भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी आईटी सेक्टर में देखने को मिली, जिसके चलते निफ्टी और सेंसेक्स दोनों पर दबाव बना रहा। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रही, जिससे व्यापक बाजार में मजबूती का संकेत मिला।
हाईलाइट्स
- आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव।
- निफ्टी 154 अंक और सेंसेक्स 607 अंक गिरकर बंद।
- निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.65% टूटकर सबसे बड़ा लूजर रहा।
- मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मजबूती बनी रही।
- एक्सपर्ट ने निफ्टी के लिए 23,800 को अहम सपोर्ट बताया।
बाजार लाल निशान में बंद
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ।
दिनभर बाजार में दबाव का मुख्य कारण आईटी शेयरों में तेज बिकवाली रहा। वैश्विक स्तर पर टेक सेक्टर से जुड़े संकेत कमजोर रहने और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
निफ्टी आईटी बना सबसे बड़ा लूजर
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.65 प्रतिशत गिरकर दिन का सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस, रियल्टी, सर्विसेज, पीएसयू बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कमोडिटीज इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर हेल्थकेयर, फार्मा, डिफेंस, एनर्जी, इंफ्रा, मीडिया, मेटल और कंजम्प्शन सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। इससे स्पष्ट है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा सेक्टरों में अवसर तलाश रहे हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दिखी मजबूती
लार्जकैप शेयरों में कमजोरी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 138.05 अंक बढ़कर 62,517.30 पर बंद हुआ।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 78.85 अंक की बढ़त के साथ 18,784.45 पर पहुंच गया।
यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता अभी भी बनी हुई है।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर
इटरनल, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाइटन, आईटीसी, सन फार्मा, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और इंडिगो के शेयरों में तेजी रही।
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, एसबीआई, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और बीईएल के शेयर दबाव में रहे।
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट के अनुसार, निफ्टी 177 अंकों के गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। कारोबार के अंतिम घंटों में खरीदारी लौटने से इंडेक्स ने दिन की गिरावट का कुछ हिस्सा रिकवर किया।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल यह गिरावट एक सामान्य करेक्शन की तरह दिखाई दे रही है और इससे बाजार के शॉर्ट-टर्म अपट्रेंड पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
निफ्टी के लिए कहां है अगला सपोर्ट?
तकनीकी चार्ट पर निफ्टी ने एक छोटी हरी कैंडल बनाई है, जो निचले स्तरों पर खरीदारी की मौजूदगी का संकेत देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- 24,150 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
- 23,800 का स्तर तत्काल और महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
- यदि निफ्टी 23,800 के ऊपर टिकता है तो आने वाले सत्रों में 24,150 के स्तर को दोबारा पार करने की कोशिश कर सकता है।
रुपये पर भी दिख रही मजबूती
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक, एशियाई मुद्राओं की तुलना में भारतीय रुपया बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रुपये को समर्थन मिल रहा है।
उनके अनुसार, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण रुपया आने वाले समय में और मजबूत हो सकता है। तकनीकी रूप से USD/INR स्पॉट रेट फिलहाल 94.10 के सपोर्ट और 94.90 के रेजिस्टेंस के बीच कारोबार कर रहा है।
निष्कर्ष
शुक्रवार का कारोबारी सत्र आईटी शेयरों के लिए कमजोर रहा, जिसने पूरे बाजार को नीचे खींचा। हालांकि मिडकैप, स्मॉलकैप, फार्मा और डिफेंस जैसे सेक्टरों में मजबूती बनी हुई है। तकनीकी संकेत बताते हैं कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार की शॉर्ट-टर्म तेजी की संरचना कायम रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


