नई दिल्ली। भारतीय आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गई है। पिछले कई महीनों से दबाव में चल रहे कंपनी के शेयरों में अचानक आई तेजी ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका में सूचीबद्ध कंपनी के ADR (American Depository Receipts) में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान करीब 19 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई, जिसके बाद भारतीय बाजार में भी शेयर में लगभग 5 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली।
इस तेजी के पीछे केवल एक सामान्य कारोबारी घोषणा नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी एक ऐसी साझेदारी है, जिसे निवेशक कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ा गेम चेंजर मान रहे हैं। विप्रो ने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनी ServiceNow के साथ मिलकर Agentic AI आधारित समाधान विकसित करने की घोषणा की है। इस खबर ने बाजार को संकेत दिया है कि कंपनी अब AI आधारित एंटरप्राइज सेवाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
आखिर क्या है ServiceNow के साथ हुई नई AI साझेदारी?
दुनियाभर में कंपनियां तेजी से AI आधारित ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे माहौल में विप्रो और ServiceNow की साझेदारी का उद्देश्य एंटरप्राइज ग्राहकों को अधिक स्मार्ट और स्वचालित बिजनेस समाधान उपलब्ध कराना है। इस साझेदारी के तहत विप्रो अपने AI प्लेटफॉर्म “Wipro Intelligence” को ServiceNow AI Platform के साथ जोड़ेगी। इससे कंपनियां आईटी मैनेजमेंट, मानव संसाधन (HR), साइबर सिक्योरिटी, प्रोक्योरमेंट और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में कई प्रक्रियाओं को ऑटोमेट कर सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Agentic AI एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा ट्रेंड बन सकता है। ऐसे में विप्रो की यह पहल कंपनी को प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में ला सकती है।
Agentic AI आखिर है क्या?
पारंपरिक AI केवल निर्देश मिलने पर काम करता है, जबकि Agentic AI स्वयं निर्णय लेने, कार्यों की योजना बनाने और कई चरणों वाली प्रक्रियाओं को स्वतः पूरा करने की क्षमता रखता है। उदाहरण के लिए यदि किसी कंपनी का साइबर सिक्योरिटी सिस्टम खतरे की पहचान करता है तो Agentic AI केवल अलर्ट नहीं देगा बल्कि स्वतः जांच शुरू कर सकता है, संबंधित टीमों को सूचित कर सकता है और प्रारंभिक सुरक्षा उपाय भी लागू कर सकता है। इसी वजह से वैश्विक टेक कंपनियां इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रही हैं।
अमेरिकी बाजार में क्यों आया इतना बड़ा उछाल?
विप्रो के ADR में 18 प्रतिशत से अधिक की तेजी अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी एकदिवसीय उछाल मानी जा रही है। निवेशकों को लगा कि AI आधारित सेवाओं की मांग बढ़ने से कंपनी की राजस्व वृद्धि में सुधार आ सकता है। पिछले कुछ वर्षों से विप्रो को प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में AI सेक्टर में मजबूत उपस्थिति कंपनी के लिए नया अवसर बन सकती है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों ने इस घोषणा को केवल एक साझेदारी नहीं बल्कि भविष्य की संभावित कमाई और नए ऑर्डर अवसरों के रूप में देखा।
भारतीय बाजार में क्या दिखा असर?
अमेरिका से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद भारतीय शेयर बाजार में भी विप्रो के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। दिन के कारोबार के दौरान शेयर लगभग 5 प्रतिशत तक उछलकर 211 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले छह महीनों में शेयर करीब 20 प्रतिशत तक टूट चुका था। ऐसे में यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि केवल एक दिन की तेजी को लंबी अवधि के ट्रेंड में बदलने के लिए कंपनी को आने वाली तिमाहियों में मजबूत ऑर्डर बुक और बेहतर ग्रोथ दिखानी होगी।
चौथी तिमाही के नतीजे क्या बताते हैं?
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिश्रित रहा।
- शुद्ध मुनाफा 3,521 करोड़ रुपये रहा।
- रेवेन्यू बढ़कर 24,236 करोड़ रुपये पहुंच गया।
- आईटी सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन 17.3 प्रतिशत रहा।
- एट्रिशन रेट 13.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कंपनी का राजस्व बढ़ रहा है लेकिन लाभप्रदता पर अभी भी दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए बायबैक क्यों है अहम?
AI साझेदारी के अलावा कंपनी ने अपने इतिहास के सबसे बड़े बायबैक की घोषणा भी की है। कंपनी 250 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी।यह मूल्य मौजूदा बाजार भाव से काफी अधिक है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।बायबैक आमतौर पर यह संकेत देता है कि कंपनी अपने शेयर को आकर्षक मूल्य पर मानती है और शेयरधारकों को रिटर्न देना चाहती है।
रिकॉर्ड डेट पर रखें नजर
कंपनी ने बायबैक के लिए 5 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वे बायबैक प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हो सकते हैं।
क्या AI से बदल सकती है विप्रो की ग्रोथ कहानी?
आईटी उद्योग तेजी से AI-केंद्रित मॉडल की ओर बढ़ रहा है। TCS, Infosys, Accenture और Cognizant जैसी कंपनियां भी AI समाधान विकसित करने पर जोर दे रही हैं।ऐसे में ServiceNow के साथ हुई यह साझेदारी विप्रो के लिए केवल एक नई डील नहीं बल्कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। यदि कंपनी बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों को AI आधारित सेवाएं बेचने में सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में राजस्व और लाभ दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
विप्रो के शेयरों में आई हालिया तेजी केवल बाजार की भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि AI सेक्टर में कंपनी की नई रणनीति पर निवेशकों के भरोसे का संकेत है। ServiceNow के साथ Agentic AI साझेदारी, मजबूत बायबैक योजना और अमेरिकी बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों ने कंपनी को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि लंबी अवधि में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी इन AI अवसरों को वास्तविक कारोबार और कमाई में कितनी तेजी से बदल पाती है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
Also Read:


