Petrol Diesel Price Today
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का दौर जारी है, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं को अभी भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली है। सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार, 5 जून 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से जारी कीमतों के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हालांकि वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल है कि जब कच्चा तेल सस्ता हो रहा है तो पेट्रोल और डीजल के दाम कम क्यों नहीं हो रहे हैं।
11 दिनों में चार बार बढ़ चुके हैं दाम
पेट्रोलियम कंपनियों ने मई महीने के दौरान कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की थी। विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था।
इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे बढ़ाया गया। फिर 23 मई को दोबारा समान बढ़ोतरी की गई। 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया। इस तरह केवल 11 दिनों के भीतर चार बार हुई बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं का बजट प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने तेल कंपनियों की लागत बढ़ा दी थी, जिसके कारण घरेलू कीमतों में भी इजाफा किया गया।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
इन आंकड़ों से साफ है कि देश के कई शहरों में पेट्रोल अभी भी 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है। भोपाल और कोलकाता जैसे शहरों में कीमतें सबसे ज्यादा बनी हुई हैं।
क्रूड ऑयल में नरमी क्यों आई?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 95.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसमें लगभग 2.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 92.85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं। साथ ही निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की है, जिसके कारण कीमतों में नरमी दिखाई दी।
हालांकि भारतीय तेल कंपनियों के लिए केवल ब्रेंट क्रूड की कीमत ही मायने नहीं रखती। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, शिपिंग लागत, बीमा खर्च, रिफाइनिंग मार्जिन और करों का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है।
इंडियन बास्केट क्रूड क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए सरकार और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड से ज्यादा इंडियन बास्केट क्रूड पर नजर रखती हैं।
शुक्रवार को इंडियन बास्केट क्रूड लगभग 100.10 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा। यानी इसमें कोई खास गिरावट नहीं आई। यही वजह है कि तेल कंपनियों ने घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देने का फैसला नहीं किया।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार यदि इंडियन बास्केट क्रूड लगातार कई दिनों तक नीचे रहता है तभी कीमतों में कटौती की संभावना बन सकती है।
पेट्रोल और डीजल तुरंत सस्ते क्यों नहीं होते?
यह एक ऐसा सवाल है जो हर बार कच्चा तेल सस्ता होने पर पूछा जाता है। वास्तव में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना केवल एक दिन के क्रूड रेट के आधार पर तय नहीं होतीं।
तेल कंपनियां औसत आयात लागत, विदेशी मुद्रा विनिमय दर, करों और परिचालन खर्चों को ध्यान में रखती हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है, तभी उसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंच पाता है।
यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक-दो दिन की गिरावट का असर तुरंत पेट्रोल पंपों पर दिखाई नहीं देता।
आम लोगों पर क्या पड़ रहा है असर?
पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। डीजल देश के माल परिवहन नेटवर्क का प्रमुख ईंधन है। ट्रकों, बसों और मालवाहक वाहनों की लागत बढ़ने से वस्तुओं की ढुलाई महंगी हो जाती है।
फल, सब्जियां, खाद्यान्न, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि ईंधन की कीमतों को महंगाई का एक प्रमुख कारक माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो खुदरा महंगाई पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में तेल बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। यदि आपूर्ति संबंधी जोखिम बढ़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकती हैं।
वहीं यदि वैश्विक तनाव कम होता है और उत्पादन बढ़ता है तो कीमतों में और नरमी आ सकती है। ऐसी स्थिति में भारतीय उपभोक्ताओं को भी कुछ राहत मिलने की संभावना बनेगी।
फिलहाल तेल कंपनियों ने किसी नई कटौती या बढ़ोतरी का संकेत नहीं दिया है, इसलिए उपभोक्ताओं को मौजूदा कीमतों के साथ ही आगे बढ़ना होगा।
ऐसे चेक करें अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट
पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। उपभोक्ता SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा रेट जान सकते हैं।
इंडियन ऑयल ग्राहक RSP लिखकर स्पेस के बाद शहर का कोड 9224992249 पर भेज सकते हैं। BPCL ग्राहक 9223112222 पर और HPCL ग्राहक HPPRICE लिखकर 9222201122 पर संदेश भेज सकते हैं।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली है। इंडियन बास्केट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है और यही वजह है कि तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेगी कि भारतीय उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी या नहीं।
FAQ
प्रश्न: आज दिल्ली में पेट्रोल कितना है?
उत्तर: 102.12 रुपये प्रति लीटर।
प्रश्न: आज दिल्ली में डीजल कितना है?
उत्तर: 95.20 रुपये प्रति लीटर।
प्रश्न: सबसे महंगा पेट्रोल किस शहर में है?
उत्तर: प्रमुख शहरों में भोपाल में पेट्रोल 114.57 रुपये प्रति लीटर है।
प्रश्न: पेट्रोल-डीजल के रेट कब अपडेट होते हैं?
उत्तर: रोजाना सुबह 6 बजे।
प्रश्न: क्या क्रूड ऑयल सस्ता होने से तुरंत पेट्रोल सस्ता हो जाता है?
उत्तर: नहीं, तेल कंपनियां कई आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर कीमत तय करती हैं।


