गिग वर्कर्स की हड़ताल की चेतावनी के बीच Zomato और Swiggy ने New Year’s Eve पर डिलीवरी पार्टनर्स के लिए पेआउट बढ़ाया। जानें पूरा मामला हिंदी में।
भारत की अग्रणी फूड डिलीवरी कंपनियों Zomato और Swiggy ने न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर) के व्यस्त समय में अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए भुगतान (पेयआउट) बढ़ाने की घोषणा की है। यह फैसला तब आया है जब गिग वर्कर्स यूनियनों ने राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे सेवा में व्यवधान का खतरा बताया जा रहा है। The New Indian Express
📌 क्यों हड़ताल की चेतावनी?

गिग वर्कर्स यूनियनों ने 31 दिसंबर को डिलीवरी वर्कर्स को ऑफलाइन (लॉग-आउट) रहने का आह्वान किया है ताकि कंपनियों को उनके मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया जा सके। इन मांगों में शामिल हैं:
- 💸 बेहतर भुगतान और पारदर्शी पेआउट संरचना
- 🛡️ सामाजिक सुरक्षा और बीमा सुविधाएँ
- ⏱️ 10-मिनट डिलीवरी जैसी अवास्तविक अपेक्षाओं का खत्म होना
- 📉 अवैध अकाउंट ब्लॉकिंग और सख्त रेटिंग सिस्टम का सुधार
यूनियनों का कहना है कि वेतन में गिरावट और सुरक्षा की कमी के कारण कार्य परिस्थिति खराब है। India TV News
🛵 Zomato का नया ऑफर
Zomato ने डिलीवरी पार्टनर्स को पीक समय में अधिक भुगतान की पेशकश की है:
✔️ शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक लगभग ₹120–₹150 प्रति ऑर्डर भुगतान
✔️ दिन भर में ₹3,000 तक कमाने का मौका
✔️ कुछ मामलों में कैंसिल/डीलिनियल पेनल्टी को अस्थायी रूप से हटा दिया गया
कंपनी का उद्देश्य है कि डिलीवरी पार्टनर्स को जोड़ा रखें, विशेषकर जब ऑर्डर की मांग कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर पर हो सकती है। Storyboard18
🚴 Swiggy के भुगतान बढ़ाने के ऑफर
Swiggy ने भी साल के उस समय के लिए अपने इंसेंटिव को बढ़ाया है जब सबसे ज्यादा ऑर्डर आते हैं:
✔️ 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मिलाकर डिलीवरी पार्टनर्स तक ₹10,000 तक कमाई
✔️ न्यू ईयर ईव पर पीक समय में ₹2,000 तक अतिरिक्त भुगतान
✔️ कुछ क्षेत्रों में लकी ड्रॉ और ईवी जैसे पुरस्कार जैसी पेशकशें ऐड की जा रही हैं
कंपनी ने यह कदम उठाया ताकि वह हार्ड-टू-फुलफिल आदेशों के बीच भी पर्याप्त डिलीवरी कर्मचारियों को बनाए रख सके। The Economic Times
⚠️ क्या यह कदम हड़ताल को रोक पाएगा?
हालांकि इन इंसेंटिव्स से कुछ वर्कर्स आकर्षित हो सकते हैं, यूनियनों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है। उनकी मुख्य मांगें स्थिर सामाजिक सुरक्षा, बेहतर वेतन संरचना और मानवीय कार्य शर्तें हैं। इसलिए हड़ताल की चेतावनी को अभी भी गंभीर माना जा रहा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि गिग इकॉनमी में दी जाने वाली सुविधाएँ और सुरक्षा भविष्य में भारत के लिए बड़ा रोजगार नीति मुद्दा बन सकती हैं। The Times of India
📊 क्या होगा यूज़र्स पर असर?

New Year’s Eve पर आम तौर पर ऑर्डर की संख्या बहुत अधिक होती है, इसलिए यदि डिलीवरी पार्टनर्स व्यापक रूप से हड़ताल करते हैं, तो:
- 🍔 डिलीवरी सेवाओं में देरी
- 🛒 क्विक कॉमर्स (ज़ेप्टो, ब्लिंकिट आदि) प्रभावित
- 📱 उपभोक्ताओं को ऐप पर कम उपलब्धता
जैसे नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
🧠 निष्कर्ष
Zomato और Swiggy का यह निर्णय एक रणनीतिक कदम है ताकि वे New Year’s Eve पर ऑपरेशंस सुचारू रख सकें, लेकिन वर्कर्स की दीर्घकालिक मांगों का समाधान अभी बाकी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत की गिग इकॉनमी में काम करने वाले लोग अब बड़े स्तर पर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं।
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Author: NewsJagran Business, Labour & Economy Desk
About: गिग इकॉनमी, श्रमिक नीतियों और कॉरपोरेट फैसलों पर भरोसेमंद रिपोर्टिंग।
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