Foreign Job Fraud: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर भारतीयों के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। संसद के मॉनसून सत्र में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच विदेश में नौकरी के नाम पर हुई गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 58 विदेशी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट (Prior Approval Category) में डाला गया है। इसके अलावा 9 भारतीय रिक्रूटिंग एजेंसियों (Recruiting Agencies) का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी निलंबित कर दिया गया है।
Highlights
- 2021 से 2026 के बीच 58 विदेशी कंपनियां ब्लैकलिस्ट की गईं।
- 9 रिक्रूटिंग एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया गया।
- विदेश में अलग काम दिए जाने (Job Substitution) की 131 शिकायतें दर्ज हुईं।
- ECR पासपोर्ट धारकों के लिए eMigrate पोर्टल पर प्रक्रिया अनिवार्य।
- प्रवासी भारतीय बीमा योजना के तहत ₹10 लाख तक का बीमा कवर मिलता है।
संसद में उठा विदेश में नौकरी धोखाधड़ी का मुद्दा
लोकसभा के मॉनसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद बिजेंद्र सिंह ओला ने विदेशों में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि सरकार नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और विदेश पहुंचने के बाद अलग काम दिए जाने जैसी समस्याओं को रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि क्या विदेश जाने वाले प्रत्येक भारतीय श्रमिक का संबंधित देश में भारतीय दूतावास या उच्चायोग में अनिवार्य पंजीकरण कराया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्या बताया?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में बताया कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच विदेशों में भारतीय श्रमिकों को तय नौकरी की बजाय दूसरा काम दिए जाने यानी Job Substitution से जुड़े 131 मामले सामने आए।
इन शिकायतों की जांच के बाद सरकार ने:
- 9 भारतीय रिक्रूटिंग एजेंसियों का लाइसेंस सस्पेंड किया।
- 58 विदेशी नियोक्ताओं (Employers) को Prior Approval Category (PAC) में डाल दिया।
PAC में शामिल कंपनियां भारत से श्रमिकों की भर्ती बिना सरकार की मंजूरी के नहीं कर सकतीं।
विदेश में नौकरी के लिए कौन-सा कानून लागू होता है?
विदेश जाने वाले भारतीय श्रमिकों, विशेष रूप से ECR (Emigration Check Required) पासपोर्ट धारकों की सुरक्षा Emigration Act, 1983 के तहत की जाती है।
सरकार के अनुसार:
- विदेशी कंपनी को भारतीय श्रमिकों की भर्ती से पहले eMigrate पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
- भर्ती से पहले विदेशी नियोक्ता, भारतीय रिक्रूटिंग एजेंसी और श्रमिक के बीच लिखित रोजगार अनुबंध (Employment Contract) होना जरूरी है।
- यदि कंपनी अनुबंध का उल्लंघन करती है तो Protector General of Emigrants कार्रवाई करता है।
धोखाधड़ी करने वालों पर क्या होती है कार्रवाई?
यदि जांच में भारतीय रिक्रूटिंग एजेंसी दोषी पाई जाती है तो:
- उसका लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया जाता है।
- बैंक गारंटी जब्त कर ली जाती है।
वहीं विदेशी कंपनी के दोषी पाए जाने पर उसे Prior Approval Category (PAC) में डाल दिया जाता है, जिससे भविष्य में भारतीय श्रमिकों की भर्ती पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।
सरकार के अनुसार यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर और जॉर्डन सहित कई देशों की कंपनियों पर यह कार्रवाई की जा चुकी है।
विदेश जाने वाली महिलाओं के लिए विशेष नियम
सरकार ने महिला प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी अलग प्रावधान किए हैं।
मुख्य नियम:
- ECR पासपोर्ट धारक महिला की आयु कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिए।
- नर्सों को छोड़कर 30 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को घरेलू या कम कौशल वाले कार्यों के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं है।
- महिलाओं की भर्ती केवल सरकारी एजेंसियों या प्रत्यक्ष विदेशी नियोक्ता के माध्यम से ही हो सकती है।
- महिला श्रमिक रखने वाली विदेशी कंपनी को भारतीय दूतावास में 2,500 अमेरिकी डॉलर की वित्तीय गारंटी जमा करनी होती है।
प्रवासी भारतीय बीमा योजना में क्या मिलता है?
सरकार ने बताया कि ECR देशों में जाने वाले सभी ECR पासपोर्ट धारकों के लिए प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) लेना अनिवार्य है।
बीमा योजना की प्रमुख बातें:
- 2 वर्ष का प्रीमियम: ₹275
- 3 वर्ष का प्रीमियम: ₹375
- दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹10 लाख तक का बीमा कवर
सरकार के अनुसार 2006 से मार्च 2026 तक 87,10,423 से अधिक बीमा पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं।
विदेश में परेशानी होने पर कहां करें शिकायत?
विदेश में फंसे या परेशान भारतीय नागरिक और श्रमिक निम्न माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं:
- MADAD पोर्टल
- CPGRAMS
- eMigrate पोर्टल
- भारतीय दूतावास का 24×7 हेल्पलाइन नंबर
- व्हाट्सऐप
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि विदेश जाने से पहले संबंधित देश के भारतीय दूतावास या उच्चायोग में अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
सरकार का संदेश
विदेश में बेहतर रोजगार के अवसर तलाशने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत रिक्रूटिंग एजेंसियों और eMigrate पोर्टल के माध्यम से ही विदेश जाने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। इससे नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी, जॉब सब्स्टीट्यूशन और मानव तस्करी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।


