भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1300 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, लेकिन इस बड़ी गिरावट के बीच स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक छोटी कंपनी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मैग्नस स्टील एंड इंफ्रा लिमिटेड के शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद पांच फीसदी के अपर सर्किट में फंस गए।
दरअसल, कंपनी के टाटा मोटर्स से जुड़ी परियोजनाओं में शामिल होने की खबर सामने आने के बाद निवेशकों ने इस शेयर में जोरदार खरीदारी शुरू कर दी। कमजोर बाजार के बीच इस तेजी ने इसे चर्चा में ला दिया।
सेंसेक्स में भारी गिरावट, फिर भी चमका यह शेयर
सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी दबाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 1312.91 अंक यानी 1.70 फीसदी टूटकर 76,015.28 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि इस गिरावट के बीच मैग्नस स्टील एंड इंफ्रा लिमिटेड का शेयर निवेशकों के लिए अलग कहानी लिखता नजर आया।
कंपनी का शेयर 5 फीसदी की तेजी के साथ अपर सर्किट में बंद हुआ।
टाटा मोटर्स की परियोजनाओं से जुड़ी कंपनी
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि उसे गुजरात और महाराष्ट्र में टाटा मोटर्स लिमिटेड की आगामी ऑटोमोबाइल विनिर्माण परियोजनाओं के लिए अनुमोदित स्टील सप्लायर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। मैग्नस स्टील ने इन परियोजनाओं में आरआईईको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के माध्यम से स्टील सप्लाई शुरू भी कर दी है।
कंपनी के मुताबिक निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए कई खरीद आदेश मिल चुके हैं, परियोजनाओं में लगातार डिलीवरी जारी है और आने वाले समय में अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनी की सप्लाई चेन में शामिल होना किसी भी मिडकैप या स्मॉलकैप कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
कंपनी की ऑर्डर बुक कितनी मजबूत?
नासिक स्थित इस कंपनी ने मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान करीब 8.50 करोड़ रुपये के ऑर्डर पूरे किए हैं।
इसके अलावा कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में अलग-अलग चरणों में लगभग 24 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऑर्डर मिल सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कुल संभावित ऑर्डर वैल्यू करीब 32.50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। कंपनी का कहना है कि उसने अब ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी मजबूत मौजूदगी बना ली है।
प्रबंधन ने क्या कहा?
मैग्नस स्टील एंड इंफ्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कैरन नरेश बजाज ने कहा कि टाटा मोटर्स से जुड़ी परियोजनाओं में शामिल होना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उनके मुताबिक भारत में मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहे हैं, जिससे स्टील और औद्योगिक सप्लाई कंपनियों के लिए लंबे समय के अवसर बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी गुणवत्ता मानकों, समय पर डिलीवरी और दीर्घकालिक औद्योगिक संबंधों पर विशेष ध्यान दे रही है।
शेयर की चाल कैसी रही?
बीएसई में मैग्नस स्टील एंड इंफ्रा लिमिटेड का शेयर शुक्रवार को 183.90 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को यह शेयर सीधे तेजी के साथ 193.05 रुपये पर खुला। यह पिछले बंद स्तर के मुकाबले करीब 5 फीसदी की बढ़त थी।
कंपनी के शेयर में 5 फीसदी का सर्किट लिमिट है। यही वजह रही कि बाजार में भारी गिरावट के बावजूद शेयर पूरे दिन अपर सर्किट के करीब बना रहा।
कारोबार के दौरान कुछ समय के लिए इसमें हल्की कमजोरी जरूर आई, लेकिन बाद में फिर खरीदारी लौट आई।
क्या निवेशकों को ध्यान देना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे शेयरों में अचानक तेजी अक्सर बड़े ऑर्डर, नई साझेदारी या सेक्टर से जुड़ी सकारात्मक खबरों के कारण आती है। हालांकि निवेशकों को सिर्फ तेजी देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। किसी भी स्मॉलकैप कंपनी में निवेश से पहले:
- कंपनी की वित्तीय स्थिति
- ऑर्डर बुक
- कर्ज
- और कारोबार की स्थिरता
को समझना बेहद जरूरी होता है।
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से मिल रहा सपोर्ट
भारत में ऑटोमोबाइल विनिर्माण, औद्योगिक कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है।
सरकार “मेक इन इंडिया” और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसका फायदा स्टील, निर्माण सामग्री और औद्योगिक सप्लाई कंपनियों को मिल सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है।
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