नई दिल्ली। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। पिछले एक सप्ताह में कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार सोना करीब ₹2,800 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹10,600 प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो गई है। ऐसे में ज्वेलरी खरीदने वालों और निवेशकों के लिए यह एक शानदार अवसर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त टिप्पणी और डॉलर की मजबूती ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट को खरीदारी का मौका माना जा सकता है।
एक हफ्ते में कितना सस्ता हुआ सोना?
आईबीजेए के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत इस सप्ताह ₹2,830 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,44,970 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। पिछले सप्ताह यह कीमत ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम थी।
वहीं अन्य शुद्धता वाले सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
आज का सोने का भाव
| शुद्धता | वर्तमान भाव (प्रति 10 ग्राम) | पिछले सप्ताह |
|---|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,44,970 | ₹1,47,800 |
| 22 कैरेट | ₹1,32,793 | ₹1,35,385 |
| 18 कैरेट | ₹1,08,728 | ₹1,10,850 |
इस सप्ताह सोने का सबसे ऊंचा स्तर 16 जून को सुबह के सत्र में ₹1,50,663 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। वहीं सबसे निचला स्तर 19 जून की शाम को ₹1,44,361 प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी में आई बड़ी गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। पिछले एक सप्ताह में चांदी ₹10,609 प्रति किलोग्राम टूट गई।
आज का चांदी का भाव
| धातु | वर्तमान भाव |
|---|---|
| चांदी | ₹2,31,973 प्रति किलो |
पिछले सप्ताह चांदी का भाव ₹2,42,582 प्रति किलो था।
इस सप्ताह चांदी का उच्चतम स्तर 15 जून को ₹2,51,488 प्रति किलो दर्ज किया गया था जबकि न्यूनतम स्तर 19 जून को ₹2,30,982 प्रति किलो रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में ज्यादा होता है क्योंकि इसका उपयोग निवेश के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।
आखिर क्यों टूटे सोने-चांदी के दाम?
बुलियन बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं।
सबसे पहला कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त नीति है। बाजार में यह आशंका बढ़ी है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।
जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट से पैसा निकालकर बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों में निवेश करने लगते हैं। इससे सोने की मांग घटती है और कीमतों पर दबाव आता है।
दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की बदलती रणनीतियां भी कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का कारण बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है हाल?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में हैं।
जानकारों के अनुसार वैश्विक बाजार में सोना करीब 4,170 डॉलर प्रति औंस और चांदी लगभग 64 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
हालांकि मध्य पूर्व की स्थिति, अमेरिका की आर्थिक नीतियां और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी आने वाले महीनों में कीमतों की दिशा तय कर सकती हैं।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर साबित हो सकती है।
भारत में शादी-ब्याह का सीजन आने वाला है और त्योहारों का दौर भी शुरू होने वाला है। ऐसे में घरेलू मांग बढ़ने पर सोने और चांदी की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
जो लोग ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं या SIP की तरह धीरे-धीरे गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं, वे इस गिरावट का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि एकमुश्त बड़ी खरीदारी से पहले बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- सोने में चरणबद्ध निवेश करें।
- केवल गिरावट देखकर पूरी रकम निवेश न करें।
- ज्वेलरी की बजाय गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार करें।
- चांदी में निवेश करते समय अधिक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें।
- लंबी अवधि का नजरिया रखें।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
विश्लेषकों के अनुसार अगर अमेरिकी डॉलर और मजबूत होता है तथा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रहता है तो सोना और चांदी कुछ समय तक दबाव में रह सकते हैं। लेकिन वैश्विक तनाव बढ़ने या केंद्रीय बैंकों की खरीदारी तेज होने पर कीमतों में फिर तेजी लौट सकती है।
फिलहाल बाजार में आई इस बड़ी गिरावट ने ग्राहकों और निवेशकों दोनों को राहत दी है। जो लोग लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह मौका काफी आकर्षक साबित हो सकता है।


