भारत में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। 24 मई 2026 को देश में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,906 प्रति ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट गोल्ड ₹14,580 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹11,929 प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग के चलते सोने की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई है।
भारत में सोना सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। शादी-विवाह, त्योहारों और पारंपरिक निवेश के चलते देश में गोल्ड की मांग हमेशा मजबूत रहती है। ऐसे में जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल बढ़ती है, उसका सीधा असर भारतीय बाजार में सोने की कीमतों पर दिखाई देता है।
भारत में आज का गोल्ड रेट (24 मई 2026)
| श्रेणी | आज का भाव (प्रति ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट गोल्ड | ₹15,906 |
| 22 कैरेट गोल्ड | ₹14,580 |
| 18 कैरेट गोल्ड | ₹11,929 |
भारत के प्रमुख शहरों में आज का सोना भाव (1 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
|---|---|---|---|
| चेन्नई | ₹16,069 | ₹14,730 | ₹12,360 |
| मुंबई | ₹15,906 | ₹14,580 | ₹11,929 |
| दिल्ली | ₹15,921 | ₹14,595 | ₹11,944 |
| कोलकाता | ₹15,906 | ₹14,580 | ₹11,929 |
| बेंगलुरु | ₹15,906 | ₹14,580 | ₹11,929 |
| हैदराबाद | ₹15,906 | ₹14,580 | ₹11,929 |
| पुणे | ₹15,906 | ₹14,580 | ₹11,929 |
| अहमदाबाद | ₹15,911 | ₹14,585 | ₹11,934 |
| जयपुर | ₹15,921 | ₹14,595 | ₹11,944 |
| लखनऊ | ₹15,921 | ₹14,595 | ₹11,944 |
| पटना | ₹15,911 | ₹14,585 | ₹11,934 |
| चंडीगढ़ | ₹15,921 | ₹14,595 | ₹11,944 |
| सूरत | ₹15,911 | ₹14,585 | ₹11,934 |
| नोएडा | ₹15,921 | ₹14,595 | ₹11,944 |
| गुरुग्राम | ₹15,921 | ₹14,595 | ₹11,944 |
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
1. वैश्विक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में निवेश बढ़ाते हैं। यही वजह है कि हाल के दिनों में गोल्ड की मांग मजबूत हुई है।
2. डॉलर और ब्याज दरों का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का असर भी सोने पर पड़ता है। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोना महंगा होने लगता है क्योंकि निवेशक इसे सुरक्षित संपत्ति मानते हैं।
3. केंद्रीय बैंकों की खरीद
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने का रिजर्व बढ़ा रहे हैं। भारत समेत कई देशों के सेंट्रल बैंक गोल्ड खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
4. शादी और त्योहारों का सीजन
भारत में शादी और त्योहारों के दौरान सोने की मांग काफी बढ़ जाती है। ज्वैलर्स की खरीद बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतों में तेजी आ जाती है।
क्या आगे और महंगा हो सकता है सोना?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है और डॉलर में कमजोरी जारी रहती है, तो सोने की कीमतों में आगे भी तेजी देखी जा सकती है। कई ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि आने वाले महीनों में गोल्ड नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है। हालांकि, निवेशकों को सिर्फ तेजी देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर तेजी से बदलती हैं। इसलिए निवेश से पहले बाजार की स्थिति, ब्याज दरों और डॉलर इंडेक्स पर नजर रखना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि के लिए गोल्ड अच्छा हेज माना जाता है। पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा सोने में रखा जा सकता है। डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी लोकप्रिय हो रहे हैं। एकमुश्त निवेश के बजाय SIP के जरिए निवेश जोखिम कम कर सकता है।
ज्वैलरी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप सोने की ज्वैलरी खरीदने जा रहे हैं तो:
- BIS हॉलमार्क जरूर चेक करें।
- मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ता है।
- अलग-अलग शहरों में टैक्स और डिमांड के कारण कीमतें बदल सकती हैं।
- खरीदारी से पहले लाइव रेट जरूर देखें।
भारत में सोने का निवेश क्यों माना जाता है सुरक्षित?
भारतीय परिवारों में सोना पीढ़ियों से संपत्ति का सबसे भरोसेमंद माध्यम माना जाता रहा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव या आर्थिक संकट के समय भी गोल्ड अपनी वैल्यू बनाए रखता है। यही वजह है कि आर्थिक अस्थिरता के दौर में निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की तरफ बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता के बीच आने वाले समय में गोल्ड निवेशकों के पोर्टफोलियो में अहम भूमिका निभाता रहेगा।
स्रोत: Goodreturns Gold Rates
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