नई दिल्ली: अभिनेता और टीवी होस्ट शेखर सुमन का नया कॉमेडी शो ‘शेखर टुनाइट’ (Shekhar Tonite) इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। शो में समसामयिक मुद्दों पर उनका व्यंग्यात्मक अंदाज दर्शकों को पसंद आ रहा है। इस बार उन्होंने भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Adviser) वी. अनंत नागेश्वरन के हालिया बयान पर ऐसा कटाक्ष किया कि उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
Highlights
- CEA के स्किल डेवलपमेंट वाले बयान पर शेखर सुमन का व्यंग्य।
- पेपर लीक और चढ़ावे की चोरी को लेकर किया तंज।
- सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल।
- कई यूजर्स ने CEA के बयान का भी किया समर्थन।
क्या कहा था मुख्य आर्थिक सलाहकार ने?
कुछ दिन पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने रोजगार और बदलते जॉब मार्केट पर अपनी राय रखते हुए कहा था कि अब केवल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस या MBA जैसी डिग्रियों पर निर्भर रहने का दौर धीरे-धीरे बदल रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के कारण आने वाले समय में कारपेंटर, प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर और अन्य ट्रेड स्किल्स की मांग लगातार बढ़ेगी। उनका मानना था कि इन क्षेत्रों में इंसानी कौशल की जरूरत बनी रहेगी और तकनीक इन्हें पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं कर पाएगी।
शेखर सुमन ने व्यंग्य में दिया जवाब
Modi Ji, Shekhar Tonite me Shekhar Suman Full form me Hai, watch this video. 😂😁😁
Carpenter, Plumber, Welders, Paper leaks. pic.twitter.com/7Wcsj1QZON
— VIcky (@Raga_No1) June 28, 2026 अपने शो ‘शेखर टुनाइट’ में शेखर सुमन ने इसी बयान को आधार बनाते हुए राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तीखा व्यंग्य किया।
उन्होंने कहा,
“आपने बिल्कुल सही कहा सर। वैसे भी अर्थव्यवस्था की टूटी हुई नैया को रिपेयर करने के लिए अच्छे कारपेंटर, दान पेटियों से चढ़ावे की चोरियां रोकने के लिए अच्छे वेल्डर्स और एग्जाम पेपर्स के लीक को रोकने के लिए अच्छे प्लम्बर्स की जरूरत तो है।”
उनका यह संवाद दर्शकों के बीच खूब पसंद किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।
किन मुद्दों पर था इशारा?
शेखर सुमन का यह व्यंग्य कई हालिया घटनाओं की ओर इशारा करता है। उन्होंने अपने संवाद के जरिए देश में चर्चा का विषय बने मुद्दों जैसे—
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक,
- मंदिरों में चढ़ावे की चोरी,
- और अर्थव्यवस्था को लेकर चल रही बहस
पर अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी की। यही वजह है कि उनका यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कई यूजर्स ने शेखर सुमन के व्यंग्य की तारीफ करते हुए इसे वर्तमान हालात पर सटीक टिप्पणी बताया।
हालांकि कुछ लोगों ने मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान का समर्थन भी किया। एक यूजर सुमन कुमार अग्रवाल ने लिखा,
“CEA ने बिल्कुल सही कहा है। हर किसी को कॉर्पोरेट नौकरी नहीं मिल सकती। अगर ऐसा होता तो आईआईटी और पॉलिटेक्निक संस्थानों का क्या महत्व रह जाता? देश में अच्छे मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर और प्लम्बर की भारी कमी है।”
स्किल डेवलपमेंट पर फिर शुरू हुई बहस
इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर देश में स्किल-बेस्ड एजुकेशन बनाम डिग्री आधारित रोजगार को लेकर बहस तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI के दौर में पारंपरिक नौकरियों की प्रकृति बदल रही है। ऐसे में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल (Vocational Skills) रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
वहीं आलोचकों का कहना है कि सरकार को रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
शेखर सुमन ने अपने कॉमिक अंदाज में गंभीर मुद्दों को उठाने की कोशिश की है। उनका व्यंग्य लोगों को हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करता है। दूसरी ओर, मुख्य आर्थिक सलाहकार का बयान देश में स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों को समर्थन मिल रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बना रहेगा।


