NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    wpi-inflation-may-2026-rises-to-9-68-percent-new-series-launched
    WPI Inflation May 2026: थोक महंगाई 9.68% पर पहुंची, ईंधन और बिजली ने बढ़ाया दबाव
    15 जून 2026
    fssai-notice-misleading-food-brand-names-healthy-tasty-true-vitamin
    Food Notice: ‘नाम में क्या रखा है’ कहावत पड़ गई भारी! FSSAI के निशाने पर इमामी समेत 8 कंपनियां, भ्रामक नाम और दावों पर नोटिस
    15 जून 2026
    spicejet-flight-safety-concerns-broken-seats-ac-failure-passenger-complaints
    टूटी खिड़कियां, खराब AC और जर्जर सीटें… स्पाइसजेट की फ्लाइट में यात्रियों का बुरा हाल, सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
    15 जून 2026
    desh-me-edible-oil-import-13-39-lakh-ton-kya-khane-ka-tel-hoga-mahanga
    देश में 13.39 लाख टन तक पहुंचा खाद्य तेलों का आयात, क्या फिर महंगा होगा खाने का तेल? किसानों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है बड़ा असर
    15 जून 2026
    gold-investment-complete-guide-2026-gold-etf-sgb-digital-gold
    Gold Investment Complete Guide 2026: Gold ETF, Digital Gold, SGB, Hallmark Gold और निवेश की पूरी जानकारी
    15 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-crude-oil-falls-4-percent-but-petrol-diesel-rates-unchanged
    Petrol Price Today: क्रूड ऑयल 4% टूटा, फिर भी पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं हुआ? चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹101 और डीजल ₹89 के पार, जानिए आपके शहर का ताजा रेट
    15 जून 2026
    gold-silver-price-today-15-june-2026-gold-recovers-silver-under-pressure
    Gold-Silver Price Today: उतार-चढ़ाव के बीच संभला सोना, चांदी अब भी दबाव में; जानिए आपके शहर में क्या है गोल्ड-सिल्वर का भाव?
    15 जून 2026
    petrol-price-today-crude-oil-falls-petrol-diesel-rate-13-june-2026
    Petrol Price Today: क्रूड ऑयल 2 महीने के निचले स्तर पर, फिर भी नहीं मिली राहत! जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    13 जून 2026
    gold-silver-price-today-12-june-2026-gold-rate-silver-price-india
    Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दामों में फिर मची हलचल! जानिए आज कितने बदले आपके शहर के भाव
    12 जून 2026
    gold-silver-price-crash-gold-falls-rs-15765-silver-rs-53810-in-one-month
    Gold Silver Price Crash: फिर औंधे मुंह गिरी कीमतें! सोना एक महीने में ₹15,765 टूटा, चांदी ₹53,810 सस्ती; जानिए कहां पहुंच गए भाव
    11 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    spacex-share-kaise-kharide-american-stock-market-me-investment-kaise-kare
    SpaceX Share Kaise Kharidein? भारत से अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने का पूरा तरीका, जानें क्या हैं नियम
    15 जून 2026
    vedanta-demerger-listing-vedanta-power-oil-gas-lower-circuit-share-price-analysis
    Vedanta Demerger Listing: 2 कंपनियों में लोअर सर्किट, फिर भी अनिल अग्रवाल के शेयरधारकों की हुई कमाई; जानिए किस स्टॉक ने दिखाया दम
    15 जून 2026
    vedanta-four-companies-listing-value-unlocking-shareholders-gain-anil-agarwal
    वेदांता की 4 कंपनियों की धमाकेदार लिस्टिंग! वैल्यू अनलॉकिंग ने कराई शेयरहोल्डर्स की भारी कमाई; ₹20 से ₹522 तक रहा भाव
    15 जून 2026
    stock-market-complete-guide-2026-share-market-nifty-sensex-dividend
    Stock Market Complete Guide 2026: Share Market, Nifty, Sensex, IPO, Dividend, Bonus Share और निवेश की पूरी जानकारी
    15 जून 2026
    mutual-fund-complete-guide-2026-sip-elss-large-cap-small-cap
    Mutual Fund Complete Guide 2026: SIP, ELSS, Large Cap, Small Cap, Debt Fund और निवेश की पूरी जानकारी
    15 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Hormuz Crisis: अगर भारत-ओमान पाइपलाइन बन गई होती तो नहीं आता ऊर्जा संकट? 1600KM प्रोजेक्ट पर फिर तेज हुई चर्चा
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Hormuz Crisis: अगर भारत-ओमान पाइपलाइन बन गई होती तो नहीं आता ऊर्जा संकट? 1600KM प्रोजेक्ट पर फिर तेज हुई चर्चा

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/11 at 8:56 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
oman-india-deep-water-pipeline-project-hormuz-crisis-hindi
SHARE

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव ने भारत समेत दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण कड़ा करने के बाद तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और भारत के ऊर्जा आयात बिल पर साफ दिखाई दे रहा है।

Contents
आखिर क्या है ओमान-भारत पाइपलाइन प्रोजेक्ट?आखिर यह प्रोजेक्ट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?1990 के दशक से क्यों अटका हुआ है प्रोजेक्ट?कितना सस्ता पड़ सकता था यह प्रोजेक्ट?क्या अब तकनीकी चुनौती कम हो गई है?भारत-ओमान व्यापार भी तेजी से बढ़ाक्या यह परियोजना भारत की ऊर्जा रणनीति बदल सकती है?पीएम मोदी की ऊर्जा बचत अपील से कैसे जुड़ता है यह मुद्दा?क्या अब फिर शुरू हो सकती है परियोजना?

इसी बीच एक पुराना लेकिन बेहद अहम प्रोजेक्ट फिर चर्चा में आ गया है। यह है ओमान-भारत डीप वॉटर पाइपलाइन प्रोजेक्ट यानी OIDMPP। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना समय पर पूरी हो गई होती तो आज भारत को होर्मुज संकट का इतना बड़ा असर नहीं झेलना पड़ता।

भारत के जियो-स्ट्रैटजिस्ट संदीप उन्नीथन ने इस परियोजना को लेकर कहा है कि अब इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने का समय आ गया है। उनका कहना है कि यह पाइपलाइन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को पूरी तरह बदल सकती है।

आखिर क्या है ओमान-भारत पाइपलाइन प्रोजेक्ट?

ओमान-भारत गहरे समुद्र की पाइपलाइन परियोजना एक प्रस्तावित ऊर्जा कॉरिडोर है जो मध्य पूर्व को सीधे भारत से जोड़ने की योजना पर आधारित है। इसे OIDMPP, MEIDP और SAGE प्रोजेक्ट के नाम से भी जाना जाता है।

यह परियोजना मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस को ओमान से सीधे भारत तक पहुंचाने के लिए बनाई गई थी। प्रस्ताव के मुताबिक पाइपलाइन ओमान के रास अल जिफान से शुरू होकर गुजरात के पोरबंदर तक पहुंचती।

इसकी कुल लंबाई लगभग 1600 किलोमीटर बताई गई है और इसे समुद्र की सतह से करीब 3500 मीटर नीचे बिछाने की योजना थी। यही इसकी सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती भी मानी जाती है।

आखिर यह प्रोजेक्ट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

भारत अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का लगभग 85 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसे में मध्य पूर्व भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोतों में शामिल है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। भारत को आने वाला बड़ा हिस्सा कच्चा तेल, एलएनजी और गैस इसी रास्ते से होकर आता है।

अगर इस मार्ग में किसी तरह का व्यवधान होता है तो भारत के ऊर्जा आयात, विदेशी मुद्रा भंडार, महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर सीधा असर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमान-भारत पाइपलाइन भारत को समुद्री संकटों और भू-राजनीतिक जोखिमों से काफी हद तक बचा सकती थी क्योंकि इससे गैस की सप्लाई अधिक स्थिर और सुरक्षित हो जाती।

1990 के दशक से क्यों अटका हुआ है प्रोजेक्ट?

इस परियोजना पर पहली बार 1990 के दशक में गंभीर चर्चा शुरू हुई थी। बाद में साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज यानी SAGE ने इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की।

SAGE ने भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय को करीब 5 अरब डॉलर की लागत वाला अंडर-सी एनर्जी कॉरिडोर प्रस्तावित किया था। इसके जरिए भारत को ओमान, यूएई, सऊदी अरब, कतर, ईरान और तुर्कमेनिस्तान से गैस आयात करने का विकल्प मिल सकता था।

हालांकि कई वर्षों तक तकनीकी चुनौतियां, भारी लागत, कूटनीतिक मुद्दे और घरेलू गैस ग्रिड परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलने की वजह से यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार ने उस समय कोच्चि-थूथुकुडी पाइपलाइन और घरेलू गैस नेटवर्क जैसी परियोजनाओं को ज्यादा प्राथमिकता दी थी।

कितना सस्ता पड़ सकता था यह प्रोजेक्ट?

SAGE के मुताबिक यह पाइपलाइन भारत के लिए एलएनजी आयात की तुलना में काफी सस्ती साबित हो सकती थी। कंपनी का दावा था कि गैस आयात लागत प्रति मिलियन BTU पर 1.5 से 2 डॉलर तक कम हो सकती थी और भारत को हर साल लगभग ₹7000 करोड़ की बचत हो सकती थी।

SAGE के निदेशक सुबोध कुमार जैन ने 2023 में कहा था कि यह प्रोजेक्ट हर साल करीब 945 मिलियन डॉलर तक की बचत करा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय में यह परियोजना भारत की ऊर्जा लागत कम करने के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत कर सकती है।

क्या अब तकनीकी चुनौती कम हो गई है?

जब इस परियोजना पर शुरुआती चर्चा हुई थी तब 3500 मीटर गहराई में पाइपलाइन बिछाना बेहद कठिन और महंगा माना जाता था।

लेकिन अब डीप-वॉटर इंजीनियरिंग, समुद्री पाइपलाइन तकनीक और ऊर्जा अवसंरचना में काफी प्रगति हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज यह परियोजना पहले की तुलना में ज्यादा व्यवहारिक दिखाई देती है।

भारत-ओमान व्यापार भी तेजी से बढ़ा

भारत और ओमान के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 10.61 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर यह समझौता लागू होता है तो ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सकता है।

क्या यह परियोजना भारत की ऊर्जा रणनीति बदल सकती है?

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पाइपलाइन बनती है तो भारत को एलएनजी आयात पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और भू-राजनीतिक जोखिम घटाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

इसके अलावा भारत को खाड़ी देशों से दीर्घकालिक गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का स्थायी विकल्प भी मिल सकता है।

पीएम मोदी की ऊर्जा बचत अपील से कैसे जुड़ता है यह मुद्दा?

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा की बचत, गैर-जरूरी यात्रा कम करने और ईंधन खपत घटाने की अपील की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज संकट और बढ़ती तेल कीमतों के बीच भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा आयात बिल को लेकर गंभीर दबाव महसूस कर रहा है।

ऐसे में OIDMPP जैसी परियोजनाएं भविष्य में भारत को ऊर्जा संकटों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

क्या अब फिर शुरू हो सकती है परियोजना?

फिलहाल यह परियोजना आधिकारिक रूप से “ऑन-होल्ड” मानी जाती है। लेकिन पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा सुरक्षा की बढ़ती चिंता के बाद इस पर फिर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत ऊर्जा सुरक्षा, गैस आधारित अर्थव्यवस्था और दीर्घकालिक आयात रणनीति पर तेजी से काम करना चाहता है, तो इस परियोजना को दोबारा प्राथमिकता दी जा सकती है।

Also Read:

  • Silver Price Today: चांदी फिर चमकी, जानिए आपके शहर में क्या है चांदी का ताजा भाव
  • Gold Rate Today: सोना हुआ सस्ता, जानिए आपके शहर में क्या है 22 और 24 कैरेट गोल्ड का ताजा भाव

You Might Also Like

WPI Inflation May 2026: थोक महंगाई 9.68% पर पहुंची, ईंधन और बिजली ने बढ़ाया दबाव

Food Notice: ‘नाम में क्या रखा है’ कहावत पड़ गई भारी! FSSAI के निशाने पर इमामी समेत 8 कंपनियां, भ्रामक नाम और दावों पर नोटिस

टूटी खिड़कियां, खराब AC और जर्जर सीटें… स्पाइसजेट की फ्लाइट में यात्रियों का बुरा हाल, सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

देश में 13.39 लाख टन तक पहुंचा खाद्य तेलों का आयात, क्या फिर महंगा होगा खाने का तेल? किसानों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है बड़ा असर

Gold Investment Complete Guide 2026: Gold ETF, Digital Gold, SGB, Hallmark Gold और निवेश की पूरी जानकारी

TAGGED: business news, Crude Oil, Economy News, Energy Crisis, Hormuz Crisis, India Energy Security, Middle East Crisis, Natural Gas, Oman India Pipeline, PM modi
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article silver-price-today-11-may-2026-city-wise-silver-rate-hindi Silver Price Today: चांदी फिर चमकी, जानिए आपके शहर में क्या है चांदी का ताजा भाव
Next Article gautam-adani-energy-digital-security-self-reliance-hindi Gautam Adani on Self Reliance: ऊर्जा और डिजिटल ताकत बिना आत्मनिर्भरता अधूरी, अडानी ने बदलती दुनिया का नया समीकरण समझाया

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

credit-card-on-2000-fd-for-low-cibil-score
Credit Card: खराब CIBIL स्कोर वालों के लिए राहत! सिर्फ ₹2,000 की FD पर मिलेगा क्रेडिट कार्ड, साथ में 7% तक ब्याज का फायदा
फाइनेंस
success-story-dr-himanshu-gandhi-mother-sparsh-150-crore-brand
Success Story: शॉर्टकट नहीं, बरगद जैसा बनने की चाहत थी, छोड़ दी सरकारी नौकरी, बना डाला ₹150 करोड़ का ब्रांड
फाइनेंस
green-sm-india-office-gurugram-noida-urban-vault-partnership
Green SM Taxi: वियतनामी टैक्सी कंपनी का पहला बड़ा दफ्तर गुरुग्राम में, नोएडा भी बनेगा ऑपरेशन सेंटर
फाइनेंस
elon-musk-18-dollar-job-se-duniya-ke-pahle-trillionaire-banane-tak-ka-safar
$18 प्रति घंटे की नौकरी से दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर तक: एलन मस्क ने कैसे लिखी इतिहास की सबसे बड़ी दौलत की कहानी?
फाइनेंस
what-is-hindu-rate-of-growth-pm-modi-congress-economic-history
What is Hindu Rate of Growth: हिंदू ग्रोथ रेट क्या है जिसका जिक्र कर पीएम मोदी ने पिछली कांग्रेस सरकार को लताड़ा
फाइनेंस
rbi-action-mogaveera-cooperative-bank-withdrawal-limit-1-lakh
RBI का बड़ा एक्शन: इस बैंक के ग्राहकों को झटका, खाते से सिर्फ ₹1 लाख ही निकाल सकेंगे, जानिए पूरा मामला
फाइनेंस
sahara-news-sebi-ne-supreme-court-ka-rukh-kiya
Sahara News: सहारा से जुड़े ₹14,106 करोड़ के मामले में नया मोड़, कर्मचारियों को मिली राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची SEBI
फाइनेंस
9-karat-gold-jewellery-demand-rising-in-india
9 Karat Gold: 9 कैरेट का सोना बन रहा है लोगों की पहली पसंद, जानिए क्यों बढ़ रही है इसकी डिमांड?
फाइनेंस
vedanta-demerger-four-new-companies-listing-date-15-june-2026
Vedanta Demerger: वेदांता की 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग 15 जून को, निवेशकों के लिए क्या होगा बड़ा बदलाव?
फाइनेंस
credit-card-use-na-karna-credit-score-effect-hindi
Credit Card का इस्तेमाल न करना भी पड़ सकता है भारी: जानें कैसे बिगड़ सकता है आपका Credit Score
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?