नई दिल्ली: अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड की सहायक कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है। ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च (Emkay Research) ने कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹350 का टार्गेट प्राइस दिया है। मौजूदा बाजार भाव करीब ₹265 के मुकाबले यह लगभग 32% का संभावित अपसाइड दर्शाता है।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि सकारात्मक रिपोर्ट और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद शेयर में बिकवाली देखने को मिली। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह गिरावट मुनाफावसूली है या निवेशकों की कोई बड़ी चिंता?
एमके रिसर्च ने क्यों जताया भरोसा?
ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में हिंदुस्तान जिंक ने उम्मीदों के अनुरूप शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी को जिंक और चांदी की बेहतर कीमतों, रिकॉर्ड उत्पादन और लागत नियंत्रण का फायदा मिला।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, नेट कैश की स्थिति और चांदी की ऊंची कीमतें आने वाले समय में शेयर के लिए सकारात्मक साबित हो सकती हैं।
₹350 का टार्गेट, करीब 32% तक रिटर्न की संभावना

एमके रिसर्च ने हिंदुस्तान जिंक के शेयर पर BUY रेटिंग देते हुए ₹350 का लक्ष्य तय किया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक यदि कंपनी इसी तरह मजबूत परिचालन प्रदर्शन जारी रखती है तो निवेशकों को मौजूदा स्तरों से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
Q1 में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन?
हिंदुस्तान जिंक ने पहली तिमाही में कई अहम मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया।
प्रमुख वित्तीय आंकड़े
- EBITDA: ₹80.7 अरब
- EBITDA Margin: 62%
- शुद्ध लाभ (PAT): ₹54.7 अरब
- पिछली तिमाही का PAT: ₹50.3 अरब
कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी की प्रमुख वजहें रहीं—
- जिंक की बेहतर कीमतें
- चांदी के दाम में मजबूती
- रुपये का अवमूल्यन (INR Depreciation)
- उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
रिकॉर्ड उत्पादन ने बढ़ाया भरोसा
हिंदुस्तान जिंक ने इस तिमाही में अब तक का सबसे अधिक 268 हजार टन (kt) माइंड मेटल उत्पादन दर्ज किया।
वहीं,
- रिफाइंड मेटल उत्पादन: 260 kt
- सालाना आधार (YoY) पर वृद्धि: 4%
उत्पादन में यह बढ़ोतरी कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत दिखाती है।
लागत में बड़ी कमी
कंपनी ने उत्पादन लागत पर भी बेहतर नियंत्रण दिखाया।
- जिंक उत्पादन लागत (Cost of Production): 851 डॉलर प्रति टन
यह अंडरग्राउंड ट्रांजिशन के बाद कंपनी का अब तक का सबसे कम लागत स्तर माना जा रहा है।
कम लागत का सीधा फायदा भविष्य के मुनाफे पर पड़ सकता है।
FY27 के लिए कंपनी का लक्ष्य
मैनेजमेंट ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए अपना गाइडेंस बरकरार रखा है।
कंपनी के प्रमुख लक्ष्य
- रिफाइंड मेटल उत्पादन: 1.1 मिलियन टन
- चांदी उत्पादन: 680 टन
यदि कंपनी इन लक्ष्यों को हासिल करती है तो आने वाली तिमाहियों में भी मजबूत प्रदर्शन जारी रह सकता है।
फिर भी शेयरों में बिकवाली क्यों?
जहां एक ओर ब्रोकरेज BUY की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार में बिकवाली का दबाव भी देखने को मिला।
एनएसई के उपलब्ध ट्रेडिंग आंकड़ों के अनुसार खबर लिखे जाने तक—
- खरीदे गए शेयर: 3,30,977
- बेचे गए शेयर: 7,92,836
यानी खरीदारी की तुलना में बिक्री के ऑर्डर कहीं ज्यादा रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली
- अल्पकालिक ट्रेडर्स की बिकवाली
- बाजार में समग्र कमजोरी
- निवेशकों का सावधानीपूर्ण रुख
हालांकि लंबी अवधि के निवेशक आमतौर पर कंपनी के फंडामेंटल और भविष्य की कमाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
क्या निवेशकों को इस शेयर पर नजर रखनी चाहिए?
हिंदुस्तान जिंक मजबूत कैश फ्लो, रिकॉर्ड उत्पादन, बेहतर मार्जिन और कम लागत के कारण मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में बनी हुई है। यदि जिंक और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मजबूती बनी रहती है और कंपनी अपने उत्पादन लक्ष्य हासिल करती है, तो ब्रोकरेज का सकारात्मक दृष्टिकोण आगे भी बरकरार रह सकता है।
हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है और किसी भी निवेश का निर्णय अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय के आधार पर ही लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


