NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    air-canada-pilot-fake-license-17-years-900-flights
    Air Canada Pilot Case: नकली लाइसेंस के सहारे 17 साल तक उड़ाता रहा विमान, 900 से ज्यादा फ्लाइट्स के बाद खुला राज
    11 जून 2026
    modi-vs-nehru-india-economic-progress-gdp-growth-comparison
    मोदी Vs नेहरू का भारत: GDP, ग्रोथ, शिक्षा और वैश्विक प्रभाव के आंकड़ों में कितना बदला देश?
    11 जून 2026
    lpg-crude-strategic-reserve-india-oil-gas-lng-storage-plan
    LPG Crude Strategic Reserve: तेल, गैस और एलपीजी पर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ईरान युद्ध के बीच क्या है इसका मतलब?
    11 जून 2026
    china-exports-rise-19-percent-india-opportunity-china-plus-one
    China Exports: चीन ने चौंकाया, ईरान संकट के बीच एक्सपोर्ट में 19.4% की छलांग, भारत के लिए क्या हैं मौके और चुनौतियां?
    11 जून 2026
    what-is-hindu-rate-of-growth-pm-modi-congress-economic-history
    What is Hindu Rate of Growth: हिंदू ग्रोथ रेट क्या है जिसका जिक्र कर पीएम मोदी ने पिछली कांग्रेस सरकार को लताड़ा
    11 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
    petrol-diesel-cng-lpg-supply-delhi-fuel-stock-76-days-india
    Petrol Diesel CNG LPG Supply: दिल्ली में ईंधन की कोई कमी नहीं, देश में 76 दिन का फ्यूल स्टॉक मौजूद- सरकार
    8 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-8-june-2026-city-wise-rates
    Petrol Diesel Price Today: फिर उबलने लगा क्रूड ऑयल, लेकिन राहत बरकरार; बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110 और डीजल ₹98 के पार, जानिए आपके शहर का ताजा रेट
    8 जून 2026
    petrol-diesel-rate-today-7-june-2026-crude-oil-price-fall-no-relief
    Petrol Diesel Rate Today: क्रूड 93 डॉलर पर आया, फिर भी नहीं मिली राहत; जानिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    elitecon-international-share-price-fmcg-expansion-rs700-crore-investment-fy2030-revenue-target
    ₹423 का शेयर ₹27 पर आया, अब ₹700 Cr का दांव; नजर ₹20 हजार करोड़ की कमाई पर, यूके-दुबई तक फैला कारोबार
    10 जून 2026
    share-market-closing-sensex-flat-nifty-falls-last-hour-selling-pressure
    Share Market Closing: आखिरी घंटे में पलटा खेल, 700 अंक की बढ़त गंवाकर फ्लैट बंद हुआ सेंसेक्स
    10 जून 2026
    merritronix-share-gives-over-120-percent-return-after-ipo-listing-hits-upper-circuit
    ₹149 का IPO, ₹283 पर लिस्टिंग… 3 दिन में 120% रिटर्न, लगातार अपर सर्किट छू रहा यह शेयर
    10 जून 2026
    adani-energy-solutions-intellismart-acquisition-rs-3050-crore-smart-meter-business
    जिस पर जेफरीज बुलिश, अदाणी की उस कंपनी ने खेला ₹3050 करोड़ का दांव; UP-MP समेत 5 राज्यों में स्मार्ट मीटर का बड़ा विस्तार
    9 जून 2026
    share-market-today-sensex-jumps-395-points-nifty-crosses-23200-banking-rally
    Share Market Today: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 395 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,200 के पार; बैंकिंग शेयरों ने संभाला मोर्चा
    9 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: FDI Investment: क्या भारत वाकई निवेश संकट में है? सुरजीत भल्ला की चेतावनी पर CEA नागेश्वरन का जवाब, 95 अरब डॉलर के आंकड़े से दिया तर्क
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

FDI Investment: क्या भारत वाकई निवेश संकट में है? सुरजीत भल्ला की चेतावनी पर CEA नागेश्वरन का जवाब, 95 अरब डॉलर के आंकड़े से दिया तर्क

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/11 at 12:39 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
fdi-investment-india-investment-crisis-surjit-bhalla-vs-cea-nageswaran
SHARE

FDI Investment: भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने दावा किया है कि देश एक गहरे निवेश संकट का सामना कर रहा है और नेट FDI इनफ्लो में भारी गिरावट चिंताजनक संकेत दे रही है। हालांकि, मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन इस आकलन से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि भारत में वास्तव में कोई गंभीर संरचनात्मक निवेश संकट होता तो उसका असर सकल FDI आंकड़ों में भी दिखाई देता। इसके विपरीत, हालिया आंकड़े बताते हैं कि विदेशी निवेशक अभी भी भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में देख रहे हैं।

Contents
भारत में निवेश संकट को लेकर क्या है पूरा विवाद?CEA नागेश्वरन ने क्यों खारिज किया निवेश संकट का दावा?Gross FDI और Net FDI में क्या अंतर है?वैश्विक ब्याज दरों का कितना असर पड़ा?AI बूम ने भी बदली निवेश की दिशाBITs को लेकर सरकार की क्या सोच है?क्या आंकड़े सचमुच भारत के पक्ष में हैं?आगे FDI को लेकर क्या हैं संभावनाएं?निष्कर्षआज के लाइव रेट्स

भारत की अर्थव्यवस्था इस समय वैश्विक अनिश्चितताओं, ऊंची ब्याज दरों, भू-राजनीतिक तनाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निवेश की नई दौड़ के बीच आगे बढ़ रही है। ऐसे में FDI को लेकर उठी यह बहस केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं से भी जुड़ी हुई है।

भारत में निवेश संकट को लेकर क्या है पूरा विवाद?

हाल के दिनों में अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने कहा था कि भारत में नेट FDI प्रवाह में आई तेज गिरावट को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, भारत द्वारा पिछले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय निवेश संधियों (BITs) में किए गए बदलावों ने विदेशी निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है। उनका तर्क था कि निवेशकों के लिए कानूनी सुरक्षा और विवाद समाधान की व्यवस्था पहले की तुलना में कम आकर्षक हो गई है, जिससे नए निवेश की गति प्रभावित हुई है।

भल्ला का मानना है कि भारत में आने वाले विदेशी निवेश की गुणवत्ता और स्थिरता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने इसे संभावित निवेश संकट का संकेत बताया।

हालांकि, CEA वी. अनंत नागेश्वरन ने इस तर्क को एकपक्षीय बताते हुए कहा कि किसी भी आर्थिक प्रवृत्ति को केवल एक कारण से नहीं समझा जा सकता। उनके अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां निवेश प्रवाह को प्रभावित करने में कहीं बड़ी भूमिका निभाती हैं।

CEA नागेश्वरन ने क्यों खारिज किया निवेश संकट का दावा?

इंडिया टुडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू में नागेश्वरन ने स्पष्ट कहा कि भारत में निवेशकों की रुचि कम होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में विदेशी निवेशक भारत से दूरी बना रहे होते तो मौजूदा निवेशकों द्वारा निकाली गई पूंजी की भरपाई नए निवेश से नहीं हो पाती। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।

नागेश्वरन के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में रिटेन्ड अर्निंग्स को शामिल करने पर भारत में कुल सकल FDI प्रवाह लगभग 95 अरब डॉलर रहा। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि वैश्विक निवेशक अभी भी भारतीय अर्थव्यवस्था में अवसर देख रहे हैं।

उनका कहना है कि केवल नेट FDI के आंकड़ों को देखकर व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा, क्योंकि निवेश की तस्वीर समझने के लिए सकल निवेश और पुनर्निवेशित आय को भी देखना जरूरी है।

Gross FDI और Net FDI में क्या अंतर है?

FDI पर चर्चा के दौरान अक्सर Gross FDI और Net FDI को लेकर भ्रम पैदा हो जाता है।

Gross FDI वह कुल विदेशी निवेश है जो किसी देश में आता है। इसमें नई परियोजनाओं में निवेश, इक्विटी निवेश और पहले से मौजूद कंपनियों में पुनर्निवेशित आय शामिल होती है।

वहीं Net FDI निकालते समय विदेशी निवेशकों द्वारा निकाली गई पूंजी या वापस भेजी गई रकम को कुल निवेश से घटा दिया जाता है।

यही वजह है कि कई बार सकल निवेश मजबूत दिखाई देता है लेकिन नेट FDI अपेक्षाकृत कमजोर नजर आता है। नागेश्वरन का तर्क भी इसी अंतर पर आधारित है। उनका कहना है कि सकल निवेश के मजबूत बने रहने से यह स्पष्ट होता है कि भारत की निवेश क्षमता अभी भी बरकरार है।

वैश्विक ब्याज दरों का कितना असर पड़ा?

CEA के अनुसार, 2014 के बाद भारत में विदेशी निवेश में जो तेजी देखने को मिली थी, उसके पीछे केवल घरेलू नीतियां जिम्मेदार नहीं थीं।

उस समय अमेरिका, यूरोप और जापान जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरें बेहद कम थीं। कई देशों में ब्याज दरें लगभग शून्य के आसपास थीं। ऐसे माहौल में निवेशकों ने बेहतर रिटर्न की तलाश में भारत जैसे उभरते बाजारों की ओर रुख किया।

लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदल गई है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की है। अमेरिका और जापान में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न भी बढ़ा है।

इसका परिणाम यह हुआ कि विदेशी निवेशकों के लिए घरेलू बाजारों में निवेश करना पहले की तुलना में अधिक आकर्षक हो गया। इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ओर पूंजी का प्रवाह धीमा पड़ा।

AI बूम ने भी बदली निवेश की दिशा

नागेश्वरन ने निवेश के बदलते वैश्विक रुझानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका का भी जिक्र किया।

उनके अनुसार, AI से जुड़ी कंपनियों और तकनीकी ढांचे में भारी निवेश की आवश्यकता है। अमेरिका में AI आधारित डेटा सेंटर, चिप निर्माण और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं।

इस वजह से वैश्विक निवेशकों का बड़ा हिस्सा विकसित देशों के तकनीकी सेक्टर की ओर आकर्षित हुआ है। AI आधारित अवसरों ने पूंजी को वापस अमेरिका और अन्य विकसित बाजारों की ओर खींचा है।

ऐसे में केवल भारत ही नहीं, बल्कि अधिकांश उभरते देशों को FDI प्रवाह में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

BITs को लेकर सरकार की क्या सोच है?

हालांकि नागेश्वरन ने BITs को पूरी तरह महत्वहीन नहीं बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार स्वयं द्विपक्षीय निवेश समझौतों की समीक्षा का आश्वासन दे चुकी है।

उनका कहना है कि निवेश संधियां विदेशी निवेशकों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। लेकिन FDI में उतार-चढ़ाव को केवल इसी एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा।

सरकार का मानना है कि निवेश का निर्णय कई आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक कारकों के संयुक्त प्रभाव से प्रभावित होता है।

क्या आंकड़े सचमुच भारत के पक्ष में हैं?

CEA का सबसे मजबूत तर्क यही है कि यदि भारत में वास्तव में कोई गंभीर निवेश संकट होता तो विदेशी निवेशक लगातार दूरी बनाते दिखाई देते।

उन्होंने कहा कि 2021 से 2025 के बीच भारत में सकल FDI लगभग 70 से 80 अरब डॉलर की सीमा में बना रहा। इसके बाद वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर करीब 95 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

यदि निवेशकों का भरोसा कमजोर हो रहा होता तो इतनी बड़ी वृद्धि संभव नहीं होती।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बड़ी घरेलू बाजार क्षमता, डिजिटल इकोनॉमी, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और राजनीतिक स्थिरता अब भी विदेशी निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।

आगे FDI को लेकर क्या हैं संभावनाएं?

आने वाले वर्षों में भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि वह वैश्विक पूंजी को किस तरह आकर्षित रखता है।

वर्तमान समय में तेल, गैस और उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक व्यापार तनाव और तकनीकी निवेश की नई प्राथमिकताएं दुनिया भर के निवेश पैटर्न को प्रभावित कर रही हैं।

इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत विकास दर, नियंत्रित महंगाई और स्थिर मैक्रो-इकोनॉमिक वातावरण बनाए रखने में सफल रही है।

नागेश्वरन का मानना है कि जब AI निवेश का मौजूदा उन्माद कुछ कम होगा और निवेशक दीर्घकालिक अवसरों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे, तब भारत एक बार फिर वैश्विक पूंजी के लिए सबसे आकर्षक बाजारों में शामिल रहेगा।

निष्कर्ष

सुरजीत भल्ला और वी. अनंत नागेश्वरन के बीच FDI को लेकर मतभेद यह दिखाते हैं कि निवेश आंकड़ों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की जा सकती है। जहां भल्ला नेट FDI में गिरावट को निवेश संकट का संकेत मानते हैं, वहीं CEA का कहना है कि सकल FDI के मजबूत आंकड़े विदेशी निवेशकों के भरोसे को दर्शाते हैं।

सच्चाई शायद इन दोनों दृष्टिकोणों के बीच कहीं मौजूद है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों ने निश्चित रूप से निवेश प्रवाह को प्रभावित किया है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक विकास क्षमता और बड़ा बाजार अभी भी विदेशी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण आकर्षण बने हुए हैं। आने वाले वर्षों में FDI के रुझान ही तय करेंगे कि इस बहस में किसका आकलन ज्यादा सटीक साबित होता है।

Source: CEA V. Anantha Nageswaran Interview (India Today TV), भारत सरकार के आर्थिक आंकड़े, FDI प्रवाह संबंधी आधिकारिक डेटा।

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

You Might Also Like

Air Canada Pilot Case: नकली लाइसेंस के सहारे 17 साल तक उड़ाता रहा विमान, 900 से ज्यादा फ्लाइट्स के बाद खुला राज

मोदी Vs नेहरू का भारत: GDP, ग्रोथ, शिक्षा और वैश्विक प्रभाव के आंकड़ों में कितना बदला देश?

LPG Crude Strategic Reserve: तेल, गैस और एलपीजी पर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ईरान युद्ध के बीच क्या है इसका मतलब?

China Exports: चीन ने चौंकाया, ईरान संकट के बीच एक्सपोर्ट में 19.4% की छलांग, भारत के लिए क्या हैं मौके और चुनौतियां?

What is Hindu Rate of Growth: हिंदू ग्रोथ रेट क्या है जिसका जिक्र कर पीएम मोदी ने पिछली कांग्रेस सरकार को लताड़ा

TAGGED: BIT Agreements, CEA Nageswaran, FDI Investment, Foreign Direct Investment, Gross FDI, indian economy, investment news, Net FDI, Surjit Bhalla
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article china-exports-rise-19-percent-india-opportunity-china-plus-one China Exports: चीन ने चौंकाया, ईरान संकट के बीच एक्सपोर्ट में 19.4% की छलांग, भारत के लिए क्या हैं मौके और चुनौतियां?
Next Article lpg-crude-strategic-reserve-india-oil-gas-lng-storage-plan LPG Crude Strategic Reserve: तेल, गैस और एलपीजी पर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ईरान युद्ध के बीच क्या है इसका मतलब?

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

Recent Posts

  • Air Canada Pilot Case: नकली लाइसेंस के सहारे 17 साल तक उड़ाता रहा विमान, 900 से ज्यादा फ्लाइट्स के बाद खुला राज
  • मोदी Vs नेहरू का भारत: GDP, ग्रोथ, शिक्षा और वैश्विक प्रभाव के आंकड़ों में कितना बदला देश?
  • LPG Crude Strategic Reserve: तेल, गैस और एलपीजी पर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ईरान युद्ध के बीच क्या है इसका मतलब?
  • FDI Investment: क्या भारत वाकई निवेश संकट में है? सुरजीत भल्ला की चेतावनी पर CEA नागेश्वरन का जवाब, 95 अरब डॉलर के आंकड़े से दिया तर्क
  • China Exports: चीन ने चौंकाया, ईरान संकट के बीच एक्सपोर्ट में 19.4% की छलांग, भारत के लिए क्या हैं मौके और चुनौतियां?

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?