रविवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब Swiss International Air Lines की ज्यूरिख जाने वाली फ्लाइट में टेकऑफ के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत टेकऑफ रोक दिया और पूरी इमरजेंसी घोषित की गई। इसके बाद विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, हालांकि इस दौरान चार यात्रियों के घायल होने की खबर है।
टेकऑफ के दौरान आई दिक्कत, तुरंत लिया गया फैसला
जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट LX147 तड़के करीब 1 बजे दिल्ली से ज्यूरिख के लिए रवाना होने वाली थी। इसी दौरान टेकऑफ रन के समय विमान के एक इंजन में समस्या आ गई। पायलट ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत टेकऑफ को रोक दिया, जिसे एविएशन भाषा में “Rejected Takeoff” कहा जाता है।
एयरलाइन के प्रवक्ता के अनुसार, स्थिति का आकलन करने के बाद एहतियातन यात्रियों को तुरंत विमान से बाहर निकालने का निर्णय लिया गया।
245 लोग थे सवार, इमरजेंसी स्लाइड से निकाले गए यात्री
इस फ्लाइट में कुल 245 लोग सवार थे, जिनमें 232 यात्री (चार शिशुओं सहित) और 13 क्रू मेंबर शामिल थे। यह विमान एयरबस A330-300 मॉडल का था, जिसका रजिस्ट्रेशन HB-JHK बताया गया है।
आपातकालीन स्थिति में सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के जरिए बाहर निकाला गया। कुछ यात्रियों को स्लाइड का उपयोग करने में दिक्कत हुई, जिन्हें सीढ़ियों के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया।
4 यात्री घायल, एक क्रू मेंबर को भी चोट
इवैक्युएशन के दौरान चार यात्री घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं एक केबिन क्रू सदस्य को भी हल्की चोट (मोच) आई है। बाकी सभी यात्री और क्रू सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यात्रियों को चोट किस स्थिति में लगी, लेकिन आमतौर पर इमरजेंसी स्लाइड से उतरते समय ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।
धुआं दिखने से बढ़ी चिंता, टायर या इंजन में थी समस्या?
सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को टायर फटने की सूचना मिली थी। बाद में जांच में पता चला कि विमान के मुख्य पहिए (main wheel) के पोर्ट साइड से धुआं निकल रहा था।
इससे पहले यह आशंका भी जताई गई कि इंजन में खराबी के कारण यह स्थिति बनी। फिलहाल, असली कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
एयरपोर्ट ऑपरेशन पर नहीं पड़ा असर
Delhi International Airport Limited (DIAL) ने बताया कि इस घटना के बावजूद एयरपोर्ट के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। रनवे 28/10 पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई थी, लेकिन सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
एयरलाइन ने बताया कि सभी यात्रियों को होटल में ठहराया गया है और उनकी आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक फ्लाइट्स की व्यवस्था की जा रही है। कंपनी ने कहा कि हर यात्री के लिए व्यक्तिगत समाधान खोजने की कोशिश की गई है ताकि वे अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
तकनीकी जांच के लिए टीम दिल्ली पहुंचेगी
Swiss International Air Lines ने कहा है कि उनके तकनीकी विशेषज्ञ जल्द ही दिल्ली पहुंचेंगे और विमान की पूरी जांच करेंगे। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इंजन में खराबी क्यों आई और क्या कोई बड़ी तकनीकी खामी थी।
यात्रियों के लिए मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण स्थिति
एयरलाइन ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं यात्रियों के लिए तनावपूर्ण और डरावनी हो सकती हैं। कंपनी ने आश्वासन दिया कि वह प्रभावित यात्रियों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
निष्कर्ष
दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि एविएशन सेक्टर में सुरक्षा प्रोटोकॉल कितने अहम होते हैं। पायलट और ग्राउंड स्टाफ की सतर्कता की वजह से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। हालांकि चार यात्रियों के घायल होने की खबर चिंता का विषय है, लेकिन समय रहते उठाए गए कदमों ने सभी की जान बचा ली।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार किए जाते हैं।
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