नई दिल्ली: ट्रेन टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट हैंग होना, कैप्चा की परेशानी, ओटीपी में देरी और तत्काल टिकट खुलते ही सर्वर स्लो पड़ जाना भारतीय रेल यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायतों में शामिल रहा है। अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए रेल मंत्रालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की नई और अधिक सक्षम वेबसाइट 15 जुलाई 2026 तक लॉन्च कर दी जाएगी।
यह घोषणा राजस्थान के जयपुर स्थित मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान की गई। कार्यक्रम में एक छात्रा ने IRCTC की मौजूदा वेबसाइट पर आने वाली समस्याओं का मुद्दा उठाया। इसके बाद रेल मंत्री ने अधिकारियों से बातचीत करते हुए नई वेबसाइट को जल्द लॉन्च करने का आश्वासन दिया।
नई IRCTC वेबसाइट से यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
IRCTC भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। वर्तमान समय में देश में होने वाली कुल आरक्षित टिकट बुकिंग का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से होता है। हर दिन लाखों यात्री इस वेबसाइट और मोबाइल ऐप का उपयोग करके टिकट बुक करते हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी समस्या का सीधा असर यात्रियों पर पड़ता है।
मौजूदा वेबसाइट पर सबसे अधिक दबाव सुबह 8 बजे पड़ता है, जब दो महीने बाद की यात्रा के लिए आरक्षण खुलता है। इसके अलावा सुबह 10 बजे एसी तत्काल और 11 बजे नॉन-एसी तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होने के दौरान भी वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आता है। कई बार सर्वर धीमा पड़ जाता है या लॉगिन और भुगतान प्रक्रिया में देरी होने लगती है।
यात्रियों की शिकायत रही है कि टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार कैप्चा भरना पड़ता है। इसके अलावा ओटीपी प्राप्त करने में लगने वाला समय भी कंफर्म टिकट मिलने की संभावना को प्रभावित करता है। कई बार यात्री सभी औपचारिकताएं पूरी करते-करते वेटिंग लिस्ट में पहुंच जाते हैं जबकि कुछ मिनट पहले सीट उपलब्ध होती है।
रेल मंत्रालय का मानना है कि नई वेबसाइट अधिक ट्रैफिक संभालने में सक्षम होगी। उम्मीद की जा रही है कि इसमें आधुनिक सर्वर तकनीक, तेज लॉगिन सिस्टम और बेहतर यूजर इंटरफेस शामिल किया जाएगा। इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वेबसाइट की प्रोसेसिंग स्पीड बढ़ती है और सर्वर क्षमता मजबूत होती है तो तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को बड़ा लाभ मिल सकता है। हालांकि केवल वेबसाइट बदलने से कंफर्म टिकट की गारंटी नहीं मिलेगी क्योंकि सीटों की उपलब्धता अभी भी मांग और आपूर्ति पर निर्भर करेगी। लेकिन तेज और स्थिर प्लेटफॉर्म के कारण टिकट बुकिंग की सफलता दर में सुधार संभव है।
IRCTC ने वर्ष 2002 में ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। शुरुआती वर्षों में जहां प्रतिदिन कुछ सौ टिकट ही ऑनलाइन बुक होते थे, वहीं आज यह संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। डिजिटल भुगतान और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के कारण ऑनलाइन टिकट बुकिंग रेलवे की मुख्य व्यवस्था बन गई है।
रेल मंत्रालय लगातार रेलवे सेवाओं के डिजिटलीकरण पर काम कर रहा है। हाल के वर्षों में वंदे भारत ट्रेनों, डिजिटल रिजर्वेशन सिस्टम, स्टेशन आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में तकनीकी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है। नई IRCTC वेबसाइट भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यदि निर्धारित समय के अनुसार 15 जुलाई तक नई वेबसाइट लॉन्च होती है तो करोड़ों रेलवे यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान बेहतर अनुभव मिल सकता है। खासतौर पर तत्काल टिकट बुक करने वाले यात्रियों को इससे सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।


