भारत में सोमवार 11 मई 2026 को सोने की कीमतों में फिर नरमी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और डॉलर की मजबूती के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में भी गोल्ड रेट दबाव में रहे। हालांकि शादी-विवाह के सीजन और निवेश मांग की वजह से बाजार में खरीदारी पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ी है।
आज भारत में 24 कैरेट सोने का रेट ₹15,213 प्रति ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट गोल्ड ₹13,945 प्रति ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड ₹11,410 प्रति ग्राम पर कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में गोल्ड में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और आने वाले दिनों में भी volatility बनी रह सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय सोने के बाजार पर अमेरिकी ब्याज दरें, पश्चिम एशिया तनाव, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सबसे ज्यादा असर डाल रही हैं। यही वजह है कि निवेशक हर छोटे बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
आखिर सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
सोने की कीमतों में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें मानी जा रही हैं। कुछ महीने पहले तक बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल कई बार ब्याज दरों में कटौती करेगा, लेकिन अब हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जब crude oil महंगा होता है तो ट्रांसपोर्टेशन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक लगभग हर सेक्टर की लागत बढ़ने लगती है। इससे inflation यानी महंगाई पर दबाव बढ़ता है।
अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। यही बात सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती है क्योंकि gold ऐसा asset है जो ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशक bonds और fixed income products की तरफ शिफ्ट होने लगते हैं।
पीएम मोदी की अपील का भी दिखा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से गैर-जरूरी सोने की खरीद टालने की अपील की थी। इसके बाद बाजार में गोल्ड डिमांड को लेकर चर्चा तेज हो गई।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा gold consumer है और देश अपनी जरूरत का 90 फीसदी से ज्यादा सोना आयात करता है। ऐसे में जब global crude oil prices बढ़ती हैं और डॉलर मजबूत होता है तो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार फिलहाल विदेशी मुद्रा बचाने और import bill नियंत्रित रखने पर फोकस कर रही है। हालांकि ज्वेलरी इंडस्ट्री का मानना है कि भारतीय बाजार में सोने की मांग पूरी तरह खत्म होना आसान नहीं है क्योंकि यहां गोल्ड सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है।
क्या आने वाले दिनों में फिर बढ़ सकते हैं दाम?
मार्केट analysts का कहना है कि short-term में गोल्ड में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर:
- पश्चिम एशिया तनाव बढ़ता है
- crude oil prices और चढ़ते हैं
- या global financial markets में uncertainty बढ़ती है
तो safe haven buying की वजह से सोना फिर तेजी पकड़ सकता है। दूसरी तरफ अगर अमेरिकी inflation data कमजोर आता है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है, तो भी गोल्ड को support मिल सकता है।
भारत के प्रमुख हिंदी भाषी शहरों में आज का गोल्ड रेट (1 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| मुंबई | ₹15,213 | ₹13,945 | ₹11,410 |
| जयपुर | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| लखनऊ | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| पटना | ₹15,218 | ₹13,950 | ₹11,415 |
| चंडीगढ़ | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| गुरुग्राम | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| गाजियाबाद | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| नोएडा | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| अहमदाबाद | ₹15,218 | ₹13,950 | ₹11,415 |
| सूरत | ₹15,218 | ₹13,950 | ₹11,415 |
| राजकोट | ₹15,218 | ₹13,950 | ₹11,415 |
| नागपुर | ₹15,213 | ₹13,945 | ₹11,410 |
| पुणे | ₹15,213 | ₹13,945 | ₹11,410 |
| अयोध्या | ₹15,228 | ₹13,960 | ₹11,425 |
| भुवनेश्वर | ₹15,213 | ₹13,945 | ₹11,410 |
| कटक | ₹15,213 | ₹13,945 | ₹11,410 |
[Source: Good Returns]
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है। हालांकि short-term volatility को देखते हुए एकमुश्त निवेश के बजाय staggered buying strategy अपनाना बेहतर माना जा रहा है।
शादी-विवाह के सीजन में physical gold demand बढ़ने की संभावना भी बाजार को support दे सकती है। वहीं ज्वेलरी खरीदारों को making charges और GST को ध्यान में रखकर खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर:
- अमेरिकी inflation data
- Federal Reserve policy
- डॉलर इंडेक्स
- crude oil prices
- और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम
पर बनी रहेगी। यही फैक्टर्स तय करेंगे कि गोल्ड फिर तेजी पकड़ेगा या दबाव में रहेगा।
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