भारत में 24 मई 2026 को चांदी की कीमत ₹285 प्रति ग्राम और ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में और तेजी या गिरावट दोनों संभव हैं, क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर असमंजस, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और वैश्विक निवेशकों की रणनीति लगातार बदल रही है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब केवल सोने पर नहीं बल्कि चांदी पर भी बनी हुई है।
क्यों बदलती रहती हैं चांदी की कीमतें?
भारत में चांदी का भाव सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होता। इसके पीछे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय फैक्टर काम करते हैं।
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
भारत दुनिया में चांदी का बड़ा आयातक है। लंदन और अमेरिका के कमोडिटी बाजार में कीमत बढ़ते ही भारतीय बाजार में भी तेजी देखने को मिलती है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल
अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर चांदी की कीमत पर पड़ता है। Goodreturns की रिपोर्ट के मुताबिक रुपये में कमजोरी आने पर स्थिर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बावजूद भारत में चांदी महंगी हो सकती है।
3. इंडस्ट्रियल डिमांड
चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से इसकी इंडस्ट्रियल मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
भारत में आज का चांदी का भाव
| यूनिट | आज का भाव |
|---|---|
| 1 ग्राम चांदी | ₹285 |
| 10 ग्राम चांदी | ₹2,850 |
| 100 ग्राम चांदी | ₹28,500 |
| 1 किलो चांदी | ₹2,85,000 |
स्रोत: Goodreturns Silver Rates
प्रमुख शहरों में आज का चांदी का रेट
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| मुंबई | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| चेन्नई | ₹2,950 | ₹29,500 | ₹2,95,000 |
| हैदराबाद | ₹2,950 | ₹29,500 | ₹2,95,000 |
| बेंगलुरु | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| कोलकाता | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| जयपुर | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| लखनऊ | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| पुणे | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| पटना | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
मई में चांदी ने दिखाया बड़ा उतार-चढ़ाव
मई 2026 में चांदी की कीमतों में भारी अस्थिरता देखने को मिली। कुछ शहरों में चांदी ₹3.20 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी, जबकि महीने की शुरुआत में यह ₹2.55 लाख के आसपास थी।
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण रहे अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग, आयात शुल्क से जुड़ी चर्चाएं, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी.
Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में चांदी की कीमतों में कुछ दिनों के भीतर ₹35,000 प्रति किलो तक की गिरावट भी देखने को मिली थी।
क्या अभी चांदी खरीदना सही रहेगा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चांदी अभी भी आकर्षक विकल्प बनी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह इंडस्ट्रियल डिमांड है।
चांदी में निवेश के फायदे
1. सोने से सस्ता विकल्प
सोने के मुकाबले चांदी कम कीमत पर उपलब्ध होती है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए यह आसान विकल्प बन जाती है।
2. इंडस्ट्रियल उपयोग तेजी से बढ़ रहा
सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में चांदी की खपत तेजी से बढ़ रही है।
3. महंगाई से बचाव
सोने की तरह चांदी को भी महंगाई के खिलाफ सुरक्षित निवेश माना जाता है।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
हमेशा BIS हॉलमार्क देखें
अगर आप ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो हॉलमार्क जरूर चेक करें।
मेकिंग चार्ज जरूर समझें
ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज कुल कीमत को काफी बढ़ा सकता है।
डिजिटल सिल्वर और ETF भी विकल्प
आज कई निवेशक फिजिकल सिल्वर की बजाय सिल्वर ETF और डिजिटल सिल्वर की तरफ भी बढ़ रहे हैं।
आगे क्या रह सकती है बाजार की दिशा?
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर डॉलर कमजोर होता है और वैश्विक आर्थिक तनाव बढ़ता है तो चांदी की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। वहीं अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की स्थिति में दबाव भी देखने को मिल सकता है। भारत में शादी सीजन और त्योहारों की मांग भी अगले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों को सपोर्ट दे सकती है।
इस समय बाजार पूरी तरह ग्लोबल संकेतों पर निर्भर दिखाई दे रहा है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी की बजाय चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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