भारत ने इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश में पेटेंट फाइलिंग्स रिकॉर्ड 1.43 लाख से अधिक पहुंच गई हैं, जो पिछले साल की तुलना में 30.2% की बढ़त दर्शाती है।
इस उपलब्धि की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने दी। उन्होंने इसे “भारत की इनोवेशन इंजन की ताकत” बताया और कहा कि देश अब वैश्विक इनोवेशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रिकॉर्ड आंकड़े: कितनी बढ़ी पेटेंट फाइलिंग?
सरकारी डेटा के अनुसार:
- FY 2025-26 में कुल पेटेंट आवेदन: 1,43,729
- FY 2024-25 में: 1,10,375
- वृद्धि: 30.2%
यह लगातार कई वर्षों से जारी ग्रोथ ट्रेंड को और मजबूत करता है।
अगर पिछले दशक पर नजर डालें, तो 2015-16 में भारत में पेटेंट फाइलिंग 50,000 से भी कम थी। आज यह आंकड़ा लगभग तीन गुना से अधिक हो चुका है, जो देश की रिसर्च और इनोवेशन क्षमता में बड़े बदलाव को दर्शाता है।
“Made in India” अब “Invented in India” बन रहा है
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि भारत अब सिर्फ प्रोडक्शन नहीं बल्कि इनोवेशन में भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि:
- 69% से अधिक पेटेंट घरेलू आवेदकों द्वारा दाखिल किए गए
- यह दिखाता है कि भारत के स्टार्टअप, MSMEs और रिसर्च संस्थान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं
- “Made in India” अब “Invented in India” में बदल रहा है
यह बदलाव भारत की आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।
कौन आगे है? राज्यों की भूमिका
पेटेंट फाइलिंग के मामले में राज्यों का प्रदर्शन भी काफी दिलचस्प रहा:
- तमिलनाडु – सबसे अधिक पेटेंट फाइलिंग
- कर्नाटक – दूसरा स्थान
- महाराष्ट्र – तीसरा स्थान
- अन्य योगदानकर्ता: उत्तर प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना
इन राज्यों में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी शिक्षा संस्थान इस वृद्धि का बड़ा कारण माने जा रहे हैं।
भारत 6th largest patent filer बना
भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा पेटेंट फाइलर देश बन चुका है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि:
- भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट तेजी से बढ़ रहा है
- टेक्नोलॉजी आधारित उद्योग मजबूत हो रहे हैं
- स्टार्टअप्स का योगदान लगातार बढ़ रहा है
यह भारत की वैश्विक इनोवेशन रैंकिंग में सुधार का संकेत है।
पेटेंट ग्रोथ के पीछे प्रमुख कारण
इस तेज वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण नीतिगत और आर्थिक कारण हैं:
1. Startup India मिशन
स्टार्टअप्स को फंडिंग और IP प्रोटेक्शन में मदद मिली।
2. डिजिटल इंडिया पहल
टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विसेज में तेजी आई।
3. रिसर्च संस्थानों की भागीदारी
यूनिवर्सिटीज और IITs में रिसर्च आउटपुट बढ़ा।
4. MSME सेक्टर की भागीदारी
छोटे उद्योग भी अब इनोवेशन में भाग ले रहे हैं।
भारत की ग्लोबल इनोवेशन स्थिति
पेटेंट ग्रोथ के साथ भारत अब:
- वैश्विक इनोवेशन इंडेक्स में तेजी से ऊपर बढ़ रहा है
- टेक्नोलॉजी और R&D निवेश में सुधार कर रहा है
- विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षक इनोवेशन हब बन रहा है
यह संकेत देता है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक टेक लीडर बन सकता है।
क्या कहता है यह ट्रेंड?
विशेषज्ञों के अनुसार यह ग्रोथ सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव का संकेत है:
- भारत अब सिर्फ उपभोक्ता बाजार नहीं रहा
- देश अब प्रोडक्शन + इनोवेशन दोनों में मजबूत हो रहा है
- युवाओं का स्टार्टअप और रिसर्च की ओर रुझान बढ़ रहा है
निष्कर्ष
भारत में पेटेंट फाइलिंग का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि देश अब तेजी से इनोवेशन-ड्रिवन इकोनॉमी बन रहा है।
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal के अनुसार यह भारत की “Unstoppable Innovation Engine” का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में देश को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जाएगा।
कुल मिलाकर, यह उपलब्धि भारत की आर्थिक मजबूती, तकनीकी क्षमता और भविष्य की वैश्विक स्थिति के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है।
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