भारत में सोमवार 11 मई 2026 को चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, औद्योगिक मांग में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में और बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आज भारत में चांदी का भाव ₹275 प्रति ग्राम और ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। पिछले कुछ महीनों में चांदी ने सोने के मुकाबले ज्यादा मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। इसकी सबसे बड़ी वजह औद्योगिक मांग और हरित ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता इस्तेमाल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय चांदी के बाजार पर अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर की चाल, वैश्विक महंगाई, पश्चिम एशिया तनाव और औद्योगिक मांग का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
चांदी सिर्फ निवेश का साधन नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी मानी जाती है। यही वजह है कि इसकी कीमतें केवल निवेशकों की खरीदारी से नहीं बल्कि वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों से भी प्रभावित होती हैं।
चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैटरी, मेडिकल उपकरण और सेमीकंडक्टर उद्योग में बड़े पैमाने पर होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर में हरित ऊर्जा परियोजनाओं के तेजी से बढ़ने के कारण चांदी की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। खासकर सौर ऊर्जा परियोजनाओं में चांदी की खपत तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि जब वैश्विक आर्थिक गतिविधियां स्थिर दिखाई देती हैं तो चांदी की कीमतों को सहारा मिलता है।
भारत में चांदी की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय नहीं होतीं बल्कि रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है।
अगर डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर पड़ता है, तो भारत में चांदी का आयात महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के दिनों में डॉलर में मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से कीमती धातुओं के बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
बाजार जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के लिए इसकी स्थिति अभी भी मजबूत मानी जा रही है।
अगर औद्योगिक मांग मजबूत रहती है, सौर ऊर्जा उद्योग तेजी से बढ़ता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी से बची रहती है, तो चांदी की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
हालांकि अगर अमेरिकी ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कीमती धातुओं के बाजार पर दबाव भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई निवेशक सोने के मुकाबले चांदी को बेहतर अवसर के तौर पर देख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी निवेश का साधन भी है और औद्योगिक मांग से जुड़ी धातु भी।
यानी अगर आर्थिक गतिविधियां मजबूत रहती हैं तो चांदी को दोहरी मजबूती मिल सकती है।
इसके अलावा चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले कम रहती हैं, जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसमें निवेश करना आसान माना जाता है।
भारत के प्रमुख हिंदी भाषी शहरों में आज का चांदी का भाव
| शहर | 10 ग्राम चांदी | 100 ग्राम चांदी | 1 किलो चांदी |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| मुंबई | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| जयपुर | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| लखनऊ | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| पटना | ₹2,749 | ₹27,490 | ₹2,74,900 |
| चंडीगढ़ | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| गुरुग्राम | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| गाजियाबाद | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| नोएडा | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| अहमदाबाद | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| सूरत | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| राजकोट | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| नागपुर | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| पुणे | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| अयोध्या | ₹2,750 | ₹27,500 | ₹2,75,000 |
| भुवनेश्वर | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
| कटक | ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 |
[Source: Good Returns]
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चांदी निवेश विविधीकरण का अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाना बेहतर माना जा रहा है।
शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने की संभावना भी कीमतों को समर्थन दे सकती है।
अब निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, केंद्रीय बैंक की नीति, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, चीन के औद्योगिक आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी रहेगी। इन्हीं कारकों से तय होगा कि चांदी की कीमतों में तेजी जारी रहेगी या फिर मुनाफावसूली देखने को मिलेगी।
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