HighLights
- OYO ने ₹6,650 करोड़ के फ्रेश IPO के लिए SEBI में अपडेटेड DRHP दाखिल किया
- जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च होगा
- 9M FY26 में कंपनी ने ₹748 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया
नई दिल्ली। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी OYO ने आखिरकार शेयर बाजार में लिस्ट होने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है। कंपनी की पैरेंट कंपनी Prism (पूर्व में Oravel Stays) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ₹6,650 करोड़ के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल कर दिया है।
इस IPO की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पूरी तरह फ्रेश शेयर इश्यू होगा। यानी इस इश्यू में किसी भी मौजूदा निवेशक या प्रमोटर की ओर से Offer for Sale (OFS) नहीं किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि IPO से जुटाई गई पूरी राशि कंपनी के पास जाएगी, जिससे वह अपने बिजनेस को और मजबूत बना सकेगी।
पिछले साल शुरू हुई थी IPO की तैयारी
OYO ने दिसंबर 2025 में गोपनीय तरीके से SEBI के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल किया था। नियामक से मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी ने अपडेटेड DRHP सार्वजनिक रूप से फाइल कर दिया है। इससे साफ हो गया है कि कंपनी अब शेयर बाजार में लिस्टिंग की प्रक्रिया को अंतिम चरण तक ले जाना चाहती है।
कंपनी जरूरत पड़ने पर ₹1,330 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इस राशि को फ्रेश इश्यू के कुल आकार से घटा दिया जाएगा।
IPO से जुटाए गए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
IPO दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी इस इश्यू से मिलने वाली राशि का सबसे बड़ा हिस्सा अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी।
- ₹4,987.5 करोड़ कर्ज चुकाने या समय से पहले ऋण का भुगतान करने में खर्च किए जाएंगे।
- बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों, बिजनेस विस्तार और अन्य परिचालन जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कंपनी का मानना है कि कर्ज कम होने से भविष्य में ब्याज का खर्च घटेगा और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वित्तीय प्रदर्शन में दिखी मजबूत तेजी
OYO ने पिछले कुछ वर्षों में अपने बिजनेस मॉडल में कई बदलाव किए हैं, जिसका असर अब उसके वित्तीय प्रदर्शन में भी दिखाई दे रहा है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त FY26 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में कंपनी ने:
- ऑपरेशन से ₹6,941 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।
- ₹748 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) कमाया।
तुलना करें तो पूरे FY25 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹6,259 करोड़ था। यानी सिर्फ नौ महीनों में ही कंपनी पूरे पिछले वित्त वर्ष से अधिक राजस्व हासिल करने में सफल रही।
35 से अधिक देशों में फैला OYO का कारोबार
2012 में शुरू हुई OYO आज दुनिया की बड़ी हॉस्पिटैलिटी टेक कंपनियों में शामिल हो चुकी है।
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी:
- 35 से अधिक देशों में मौजूद है।
- 43 ब्रांड्स संचालित करती है।
- 24,303 होटल
- 1,24,668 घर (Homes)
- 1,44,583 लिस्टिंग
- भारत में 14,937 स्टोरफ्रंट संचालित कर रही है।
कंपनी के अनुसार, शुरुआत से अब तक 11.93 करोड़ (119.36 मिलियन) से अधिक यूनिक ग्राहकों ने OYO की सेवाओं का इस्तेमाल किया है। इनमें से लगभग 68% बुकिंग सीधे कंपनी के प्लेटफॉर्म के माध्यम से आई हैं, जिससे वितरण लागत कम रखने में मदद मिली है।
अब भारत नहीं, विदेशों से आती है सबसे ज्यादा कमाई
एक समय केवल भारतीय बजट होटल ब्रांड के रूप में पहचान रखने वाली OYO अब अंतरराष्ट्रीय बाजार पर अधिक निर्भर हो चुकी है।
9M FY26 के दौरान कंपनी की कुल आय का लगभग:
- 27% अमेरिका से
- 24% यूरोप से आया।
यानी कंपनी का करीब 84% राजस्व भारत के बाहर से हासिल हुआ।
अमेरिका में G6 Hospitality (जो Motel 6 और Studio 6 ब्रांड संचालित करती है) के अधिग्रहण के बाद OYO का अमेरिकी कारोबार तेजी से बढ़ा है और अब यह कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख आधार बन चुका है।
भारत में भी बढ़ा रही कंपनी-सर्विस होटल नेटवर्क
विदेशी विस्तार के साथ-साथ कंपनी भारत में अपने कंपनी-सर्विस होटल मॉडल को भी तेजी से बढ़ा रही है।
- 31 मार्च 2025 तक कंपनी के ऐसे 1,053 स्टोरफ्रंट थे।
- 31 दिसंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,573 हो गई।
कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहक अनुभव बेहतर होगा और ब्रांड की गुणवत्ता पर उसका नियंत्रण मजबूत बनेगा।
कौन हैं OYO के संस्थापक रितेश अग्रवाल?
OYO की स्थापना 2012 में रितेश अग्रवाल ने की थी। शुरुआत में कंपनी केवल बजट होटल एग्रीगेटर के रूप में काम करती थी, लेकिन समय के साथ उसने होटल, होमस्टे, वेकेशन रेंटल और सर्विस्ड अपार्टमेंट जैसे कई सेगमेंट में विस्तार किया।
सिर्फ 32 वर्ष की उम्र में रितेश अग्रवाल Hurun Global Rich List 2026 में शामिल हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी अनुमानित नेटवर्थ ₹18,402 करोड़ है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम बात?
OYO का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू आधारित है, इसलिए इससे जुटाई गई पूंजी सीधे कंपनी को मिलेगी। कंपनी का फोकस कर्ज कम करने, वैश्विक विस्तार और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर है। हालांकि, IPO में निवेश का फैसला लेने से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, जोखिमों और वैल्यूएशन का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी IPO या शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


