Lenskart Share Price: टेमासेक ने क्यों बेचे ₹1,945 करोड़ के शेयर?
आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart के शेयरों में मंगलवार को दबाव देखने को मिला। इसकी बड़ी वजह कंपनी के एक बड़े निवेशक सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड Temasek द्वारा हिस्सेदारी बेचना है। टेमासेक ने लेंसकार्ट में अपनी करीब 2% हिस्सेदारी ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए बेच दी है।
इस बिक्री से टेमासेक को लगभग 1,945 करोड़ रुपये मिले हैं। बड़े संस्थागत निवेशक द्वारा हिस्सेदारी घटाने की खबर के बाद बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ी और शेयर पर दबाव दिखाई दिया।
Temasek ने Lenskart में कितनी हिस्सेदारी बेची?
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, MacRitchie Investments Pte, जो टेमासेक की निवेश इकाई है, ने लेंसकार्ट के 3,56,57,688 इक्विटी शेयर बेचे हैं।
यह बिक्री कंपनी में करीब 2.05% हिस्सेदारी के बराबर है।
शेयर बिक्री के बाद:
- Temasek की Lenskart में हिस्सेदारी घटकर 4.75% रह गई है।
- इससे पहले टेमासेक के पास कंपनी की करीब 6.8% हिस्सेदारी थी।
- यह लेनदेन 10 जुलाई को ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए पूरा किया गया।
Lenskart शेयर में क्यों आई गिरावट?
बड़े निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बेचने की खबर अक्सर शेयर बाजार में नकारात्मक संकेत के रूप में देखी जाती है। हालांकि, किसी भी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी बिक्री के पीछे कई कारण हो सकते हैं।
लेंसकार्ट के मामले में संभावित वजहें:
1. निवेश से मुनाफावसूली
टेमासेक शुरुआती निवेशकों में शामिल रहा है। कंपनी के शेयरों में लिस्टिंग के बाद तेजी आने पर बड़े निवेशक अपने निवेश का कुछ हिस्सा बेचकर मुनाफा निकाल सकते हैं।
2. पोर्टफोलियो में बदलाव
सॉवरेन वेल्थ फंड और बड़े संस्थागत निवेशक समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करते रहते हैं। किसी एक कंपनी में हिस्सेदारी घटाकर वे दूसरे निवेश अवसरों में पैसा लगा सकते हैं।
3. लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बिक्री
लेंसकार्ट का आईपीओ नवंबर 2025 में आया था। कंपनी के छह महीने के IPO लॉक-इन पीरियड की अवधि 8 मई को समाप्त हुई थी। इसके बाद शुरुआती निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का रास्ता खुल गया।
इससे पहले ADIA और SoftBank भी बेच चुके हैं शेयर
टेमासेक से पहले अन्य बड़े निवेशकों ने भी लेंसकार्ट में हिस्सेदारी कम की थी।
अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA)
अबू धाबी के सॉवरेन फंड ADIA ने भी करीब 1,944 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
SoftBank
जापानी निवेश कंपनी SoftBank ने भी ब्लॉक डील के जरिए लगभग 2,873 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की थी।
लगातार बड़े निवेशकों की बिक्री से बाजार में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या संस्थागत निवेशक मौजूदा वैल्यूएशन पर आंशिक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
Lenskart Share Price का मौजूदा हाल
10 जुलाई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लेंसकार्ट का शेयर करीब ₹543.65 पर बंद हुआ था।
इसके बाद मंगलवार के कारोबारी सत्र में शेयर दबाव में नजर आया और यह लगभग ₹536.65 के आसपास कारोबार करता दिखा।
हालांकि, केवल हिस्सेदारी बिक्री के आधार पर कंपनी के भविष्य का आकलन करना सही नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की आय वृद्धि, मुनाफा, विस्तार योजना और वैल्यूएशन जैसे सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।
क्या Lenskart के शेयर में आगे और दबाव आ सकता है?
बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री से शॉर्ट टर्म में शेयर पर दबाव बना रह सकता है क्योंकि बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आती है।
लेकिन लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ पर निर्भर करेगा।
लेंसकार्ट भारत के तेजी से बढ़ते आईवियर मार्केट में एक प्रमुख कंपनी है। कंपनी ऑफलाइन स्टोर्स, ऑनलाइन बिक्री और टेक्नोलॉजी आधारित आईवियर सॉल्यूशंस के जरिए अपना विस्तार कर रही है।
निवेशकों को यह देखना होगा कि:
- कंपनी की बिक्री कितनी तेजी से बढ़ती है।
- नए स्टोर्स से कितना फायदा मिलता है।
- मुनाफे में कितना सुधार आता है।
- मौजूदा वैल्यूएशन कितना उचित है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Temasek जैसी बड़ी निवेश कंपनी द्वारा हिस्सेदारी बेचना बाजार में एक महत्वपूर्ण घटना जरूर है, लेकिन इसे केवल नकारात्मक संकेत मानना जरूरी नहीं है।
कई बार बड़े निवेशक लंबे समय तक निवेश रखने के बाद कुछ हिस्सेदारी बेचकर अपना पोर्टफोलियो मैनेज करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


