टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) की अहम बोर्ड बैठक से पहले मंगलवार को टाटा ग्रुप के कई शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि चेयरमैन Natarajan Chandrasekaran समूह के भविष्य के विस्तार, पुनर्गठन और लॉस मेकिंग कारोबारों को लेकर नई रणनीति पेश कर सकते हैं। इसी उम्मीद में बाजार में खरीदारी बढ़ी और कुछ शेयरों में 7 फीसदी तक उछाल दर्ज किया गया।
तेजस नेटवर्क्स और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन में जोरदार खरीदारी
मंगलवार सुबह बाजार खुलने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा Tejas Networks और Tata Investment Corporation के शेयरों की रही। निवेशकों ने बोर्ड मीटिंग से पहले इन शेयरों में जमकर खरीदारी की।
तेजस नेटवर्क्स शेयर में 7% तक उछाल
सुबह करीब 11 बजे तेजस नेटवर्क्स का शेयर इंट्राडे कारोबार में लगभग 7 फीसदी तक उछल गया। बाद में शेयर 4.6 फीसदी की तेजी के साथ करीब 495.7 रुपये पर ट्रेड करता दिखा।
हालांकि कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में 211.34 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में यह घाटा 71.80 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने का कारण कंपनी को लेकर टाटा समूह की संभावित नई रणनीति मानी जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि टाटा समूह आने वाले वर्षों में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, 5G नेटवर्किंग और डिजिटल कनेक्टिविटी सेक्टर पर बड़ा दांव लगा सकता है। ऐसे में तेजस नेटवर्क्स को लेकर बाजार की उम्मीदें बढ़ी हैं।
टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन भी भागा
वहीं Tata Investment Corporation के शेयरों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 678.70 रुपये पर खुला और इंट्राडे में 715 रुपये तक पहुंच गया। यानी शेयर में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
दोपहर करीब 11:40 बजे शेयर लगभग 2.86 फीसदी की बढ़त के साथ 698.10 रुपये पर कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि टाटा समूह की नई रणनीति और संभावित कारोबारी पुनर्गठन की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
बोर्ड मीटिंग में क्या हो सकता है बड़ा?
सूत्रों के मुताबिक, टाटा संस की बोर्ड बैठक में समूह की कई प्रमुख कंपनियों के भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा हो सकती है। इसमें एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, EV बैटरी और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से जुड़ी कंपनियों के लिए नए बिजनेस प्लान पेश किए जाने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि बैठक में निम्न क्षेत्रों पर खास फोकस हो सकता है एयर इंडिया के विस्तार और घाटे को कम करने की रणनीति, टाटा डिजिटल के बिजनेस मॉडल में बदलाव इलेक्ट्रिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी कारोबार टेलीकॉम और डिजिटल नेटवर्किंग सेक्टर, लॉस मेकिंग यूनिट्स के पुनर्गठन की योजना
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के सामने पांच बड़ी कंपनियों की ग्रोथ स्ट्रेटजी और भविष्य का रोडमैप रखा जा सकता है।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार पर भी चर्चा संभव
Natarajan Chandrasekaran का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है। ऐसे में यह भी चर्चा है कि बोर्ड बैठक में उनके कार्यकाल विस्तार को लेकर शुरुआती बातचीत हो सकती है।
टाटा समूह पिछले कुछ वर्षों में एयरलाइन, डिजिटल कारोबार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े निवेश कर चुका है। लेकिन इन क्षेत्रों में कई कंपनियां अभी घाटे में हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि समूह आने वाले वर्षों में मुनाफे और विस्तार के बीच संतुलन कैसे बनाएगा।
घाटे वाली कंपनियां देंगी प्रेजेंटेशन
समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड बैठक में वे कंपनियां भी अपनी प्रेजेंटेशन दे सकती हैं जो फिलहाल घाटे में चल रही हैं। इन कंपनियों को अपने वर्तमान प्रदर्शन, कैश फ्लो, निवेश योजनाओं और भविष्य की रणनीति का ब्यौरा देना पड़ सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में टाटा समूह के कुछ अनलिस्टेड कारोबारों को करीब 10,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आने वाले समय में यह आंकड़ा 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि बाजार इस बैठक को बेहद अहम मान रहा है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह बैठक?
टाटा समूह भारत का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद बिजनेस समूह माना जाता है। समूह की रणनीति में किसी भी बदलाव का असर शेयर बाजार पर तेजी से दिखता है।
अगर बोर्ड बैठक में पुनर्गठन योजना, नए निवेश, घाटे में चल रही कंपनियों के लिए स्पष्ट रणनीति, या IPO/डिमर्जर जैसे संकेत मिलते हैं, तो टाटा समूह के कई शेयरों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल तेजी देखकर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और जोखिम को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल समाचार और सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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