नई दिल्ली। टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑप्टिकल फाइबर समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी HFCL लिमिटेड को बड़ा कारोबारी झटका नहीं, बल्कि बड़ी सफलता मिली है। कंपनी को रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतनेट फेज-III परियोजना के तहत करीब ₹2,666.09 करोड़ का नया कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ है। इस ऑर्डर के बाद कंपनी के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश (पश्चिम) टेलीकॉम सर्कल में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए शुरू किया जाएगा। इस बड़े अनुबंध से HFCL की ऑर्डर बुक और भविष्य की आय को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Highlights
- HFCL को RVNL से ₹2,666.09 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला।
- भारतनेट फेज-III परियोजना के तहत यूपी वेस्ट में होगा काम।
- ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क निर्माण और 10 साल का रखरखाव शामिल।
- प्रोजेक्ट में Capex और Opex दोनों घटक शामिल।
- कंपनी की ऑर्डर बुक और राजस्व दृश्यता को मिलेगा फायदा।
यूपी वेस्ट में डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
HFCL ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह अनुबंध भारतनेट फेज-III कार्यक्रम का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत कंपनी को टेलीकॉम उपकरणों की आपूर्ति, इंस्टॉलेशन और ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क का निर्माण करना होगा। इसके अलावा नेटवर्क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी के पास रहेगी।
सरकार की भारतनेट योजना का उद्देश्य देश के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस परियोजना का विस्तार डिजिटल इंडिया मिशन को नई गति दे सकता है।
क्या-क्या काम करेगी HFCL?
इस प्रोजेक्ट के तहत HFCL को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
- टेलीकॉम उपकरणों की सप्लाई और इंस्टॉलेशन
- ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क का निर्माण
- नेटवर्क इंटीग्रेशन और कमिशनिंग
- 10 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव (O&M)
- वारंटी और तकनीकी सहायता प्रदान करना
कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट
कॉन्ट्रैक्ट को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में नेटवर्क का निर्माण और कार्यान्वयन किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में लंबे समय तक इसका संचालन और रखरखाव किया जाएगा।
पहले दो वर्षों में परियोजना का कार्यान्वयन पूरा किया जाएगा। इसके बाद अगले 10 वर्षों तक HFCL नेटवर्क की निगरानी, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी।
कॉन्ट्रैक्ट की प्रमुख जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ऑर्डर देने वाली संस्था | RVNL |
| कुल प्रोजेक्ट वैल्यू | ₹2,666.09 करोड़ |
| Capex | ₹1,192.82 करोड़ |
| Opex | ₹1,473.27 करोड़ |
| परियोजना | भारतनेट फेज-III (यूपी वेस्ट) |
| कार्यान्वयन अवधि | 2 वर्ष |
| रखरखाव अवधि | 10 वर्ष |
| वारंटी | 1 वर्ष शामिल |
पहले भी मिल चुका है बड़ा ऑर्डर
HFCL के लिए यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी कंपनी को RVNL से उत्तर प्रदेश (पूर्व) और उत्तर प्रदेश (पश्चिम) क्षेत्रों के लिए लगभग ₹2,167.65 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला था।
नया ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी की टेलीकॉम नेटवर्किंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मौजूदगी और मजबूत हो गई है। लगातार बड़े सरकारी प्रोजेक्ट हासिल करने से कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाएं बेहतर दिखाई दे रही हैं।
शेयर पर क्यों रहेगी नजर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बड़े और दीर्घकालिक अनुबंध किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की राजस्व दृश्यता को बढ़ाते हैं। चूंकि इस परियोजना में 10 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव का हिस्सा भी शामिल है, इसलिए HFCL को लंबे समय तक स्थिर आय मिलने की संभावना बनती है।
हालांकि, निवेशकों को कंपनी की परियोजना निष्पादन क्षमता, मार्जिन और भविष्य की ऑर्डर बुक पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


