Trading Plan: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को दबाव का माहौल देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये की कमजोरी और वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। निफ्टी 24,100 के नीचे फिसल गया, जबकि बैंक निफ्टी में करीब 750 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे माहौल में मार्केट एक्सपर्ट और CNBC-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने निवेशकों को फिलहाल पोजीशनल ट्रेडिंग से बचने और इंडेक्स में इंट्रा-डे ट्रेडिंग पर फोकस करने की सलाह दी है।
हाईलाइट्स
- कच्चे तेल के 86 डॉलर के पार जाने से बाजार पर दबाव
- निफ्टी 24,100 के नीचे, बैंक निफ्टी में 750 अंकों की गिरावट
- रुपये में दो दिनों में करीब 1% कमजोरी
- रियल्टी और PSU बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
- अनुज सिंघल की सलाह- फिलहाल पोजीशनल ट्रेड से बचें
- निफ्टी के लिए 23,950-24,000 सपोर्ट और 24,150-24,200 रेजिस्टेंस
कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी ने बिगाड़ा बाजार का मूड
साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन बाजार पर कई नकारात्मक संकेत एक साथ हावी रहे। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 86 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
दूसरी ओर, भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। रुपये में एक ही दिन 56 पैसे की कमजोरी दर्ज हुई, जबकि पिछले दो कारोबारी सत्रों में यह लगभग 1% तक टूट चुका है। इससे विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ी और बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
गिरावट के दौरान सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी और सरकारी बैंक (PSU Bank) शेयरों पर देखने को मिला। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब 2% तक टूट गए।
इसके अलावा इन सेक्टरों में भी कमजोरी रही—
- ऑटो
- डिफेंस
- NBFC
- मिडकैप
- स्मॉलकैप
वहीं फार्मा और मेटल शेयरों में खरीदारी का रुख देखने को मिला।
इन शेयरों पर रही सबसे ज्यादा नजर
नतीजों के बाद HCL Tech के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली और यह निफ्टी के सबसे बड़े लूजर शेयरों में शामिल रहा। दूसरी ओर, बेहतर बिजनेस अपडेट के दम पर CONCOR का शेयर करीब 5% तक चढ़ गया।
इसके अलावा L&T Finance और Shriram Finance के शेयर भी लगभग 4% की गिरावट के साथ फ्यूचर्स सेगमेंट के टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
अनुज सिंघल ने क्या कहा?
मार्केट एक्सपर्ट अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार में फिलहाल गिरावट जरूर है, लेकिन घबराहट जैसी स्थिति नहीं है।
उनके मुताबिक—
- निफ्टी अभी भी पिछले कारोबारी सत्र के निचले स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है।
- बैंक निफ्टी ने जरूर पिछले दिन का लो तोड़ा है।
- बैंक निफ्टी अब अपने 20 DEMA के काफी करीब पहुंच चुका है।
- ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी है और एडवांस-डिक्लाइन रेशियो लगभग 1:2.5 पर है।
- इंडिया VIX में बड़ी तेजी नहीं आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल घबराहट सीमित है।
क्या अभी पोजीशनल ट्रेड करना सही रहेगा?
अनुज सिंघल का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। यदि बैंक निफ्टी अपने 20 DEMA के नीचे फिसलता है तो उसमें करेक्शन की संभावना बढ़ सकती है।
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि—
- फिलहाल पोजीशनल ट्रेडिंग से बचें।
- इंडेक्स में इंट्रा-डे ट्रेडिंग पर ध्यान दें।
- यदि पोजीशन कैरी करनी ही हो तो उचित हेजिंग के साथ करें।
- अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम स्तर
निफ्टी
- सपोर्ट: 23,950 – 24,000
- रेजिस्टेंस: 24,150 – 24,200
बैंक निफ्टी
- सपोर्ट: 57,000 – 57,200
- रेजिस्टेंस: 57,500 – 57,700
इन स्तरों के आधार पर ट्रेडर्स अपनी इंट्रा-डे रणनीति बना सकते हैं।
कल के लिए क्या होनी चाहिए रणनीति?
अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार फिलहाल “Make or Break” लेवल पर है। ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स को दिन के अंत तक न्यूट्रल पोजीशन के साथ रहने की कोशिश करनी चाहिए। जब तक बाजार स्पष्ट दिशा नहीं दिखाता, तब तक बड़े पोजीशनल दांव लगाने से बचना बेहतर रहेगा।
निष्कर्ष
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये ने भारतीय शेयर बाजार की चाल को प्रभावित किया है। हालांकि बाजार में घबराहट जैसी स्थिति नहीं दिख रही, लेकिन जोखिम जरूर बढ़ गया है। ऐसे माहौल में विशेषज्ञ भी सतर्क रहने, हेजिंग के साथ ट्रेड करने और फिलहाल पोजीशनल ट्रेडिंग से दूरी बनाने की सलाह दे रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दिए गए बाजार विश्लेषण और राय संबंधित विशेषज्ञों के निजी विचार हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश सलाह की जिम्मेदारी नहीं लेता। शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


