Mother Dairy Milk Price Hike: देशभर में महंगाई के बीच अब दूध भी आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने जा रहा है। अमूल द्वारा दूध की कीमतें बढ़ाने के एक दिन बाद अब मदर डेयरी ने भी अपने सभी प्रमुख लिक्विड मिल्क वेरिएंट्स के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। कंपनी की नई दरें 14 मई 2026 से लागू होंगी।
दिल्ली-एनसीआर में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली मदर डेयरी का यह फैसला सीधे लाखों परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित करेगा। कंपनी का कहना है कि किसानों से दूध खरीदने की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था।
किसानों से खरीद महंगी पड़ रही
मदर डेयरी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पिछले एक साल में किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य यानी प्रोक्योरमेंट प्राइस में करीब 6 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी के मुताबिक पशुओं के चारे की लागत बढ़ी है, रखरखाव खर्च बढ़ा है, गर्मियों में दूध उत्पादन प्रभावित हुआ है, सप्लाई चेन लागत भी ऊपर गई है. इन सभी कारणों की वजह से दूध खरीदना कंपनियों के लिए पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। इसी लागत दबाव को देखते हुए उपभोक्ता कीमतों में बदलाव किया गया है।
कल से कितने महंगे मिलेंगे मदर डेयरी के दूध?
14 मई 2026 से मदर डेयरी के प्रमुख दूध वेरिएंट्स की नई कीमतें इस प्रकार होंगी:
| दूध का प्रकार | नई कीमत (प्रति लीटर) |
|---|---|
| बल्क वेंडेड मिल्क (टोकन) | ₹58 |
| फुल क्रीम मिल्क | ₹72 |
| टोन्ड मिल्क | ₹60 |
| डबल टोन्ड मिल्क | ₹54 |
| काउ मिल्क | ₹62 |
| प्रो मिल्क | ₹72 |
कंपनी ने साफ किया है कि सभी प्रमुख लिक्विड मिल्क कैटेगरी में लगभग 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है।
अमूल के बाद मदर डेयरी का फैसला क्यों अहम?
देश में दूध बाजार में अमूल और मदर डेयरी दोनों की बड़ी हिस्सेदारी है। खासकर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर भारत और कई बड़े शहरों में रोजाना करोड़ों लीटर दूध की खपत होती है।
ऐसे में लगातार दो बड़ी कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाए जाने का असर सीधे घरेलू रसोई बजट, चाय-दूध दुकानदारों, मिठाई कारोबार, होटल और रेस्तरां सेक्टर पर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गर्मियों में दूध उत्पादन पर दबाव बना रहा, तो आने वाले महीनों में डेयरी सेक्टर में और कीमत संशोधन देखने को मिल सकते हैं।
गर्मी और चारे की लागत बनी बड़ी वजह
डेयरी उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि इस साल कई राज्यों में:
- हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित हुई
- पशु आहार महंगा हुआ
- बिजली और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ी
इसका असर सीधे दूध उत्पादन लागत पर पड़ा है। गर्मी के मौसम में आमतौर पर दूध उत्पादन घट जाता है, जबकि मांग बनी रहती है। यही वजह है कि कंपनियों पर लागत का दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है।
घरेलू बजट पर कितना असर पड़ेगा?
पहली नजर में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन एक औसत परिवार यदि रोज 2-3 लीटर दूध इस्तेमाल करता है, तो महीने का खर्च 120 से 180 रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं बड़े परिवारों, चाय दुकानों, कैफे और मिठाई कारोबारियों पर इसका असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दूध के दाम?
डेयरी इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि यदि:
- पशु चारा महंगा बना रहा
- मानसून सामान्य नहीं रहा
- दूध उत्पादन दबाव में रहा
तो आने वाले महीनों में डेयरी कंपनियां फिर से कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं। हालांकि अभी कंपनियों की नजर मांग और सप्लाई के संतुलन पर बनी हुई है।
अमूल ने भी बढ़ाए थे दाम
मदर डेयरी से पहले अमूल ने भी देशभर में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अमूल ने भी किसानों से खरीद लागत और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने को इसकी मुख्य वजह बताया था। लगातार दो बड़ी कंपनियों के फैसले से साफ संकेत मिल रहे हैं कि डेयरी सेक्टर इस समय लागत दबाव के दौर से गुजर रहा है।
क्या यह बढ़ोतरी सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में लागू होगी?
मदर डेयरी का बड़ा नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में है, लेकिन कंपनी कई अन्य शहरों में भी सप्लाई करती है। नई कीमतें उन सभी बाजारों में लागू होंगी जहां मदर डेयरी अपने लिक्विड मिल्क प्रोडक्ट्स बेचती है।
FAQ
मदर डेयरी के दूध की नई कीमतें कब से लागू होंगी?
नई कीमतें 14 मई 2026 से लागू होंगी।
दूध कितना महंगा हुआ है?
कंपनी ने सभी प्रमुख लिक्विड मिल्क वेरिएंट्स पर 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।
कीमत बढ़ाने की वजह क्या है?
कंपनी के मुताबिक किसानों से दूध खरीद लागत, पशु चारा और रखरखाव खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है।
क्या अमूल ने भी दूध महंगा किया है?
हां, मदर डेयरी से पहले अमूल ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
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