल कंपनी TiL के निवेश के बाद इस पोर्ट के जरिए भारत को अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कारोबार में बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ेगी और विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम हो सकती है।
MSC और TiL कौन हैं?
Mediterranean Shipping Company (MSC) दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में शामिल है। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड में स्थित है और यह दुनिया के सैकड़ों बंदरगाहों को जोड़ने वाला विशाल नेटवर्क संचालित करती है।
MSC की पोर्ट ऑपरेटिंग इकाई Terminal Investment Limited (TiL) दुनिया भर में कई प्रमुख कंटेनर टर्मिनलों का संचालन और विकास करती है। भारत में अदाणी पोर्ट्स के साथ यह साझेदारी उसके रणनीतिक विस्तार का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
यह डील अदाणी पोर्ट्स के लिए सिर्फ पूंजी जुटाने का माध्यम नहीं है, बल्कि एक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी भी है। इससे कंपनी को विश्व की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनियों में से एक का संचालन अनुभव और नेटवर्क मिलेगा।
यदि नियामकीय मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं और विस्तार परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में विझिनजम पोर्ट भारत के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसशिपमेंट केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे अदाणी पोर्ट्स की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.


