भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद मजबूती के साथ क्लोजिंग दी। शुरुआती दबाव के बाद खरीदारी लौटने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए। बाजार में सबसे ज्यादा मजबूती रियल्टी, पीएसयू बैंक और मिड-स्मॉलकैप शेयरों में देखने को मिली, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर दबाव में रहे। अब निवेशकों की निगाहें 10 जुलाई के कारोबार, जून तिमाही के नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हैं।
बढ़त के साथ बंद हुए प्रमुख इंडेक्स
गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 238.22 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 76,741.82 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 80.75 अंक (0.34%) चढ़कर 23,962.80 के स्तर पर बंद हुआ।
मार्केट ब्रेड्थ भी मजबूत रही। कारोबार के दौरान 2,793 शेयरों में तेजी, 1,263 शेयरों में गिरावट और 167 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी
निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे—
- सन फार्मा – 2.6%
- भारती एयरटेल – 2.2%
- इंटरग्लोब एविएशन – 2%
- एटरनल – 2%
- कोटक महिंद्रा बैंक – 1.9%
वहीं गिरावट वाले शेयरों में—
- डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज – 5.9%
- इन्फोसिस – 1.7%
- मारुति सुजुकी – 1.6%
- एनटीपीसी – 1.4%
- ओएनजीसी – 1.3%
रियल्टी और मिडकैप शेयरों में रही जोरदार खरीदारी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
- निफ्टी रियल्टी में 3.5% की बढ़त
- निफ्टी मीडिया 2% मजबूत
- निफ्टी पीएसयू बैंक 1.6% ऊपर
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.6% चढ़ा
दूसरी ओर, निफ्टी आईटी में 0.47% और निफ्टी ऑटो में 0.25% की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.4% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8% उछला, जिससे व्यापक बाजार में खरीदारी का संकेत मिला।
10 जुलाई के लिए क्या कहते हैं टेक्निकल संकेत?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, बुधवार की तेज गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार में रिकवरी देखने को मिली। डेली चार्ट पर बनी छोटी पॉजिटिव कैंडल और लंबी अपर शैडो ‘इनवर्टेड हैमर’ पैटर्न का संकेत देती है, जो कन्फर्मेशन मिलने पर बुलिश रिवर्सल का संकेत हो सकता है।
उनके अनुसार—
- 23,800 का स्तर निकटतम मजबूत सपोर्ट है।
- 24,200–24,300 के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर बाजार में शॉर्ट कवरिंग तेज हो सकती है।
- फिलहाल शॉर्ट-टर्म ट्रेंड उतार-चढ़ाव वाला जरूर है, लेकिन रिकवरी के संकेत भी मिल रहे हैं।
ग्लोबल संकेतों से मिला सहारा, लेकिन जोखिम बरकरार
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने घरेलू बाजार को सहारा दिया। हालांकि निवेशकों की नजर अभी भी भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेड की नीति पर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि—
- दूसरी छमाही (H2) के बेहतर आर्थिक आउटलुक,
- मानसून में सुधार,
- आकर्षक वैल्यूएशन
जैसे कारकों से भारतीय बाजार की धारणा मजबूत बनी हुई है। हालांकि अमेरिकी फेड की बैठक के मिनट्स में महंगाई को लेकर जताई गई चिंता वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है।
टीसीएस के नतीजों और कच्चे तेल पर रहेगी नजर
इक्विरस वेल्थ के एमडी एवं बिजनेस हेड अंकुर पुंज के मुताबिक, बाजार में रिकवरी जरूर आई, लेकिन कारोबारी सत्र के अंत में मुनाफावसूली देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि निवेशकों की निगाहें अब—
- टीसीएस के जून तिमाही नतीजों,
- कच्चे तेल की कीमतों,
- रुपये की चाल,
- और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम
पर बनी रहेंगी। इन कारकों का असर अगले कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
जून तिमाही के नतीजे तय करेंगे आगे की दिशा
बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि अब जून तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे बड़े ट्रिगर होंगे।
उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को भी सकारात्मक बताया। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, क्लीन एनर्जी और सप्लाई चेन सहयोग बढ़ने से भारत के मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को दीर्घकाल में फायदा मिल सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि—
- कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं,
- रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर बना हुआ है,
- और पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
ऐसे में आने वाले दिनों में स्टॉक स्पेसिफिक वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।
10 जुलाई के लिए बाजार का आउटलुक
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है और 24,200–24,300 का स्तर पार करता है तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर, निवेशकों को टीसीएस समेत आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रखनी चाहिए। फिलहाल बाजार का रुख सतर्क लेकिन सकारात्मक माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


