NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    hospital-cost-private-vs-government-hospital-cost
    Hospital Cost: ₹50,508 Vs ₹6,631, प्राइवेट में सरकारी अस्पताल से 8 गुना महंगे इलाज का पूरा कैलकुलेशन समझिए
    12 अगस्त 2026
    delhi-master-plan-2047-dda-old-houses-metro-building-permission-land-use
    Delhi Master Plan 2047: DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी, मेट्रो से लेकर बिल्डिंग परमिशन तक बड़े बदलाव
    12 अगस्त 2026
    indian-economy-economic-ranking-sixth-place-why
    Indian Economy: भारत की इकोनॉमिक रैंकिंग घटकर छठे स्थान पर क्यों आ गई? सरकार ने राज्यसभा में बताया कारण
    12 अगस्त 2026
    corporate-fd-vs-sfb-fd-interest-risk-safety
    Corporate FD vs SFB FD: 9% के करीब ब्याज के चक्कर में कितना जोखिम? जानिए कहां पैसा लगाना बेहतर
    12 अगस्त 2026
    up-heavy-rain-alert-13-18-august-imd-monsoon-warning
    UP Heavy Rain Alert: यूपी में मानसून फिर दिखाएगा रौद्र रूप! 13 अगस्त से झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट
    12 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-gold-silver-rate-10-cities-latest-price
    Gold Price Today: दो दिनों में ₹10,100 चढ़ी चांदी, सोना भी महंगा, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट के लेटेस्ट भाव
    12 अगस्त 2026
    oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact
    Crude Oil Price: ट्रंप की कड़ी मांगों से डील की उम्मीदों को झटका, कच्चे तेल में 5% उछाल; ब्रेंट $90 के करीब
    11 अगस्त 2026
    gold-price-today-gold-silver-rate-10-cities-latest-price
    Gold Silver Price: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी में तेजी; इस हफ्ते बुलियन की कीमतों पर इन फैक्टर्स का रहेगा असर
    10 अगस्त 2026
    oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact
    Crude Oil Import: भारत का तेल आयात 18% गिरा, फिर भी जून तिमाही में 26% बढ़ा बिल; जानिए पूरी वजह
    8 अगस्त 2026
    gold-silver-prices-today-11-august-2026
    Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
    7 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    ola-electric-share-q1-results-brokerage-sell-target-price
    Ola Electric Share: ओला के रिजल्ट से खुश नहीं ब्रोकरेज, बेचने की सलाह; कमजोर बिक्री और ऑडिटर की चिंता से बढ़ा दबाव
    12 अगस्त 2026
    stocks-to-watch-13-august-2026-15-stocks-in-focus
    Stocks to Watch: गुरुवार 13 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल
    12 अगस्त 2026
    vascon-engineers-126-crore-order-maharashtra-300-bed-hospital-stock-in-focus
    Stock in Focus: कंस्ट्रक्शन कंपनी को ₹126 करोड़ का ऑर्डर, महाराष्ट्र में बनाएगी 300 बेड का अस्पताल; शेयर पर भी नजर
    12 अगस्त 2026
    irctc-q1-results-2026-profit-revenue-ebitda-margin-share-price
    IRCTC Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी को ₹330 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू 18% बढ़ा लेकिन EBITDA मार्जिन में बड़ी गिरावट
    12 अगस्त 2026
    mach-travel-q1-results-profit-revenue-june-quarter
    MACH Travel Q1 Results: ट्रैवल कंपनी का मुनाफा 307% बढ़ा, रेवेन्यू में 538% का उछाल; जानें पूरी कहानी
    12 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Russian Oil Imports: 16 मई पर टिकी भारत की नजर, अमेरिकी छूट खत्म हुई तो महंगा पड़ सकता है तेल; IOC-BPCL ने बढ़ाई तैयारी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Russian Oil Imports: 16 मई पर टिकी भारत की नजर, अमेरिकी छूट खत्म हुई तो महंगा पड़ सकता है तेल; IOC-BPCL ने बढ़ाई तैयारी

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/27 at 9:52 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
russian-oil-imports-us-sanctions-waiver-india-crude-oil-crisis-hindi
SHARE

भारत के लिए 16 मई की तारीख बेहद अहम बन गई है। रूस से कच्चे तेल के आयात पर अमेरिकी पाबंदियों में मिली अस्थायी छूट अब खत्म होने वाली है और वॉशिंगटन ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इसे आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं। इसी सस्पेंस ने भारतीय तेल कंपनियों और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

Contents
अमेरिका ने क्यों बना रखा है सस्पेंस?आंकड़ों से समझिए भारत के लिए कितना अहम है रूसी तेलभारत के लिए मुश्किल क्यों बढ़ सकती है?ईरान युद्ध ने बढ़ाई चिंताIOC और BPCL ने शुरू की तैयारीअब अजरबैजान और अफ्रीका की ओर नजरअमेरिका ने यह छूट क्यों दी थी?क्या भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है?भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?निष्कर्ष

अगर अमेरिका छूट को आगे नहीं बढ़ाता है तो भारतीय रिफाइनरों को रूसी तेल का आयात घटाना पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले नए रूसी कार्गो खरीदना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में भारत को मजबूरन महंगे विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।

स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि दूसरी तरफ ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार पहले से ही अस्थिर बना हुआ है और पश्चिम एशिया से सप्लाई प्रभावित होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

अमेरिका ने क्यों बना रखा है सस्पेंस?

अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि 16 मई के बाद भारत सहित अन्य देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए मिली छूट जारी रहेगी या नहीं।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिफाइनरों से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर छूट खत्म हो जाती है तो कंपनियों को तत्काल बाजार से महंगा ‘स्पॉट ऑयल’ खरीदना पड़ सकता है।

स्पॉट मार्केट में खरीदा गया तेल आमतौर पर लंबी अवधि के अनुबंधों की तुलना में महंगा होता है। इसके अलावा अचानक डिमांड बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में और उछाल आ सकता है।

आंकड़ों से समझिए भारत के लिए कितना अहम है रूसी तेल

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने भारी मात्रा में डिस्काउंट पर रूसी कच्चा तेल खरीदना शुरू किया था। इससे भारत का आयात बिल नियंत्रित रखने में बड़ी मदद मिली।

केप्लर के आंकड़ों के अनुसार:

  • मई 2026 में अब तक भारत का रूसी तेल आयात रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
  • यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि पहले से जहाजों में लदे कार्गो को अमेरिकी छूट के तहत अनुमति मिली हुई थी।
  • लेकिन अगर नए जहाज भारत की ओर नहीं आते हैं तो पूरे महीने का औसत आयात घटकर 19 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।

यानी केवल कुछ हफ्तों में भारत के लिए लाखों बैरल प्रतिदिन तेल की कमी की स्थिति पैदा हो सकती है।

भारत के लिए मुश्किल क्यों बढ़ सकती है?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है। देश अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है। ऐसे में सस्ती सप्लाई रुकने का सीधा असर आयात बिल, पेट्रोल-डीजल कीमतों, रुपये की स्थिति, चालू खाते के घाटे, महंगाई पर पड़ सकता है।

रूस से भारत को लंबे समय तक डिस्काउंट पर तेल मिलता रहा है। कई बार रूसी क्रूड ब्रेंट कीमतों से 10-15 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता रहा। अगर यह फायदा खत्म होता है तो भारतीय रिफाइनरों की लागत तेजी से बढ़ सकती है।

ईरान युद्ध ने बढ़ाई चिंता

स्थिति को और गंभीर बनाने वाला फैक्टर पश्चिम एशिया में जारी तनाव है। ईरान युद्ध के कारण फारस की खाड़ी से तेल सप्लाई को लेकर जोखिम बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो:

  • समुद्री शिपिंग लागत बढ़ सकती है
  • इंश्योरेंस प्रीमियम महंगे हो सकते हैं
  • तेल सप्लाई बाधित हो सकती है
  • कच्चे तेल की कीमतें अचानक उछल सकती हैं

यही वजह है कि भारत अब केवल रूस पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे स्रोतों से भी सप्लाई सुरक्षित करने में जुट गया है।

IOC और BPCL ने शुरू की तैयारी

16 मई की डेडलाइन से ठीक पहले भारत की बड़ी सरकारी रिफाइनिंग कंपनियां सक्रिय हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने इस सप्ताह अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका से कच्चे तेल की खरीद की है।

ट्रेडर्स के अनुसार ये ‘प्रॉम्प्ट कार्गो’ थे, यानी ऐसे जहाज जिनकी लोडिंग इसी महीने पूरी हो जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय कंपनियां संभावित संकट के लिए बैकअप तैयार कर रही हैं।

अब अजरबैजान और अफ्रीका की ओर नजर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार BPCL फारस की खाड़ी और रूस पर निर्भरता कम करने के लिए नए स्रोत तलाश रही है। कंपनी अजरबैजान, पश्चिम अफ्रीका, अन्य अफ्रीकी देशों से शॉर्ट-टर्म सप्लाई एग्रीमेंट की संभावनाएं तलाश रही है।

भारत की यह रणनीति केवल मौजूदा संकट तक सीमित नहीं है। दरअसल पिछले कुछ वर्षों में भारत लगातार Energy Diversification पर जोर दे रहा है ताकि किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता कम की जा सके।

अमेरिका ने यह छूट क्यों दी थी?

अमेरिका ने पहली बार 5 मार्च को भारत को विशेष छूट दी थी। इसका उद्देश्य वैश्विक तेल बाजार में अचानक सप्लाई शॉक को रोकना था।

उस समय चिंता थी कि अगर रूसी तेल पूरी तरह बाजार से बाहर हो गया तो वैश्विक तेल कीमतें बेकाबू हो सकती हैं, महंगाई तेजी से बढ़ सकती है, ऊर्जा संकट गहरा सकता है इसीलिए पहले सीमित और बाद में वैश्विक स्तर पर कुछ राहत दी गई। अब वही राहत 16 मई को खत्म होने जा रही है।

क्या भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है?

अगर रूसी तेल आयात घटता है, ब्रेंट क्रूड महंगा होता है, ईरान युद्ध लंबा चलता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां शुरुआती चरण में कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर सकती हैं, लेकिन लंबे समय तक महंगे आयात को absorb करना आसान नहीं होगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कच्चा तेल लगातार ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो:

  • महंगाई बढ़ सकती है
  • ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ सकती है
  • FMCG और लॉजिस्टिक्स सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

भारत के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती है:

  1. रूस से सस्ता तेल जारी रखना
  2. पश्चिम एशिया संकट के बीच सप्लाई सुरक्षा बनाए रखना

अगर अमेरिका छूट बढ़ा देता है तो भारत को कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो भारतीय रिफाइनरों को तेजी से वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करनी होगी।

निष्कर्ष

रूसी तेल पर अमेरिकी छूट का भविष्य अब भारत के ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा सवाल बन चुका है। 16 मई के बाद अमेरिका क्या फैसला लेता है, इसका असर केवल भारतीय रिफाइनरों पर ही नहीं बल्कि पेट्रोल-डीजल कीमतों, महंगाई और पूरे अर्थतंत्र पर पड़ सकता है।

फिलहाल भारत बैकअप रणनीति पर काम कर रहा है, लेकिन रूस से मिलने वाला सस्ता तेल अगर सीमित होता है तो आने वाले महीनों में ऊर्जा बाजार में दबाव बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

Hospital Cost: ₹50,508 Vs ₹6,631, प्राइवेट में सरकारी अस्पताल से 8 गुना महंगे इलाज का पूरा कैलकुलेशन समझिए

Delhi Master Plan 2047: DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी, मेट्रो से लेकर बिल्डिंग परमिशन तक बड़े बदलाव

Indian Economy: भारत की इकोनॉमिक रैंकिंग घटकर छठे स्थान पर क्यों आ गई? सरकार ने राज्यसभा में बताया कारण

Corporate FD vs SFB FD: 9% के करीब ब्याज के चक्कर में कितना जोखिम? जानिए कहां पैसा लगाना बेहतर

UP Heavy Rain Alert: यूपी में मानसून फिर दिखाएगा रौद्र रूप! 13 अगस्त से झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

TAGGED: America, Bloomberg, BPCL, Brent Crude, business news, Crude Oil, Energy Crisis, Energy Security, Global Oil Market, Hindi News, India Economy, India Oil Imports, International News, IOC, Iran War, Oil Market, Oil Prices, Oil Supply, Petrol Diesel Price, refinery news, Russia, Russian Crude, Russian Oil, US Sanctions
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article us-wholesale-inflation-april-2026-iran-war-energy-costs-hindi US Wholesale Inflation: ईरान युद्ध से बढ़ी महंगाई की आग, अप्रैल में अमेरिकी थोक कीमतों में 2022 के बाद सबसे बड़ी छलांग
Next Article gold-import-duty-hike-15-percent-impact-on-investors-hindi Gold Import Duty Hike: महंगा हुआ सोना-चांदी! 15% टैक्स लगने के बाद अब क्या करें निवेशक? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: 12 अगस्त 2026 को इन IPOs का GMP सबसे ज्यादा, Dhoot Transmission और Shiprocket पर नजर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?