नोएडा अब सिर्फ आईटी कंपनियों और एक्सप्रेसवे सिटी तक सीमित नहीं रह गया है। दिल्ली-एनसीआर के लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट में अब एक ऐसा प्रोजेक्ट आने जा रहा है, जो मुंबई और गुरुग्राम के सुपर लग्जरी प्रोजेक्ट्स को भी चुनौती दे सकता है। टाटा ग्रुप की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) और गुलशन ग्रुप मिलकर नोएडा में एक बेहद खास प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं, जिसमें एक ही टावर में ताज होटल और अल्ट्रा लग्जरी सर्विस अपार्टमेंट होंगे।
यह प्रोजेक्ट नोएडा सेक्टर-129 में नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बनाया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा ताज होटल (Tallest Taj Hotel in the World) होगा। खास बात यह है कि यहां रहने वाले लोगों को अपने घर में ही ताज होटल जैसी लग्जरी और हॉस्पिटैलिटी सर्विस मिलेगी।
नोएडा के लग्जरी मार्केट में नया ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा का रियल एस्टेट बाजार तेजी से बदला है। पहले जहां हाई-एंड प्रोजेक्ट्स के लिए लोग गुरुग्राम की ओर देखते थे, वहीं अब नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट में भी अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट्स लॉन्च हो रहे हैं। Jewar Airport, फिल्म सिटी, डेटा सेंटर और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी ने नोएडा की प्रीमियम वैल्यू को काफी बढ़ाया है।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बड़े ब्रांडेड रेजिडेंस और होटल-बेस्ड प्रोजेक्ट्स अब भारत के बड़े शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यही कारण है कि गुलशन ग्रुप और ताज ग्रुप ने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ एक आवासीय टावर नहीं बल्कि “लक्जरी लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन” के रूप में डिजाइन किया है।
कैसी होगी 56 मंजिला इमारत
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचाई और डिजाइन है। कुल 56 मंजिल के इस टावर में अलग-अलग उपयोग के लिए फ्लोर तय किए गए हैं। शुरुआती 5 फ्लोर मल्टी-लेवल पार्किंग के लिए होंगे, उसके ऊपर 8 फ्लोर में ताज होटल संचालित होगा, सबसे ऊपरी हिस्से में ताज ब्रांडेड सर्विस अपार्टमेंट होंगे कंपनी के मुताबिक यह प्रोजेक्ट सिर्फ लक्जरी नहीं बल्कि प्राइवेसी और एक्सक्लूसिविटी पर भी फोकस करेगा। यही वजह है कि पूरे टावर में सिर्फ 74 सर्विस अपार्टमेंट बनाए जाएंगे।
एक फ्लोर पर सिर्फ दो फ्लैट
आजकल बड़े शहरों में सुपर लग्जरी प्रोजेक्ट्स में लो-डेंसिटी डिजाइन को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। इसी ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में हर फ्लोर पर सिर्फ दो अपार्टमेंट रखे गए हैं।
एक अपार्टमेंट का साइज करीब 7,500 वर्ग फुट बताया जा रहा है। इतने बड़े साइज के फ्लैट आमतौर पर दिल्ली-एनसीआर के सबसे महंगे प्रोजेक्ट्स में ही देखने को मिलते हैं।
इन सर्विस अपार्टमेंट्स की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां रहने वाले लोगों को ताज होटल की प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं मिलेंगी। यानी होटल जैसी हाउसकीपिंग, कंसीयर्ज, फूड सर्विस और लग्जरी मैनेजमेंट का अनुभव अपने घर में ही मिलेगा।
क्यों खास हैं ताज ब्रांडेड रेजिडेंस
भारत में ब्रांडेड रेजिडेंस का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे शहरों में पहले से कई इंटरनेशनल होटल ब्रांड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं। लेकिन नोएडा में इस स्तर का यह पहला बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
ब्रांडेड रेजिडेंस में खरीदार सिर्फ फ्लैट नहीं खरीदता, बल्कि उस ब्रांड की सर्विस और प्रतिष्ठा भी खरीदता है। यही वजह है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स की कीमतें सामान्य लक्जरी फ्लैट्स की तुलना में काफी ज्यादा होती हैं।
फ्लैट खरीदना इतना आसान नहीं होगा
इस प्रोजेक्ट की कीमतों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट “Sale by Invitation” मॉडल पर आधारित होगा।
यानी यहां फ्लैट हर किसी को नहीं बेचे जाएंगे। केवल चुनिंदा लोगों को निमंत्रण देकर खरीदने का मौका मिलेगा। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट की तुलना गुरुग्राम के मशहूर DLF Camellias से की जा रही है।
गौरतलब है कि DLF Camellias देश के सबसे महंगे लग्जरी प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है, जहां कई अपार्टमेंट्स की कीमत 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच चुकी है।
नोएडा में क्यों बढ़ रही है अल्ट्रा लग्जरी डिमांड
कुछ साल पहले तक नोएडा को मुख्य रूप से मिड-सेगमेंट हाउसिंग मार्केट माना जाता था। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
इसके पीछे कई बड़े कारण हैं: Jewar International Airport, Noida-Greater Noida Expressway, डेटा सेंटर और आईटी निवेश, फिल्म सिटी प्रोजेक्ट, दिल्ली से बेहतर रोड कनेक्टिविटी, बड़े कॉर्पोरेट और HNI निवेशकों की बढ़ती रुचि
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनियों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले दो वर्षों में नोएडा के प्रीमियम और लग्जरी प्रॉपर्टी सेगमेंट में मांग काफी बढ़ी है। खासतौर पर बड़े साइज वाले अपार्टमेंट्स और ब्रांडेड रेजिडेंस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
कंपनी क्या कह रही है
गुलशन ग्रुप के चेयरमैन गुलशन नागपाल ने इस साझेदारी को नोएडा की लग्जरी पहचान बदलने वाला कदम बताया है। उनके अनुसार यह सिर्फ एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट नहीं बल्कि दो विरासत वाले ब्रांड्स का गठजोड़ है।
उन्होंने कहा कि ताज ब्रांड को नोएडा लाना शहर की लग्जरी कहानी को नई पहचान देगा और आने वाले वर्षों में यह प्रोजेक्ट एक नया बेंचमार्क साबित हो सकता है।
कितने का होगा निवेश
इस पूरे प्रोजेक्ट में गुलशन ग्रुप करीब 1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे लगभग 2,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त हो सकता है।
कंपनी का मानना है कि यह प्रोजेक्ट पारंपरिक रियल एस्टेट मॉडल से अलग होगा क्योंकि यहां लोगों को सिर्फ घर नहीं बल्कि होटल जैसी लग्जरी लाइफस्टाइल मिलेगी।
क्या दिल्ली-एनसीआर में बदल रहा है लग्जरी रियल एस्टेट का चेहरा?
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर में “होटल ब्रांडेड रेजिडेंस” का ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है। हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स अब सिर्फ बड़ा घर नहीं बल्कि एक्सक्लूसिव अनुभव चाहते हैं। इसी वजह से अब डेवलपर्स: कम फ्लैट वाले टावर, प्राइवेट लिफ्ट, होटल सर्विस, हाई सिक्योरिटी, प्राइवेट क्लब, अल्ट्रा प्रीमियम लोकेशन जैसी सुविधाओं पर फोकस कर रहे हैं। नोएडा का यह ताज प्रोजेक्ट भी उसी बदलते ट्रेंड की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
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