NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    8th-pay-commission-cea-hostel-subsidy-latest-update-hindi
    8th Pay Commission: बच्चों की पढ़ाई का खर्च होगा कम? CEA और हॉस्टल सब्सिडी पर बड़ा अपडेट, कर्मचारियों ने रखी बड़ी मांग
    2 जुलाई 2026
    bpcl-acquires-100-percent-stake-in-brazil-ibv-brasil-petroleo-energy-security
    भारत का ब्राजील की कंपनी पर फुल कब्जा, खरीद ली बची हुई हिस्सेदारी; अब BPCL को मिले तेल और गैस के बड़े कुएं
    2 जुलाई 2026
    air-india-cuts-fuel-surcharge-international-flight-ticket-price-reduced
    Air India Cuts Fuel Surcharge: एयर इंडिया ने दी राहत, फ्यूल सरचार्ज 39% तक घटाए, अब विदेश यात्रा होगी सस्ती? समझिए पूरा मामला
    2 जुलाई 2026
    india-japan-agreements-120-business-deals-investment-list
    India-Japan Agreements: भारत-जापान के बीच पिछले एक साल में 120 से ज्यादा समझौते, निवेश और टेक्नोलॉजी में नई साझेदारी, देखें बड़ी डील्स की पूरी लिस्ट
    2 जुलाई 2026
    maruti-kharkhoda-plant-inauguration-pm-modi-japan-pm-largest-car-factory-india
    Maruti Plant Inauguration: जापानी पीएम की खुशी ने सब कह दिया, दुनिया के सबसे बड़े कारखानों में शुमार होगा भारत का ये प्लांट
    2 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-in-delhi-2-july-2026-petrol-diesel-price-today-brent-crude-fall
    Petrol Price in Delhi: जून में 21% टूटा ब्रेंट क्रूड, फिर भी सरकारी कंपनियों ने नहीं घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम; जानें आज के रेट
    2 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-nayara-energy-cut-petrol-diesel-rates-july-2026
    Petrol Diesel Price: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता, इस कंपनी ने घटाए दाम, 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर मिलेगा फायदा
    1 जुलाई 2026
    petrol-price-today-30-june-2026-brent-crude-petrol-diesel-rate-india
    Petrol Price Today: ब्रेंट क्रूड फिर चढ़ा, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर; मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83
    30 जून 2026
    petrol-price-today-29-june-2026-petrol-diesel-rate-crude-oil-price-hindi
    Petrol Price Today: फिर चढ़ा क्रूड ऑयल, जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत सभी शहरों में पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    29 जून 2026
    petrol-price-today-27-june-2026-crude-oil-war-premium-ended-hormuz-petrol-diesel-rate
    Petrol Price Today: होर्मुज में बढ़ी आवाजाही से क्रूड सस्ता, जानिए 27 जून के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
    27 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    parle-products-ipo-rs-9530-crore-targets-rs-1-lakh-crore-valuation
    IPO News: ₹2 का बिस्किट बेचने वाली Parle Products लाएगी ₹9,530 करोड़ का IPO? ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन का लक्ष्य
    2 जुलाई 2026
    ashish-kacholia-zaggle-share-price-rises-5-percent-after-apac-deal
    आशीष कचोलिया के पोर्टफोलियो वाले इस शेयर में 5% की तूफानी तेजी! 5 साल की डील से बढ़ी उम्मीदें, क्या अब आएगी लंबी रैली?
    2 जुलाई 2026
    july-2026-top-dividend-stocks-honeywell-swaraj-engines-britannia-dividend-record-date
    जुलाई में इन 3 कंपनियों से मिलेगा बंपर डिविडेंड, 9050% तक का ऐलान; क्या आपके पोर्टफोलियो में हैं ये शेयर?
    2 जुलाई 2026
    yes-bank-subsidiary-yes-securities-nse-ban-removed-new-client-onboarding
    Yes Bank की सब्सिडियरी को मिली बड़ी राहत, NSE ने हटाया बैन; अब फिर से जोड़ सकेगी नए ग्राहक
    2 जुलाई 2026
    motilal-oswal-bse-midcap-150-momentum-30-index-fund-nfo-2026
    Motilal Oswal का नया NFO लॉन्च: BSE Midcap 150 Momentum 30 Index में मिलेगा निवेश का मौका, ₹500 से करें शुरुआत
    2 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: PE Ratio क्या है? निवेश से पहले हर निवेशक को यह अनुपात क्यों समझना चाहिए?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
शेयर बाज़ार

PE Ratio क्या है? निवेश से पहले हर निवेशक को यह अनुपात क्यों समझना चाहिए?

Namam Sharma
Last updated: 2026/07/01 at 8:01 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
13 Min Read
pe-ratio-kya-hai
SHARE

शेयर बाजार में निवेश करते समय अक्सर आपने सुना होगा कि किसी कंपनी का PE Ratio (Price to Earnings Ratio) बहुत ज्यादा है या बहुत कम है। कई निवेशक केवल इसी एक आंकड़े को देखकर यह तय कर लेते हैं कि शेयर खरीदना चाहिए या नहीं। लेकिन क्या सिर्फ PE Ratio देखकर निवेश का फैसला लेना सही है? आखिर PE Ratio होता क्या है, इसे कैसे निकाला जाता है और इसका सही इस्तेमाल कैसे किया जाए?

Contents
PE Ratio क्या है?PE Ratio का पूरा नामPE Ratio कैसे निकाला जाता है?उदाहरणEPS क्या होता है?PE Ratio क्यों महत्वपूर्ण है?High PE Ratio का क्या मतलब है?1. निवेशकों को भविष्य में तेज ग्रोथ की उम्मीद है2. शेयर महंगा हो सकता है3. मजबूत ब्रांडLow PE Ratio का क्या मतलब है?शेयर अंडरवैल्यूड हो सकता हैकंपनी में समस्या हो सकती हैक्या ज्यादा PE हमेशा खराब होता है?क्या कम PE हमेशा अच्छा होता है?सेक्टर के हिसाब से PE बदलता हैTrailing PE और Forward PE में अंतरTrailing PEForward PEPE Ratio का सही उपयोग कैसे करें?1. सेक्टर के औसत PE से तुलना करें2. कंपनी की ग्रोथ देखें3. पिछले वर्षों का PE देखें4. EPS लगातार बढ़ रहा है या नहीं5. अन्य अनुपात भी देखेंPE Ratio किन कंपनियों के लिए ज्यादा उपयोगी है?किन कंपनियों में PE उपयोगी नहीं होता?घाटे वाली कंपनियांनई स्टार्टअप कंपनियांPE Ratio की सीमाएं1. अकेले निर्णय का आधार नहीं2. भविष्य की गारंटी नहीं3. अकाउंटिंग बदलाव का असर4. अलग-अलग सेक्टर में तुलना गलतएक उदाहरण से समझेंकंपनी Aकंपनी Bक्या PE Ratio से शेयर की सही कीमत पता चल जाती है?निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें?नए निवेशकों की सामान्य गलतियांक्या PE Ratio लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए जरूरी है?निष्कर्षअक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)1. PE Ratio का पूरा नाम क्या है?2. अच्छा PE Ratio कितना होता है?3. क्या कम PE वाला शेयर हमेशा अच्छा होता है?4. क्या High PE वाला शेयर खरीदना चाहिए?5. निवेश से पहले केवल PE Ratio देखना पर्याप्त है?

अगर आप शेयर बाजार में नए हैं या निवेश शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो PE Ratio को समझना बेहद जरूरी है। यह एक ऐसा वित्तीय अनुपात (Financial Ratio) है जो बताता है कि निवेशक किसी कंपनी की प्रति शेयर कमाई (EPS) के मुकाबले उसके एक शेयर के लिए कितनी कीमत चुकाने को तैयार हैं।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि PE Ratio क्या है, इसकी गणना कैसे होती है, High और Low PE का क्या मतलब होता है, इसकी सीमाएं क्या हैं और निवेश के समय इसका सही उपयोग कैसे किया जाए।


PE Ratio क्या है?

PE Ratio (Price to Earnings Ratio) एक वित्तीय अनुपात है जो किसी कंपनी के शेयर की मौजूदा बाजार कीमत और उसकी प्रति शेयर आय (Earnings Per Share – EPS) के बीच संबंध बताता है।

सरल शब्दों में कहें तो यह बताता है कि किसी कंपनी के ₹1 की कमाई के लिए निवेशक कितने रुपये देने को तैयार हैं।

उदाहरण के लिए यदि किसी कंपनी का PE Ratio 20 है, तो इसका मतलब है कि निवेशक कंपनी की हर ₹1 की कमाई के लिए ₹20 का भुगतान कर रहे हैं।


PE Ratio का पूरा नाम

P = Price (शेयर की मौजूदा कीमत)

E = Earnings (कंपनी की कमाई)

यानी,

PE Ratio = Price ÷ Earnings


PE Ratio कैसे निकाला जाता है?

PE Ratio निकालने का फार्मूला बहुत आसान है।

PE Ratio = शेयर की मौजूदा कीमत ÷ Earnings Per Share (EPS)

उदाहरण

मान लीजिए किसी कंपनी का शेयर मूल्य ₹600 है।

कंपनी का EPS ₹30 है।

तो,

PE Ratio = 600 ÷ 30

= 20

इसका अर्थ है कि निवेशक कंपनी की ₹1 कमाई के बदले ₹20 देने को तैयार हैं।


EPS क्या होता है?

PE Ratio समझने से पहले EPS को समझना जरूरी है।

EPS (Earnings Per Share) का मतलब है कि कंपनी ने एक शेयर पर कितनी कमाई की।

इसका फार्मूला होता है—

EPS = कंपनी का शुद्ध लाभ ÷ कुल जारी शेयर

यदि कंपनी ने ₹500 करोड़ का मुनाफा कमाया और उसके 100 करोड़ शेयर हैं, तो

EPS = ₹5 होगा।


PE Ratio क्यों महत्वपूर्ण है?

PE Ratio निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि कोई शेयर महंगा है या सस्ता।

इसके माध्यम से निवेशक—

  • कंपनी का वैल्यूएशन समझते हैं।
  • एक ही सेक्टर की कंपनियों की तुलना करते हैं।
  • भविष्य की ग्रोथ की उम्मीद का अनुमान लगाते हैं।
  • निवेश का सही समय पहचानने की कोशिश करते हैं।

High PE Ratio का क्या मतलब है?

अगर किसी कंपनी का PE Ratio बहुत ज्यादा है तो इसके कई कारण हो सकते हैं।

1. निवेशकों को भविष्य में तेज ग्रोथ की उम्मीद है

मान लीजिए किसी टेक कंपनी का PE 70 है।

इसका मतलब यह नहीं कि शेयर गलत है बल्कि बाजार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई तेजी से बढ़ेगी।

2. शेयर महंगा हो सकता है

कई बार किसी कंपनी का शेयर जरूरत से ज्यादा खरीदारी के कारण महंगा हो जाता है।

ऐसी स्थिति में High PE जोखिम भी बढ़ा सकता है।

3. मजबूत ब्रांड

कुछ कंपनियां वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन करती हैं।

ऐसी कंपनियों को निवेशक प्रीमियम वैल्यू देते हैं।


Low PE Ratio का क्या मतलब है?

Low PE Ratio का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि शेयर सस्ता है।

इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं—

शेयर अंडरवैल्यूड हो सकता है

अगर कंपनी मजबूत है लेकिन किसी कारण से शेयर गिर गया है, तो Low PE निवेश का अच्छा मौका बन सकता है।

कंपनी में समस्या हो सकती है

कई बार कंपनी की बिक्री घट रही होती है।

मुनाफा कम हो रहा होता है।

भविष्य कमजोर दिखाई देता है।

ऐसी स्थिति में PE कम होना स्वाभाविक है।


क्या ज्यादा PE हमेशा खराब होता है?

नहीं।

उदाहरण के लिए कई बड़ी ग्रोथ कंपनियां लंबे समय तक High PE पर ट्रेड करती रहती हैं।

अगर उनकी कमाई लगातार तेजी से बढ़ रही हो, तो ऊंचा PE भी उचित माना जा सकता है।


क्या कम PE हमेशा अच्छा होता है?

बिल्कुल नहीं।

कई कंपनियां सस्ती दिखती हैं लेकिन उनका बिजनेस लगातार कमजोर हो रहा होता है।

ऐसे शेयरों को Value Trap भी कहा जाता है।

इसलिए केवल कम PE देखकर निवेश नहीं करना चाहिए।


सेक्टर के हिसाब से PE बदलता है

हर उद्योग का सामान्य PE अलग होता है।

उदाहरण—

  • IT कंपनियां
  • FMCG
  • बैंकिंग
  • ऑटो
  • फार्मा
  • मेटल
  • सीमेंट

इन सभी सेक्टरों के औसत PE अलग-अलग होते हैं।

इसलिए किसी बैंक का PE किसी आईटी कंपनी से तुलना करना सही तरीका नहीं है।


Trailing PE और Forward PE में अंतर

Trailing PE

यह पिछले 12 महीनों की कमाई पर आधारित होता है।

यह वास्तविक आंकड़ों पर आधारित होता है।

Forward PE

यह भविष्य की अनुमानित कमाई के आधार पर निकाला जाता है।

यह विश्लेषकों के अनुमान पर निर्भर करता है।


PE Ratio का सही उपयोग कैसे करें?

1. सेक्टर के औसत PE से तुलना करें

हमेशा देखें कि उसी उद्योग की बाकी कंपनियों का PE कितना है।

2. कंपनी की ग्रोथ देखें

यदि कंपनी की कमाई तेजी से बढ़ रही है तो ऊंचा PE भी उचित हो सकता है।

3. पिछले वर्षों का PE देखें

कंपनी का ऐतिहासिक PE देखकर पता चलता है कि वर्तमान वैल्यूएशन सामान्य है या नहीं।

4. EPS लगातार बढ़ रहा है या नहीं

यदि EPS लगातार बढ़ रहा है तो कंपनी मजबूत मानी जाती है।

5. अन्य अनुपात भी देखें

सिर्फ PE पर भरोसा न करें।

इसके साथ—

  • Debt to Equity
  • ROE
  • ROCE
  • P/B Ratio
  • Profit Margin
  • Sales Growth
  • Cash Flow

जैसे आंकड़ों का भी विश्लेषण करें।


PE Ratio किन कंपनियों के लिए ज्यादा उपयोगी है?

PE Ratio मुख्य रूप से उन कंपनियों के लिए उपयोगी है—

  • जो लगातार लाभ कमा रही हों।
  • जिनकी कमाई स्थिर हो।
  • जिनका बिजनेस परिपक्व (Mature) हो।

किन कंपनियों में PE उपयोगी नहीं होता?

कुछ स्थितियों में PE Ratio ज्यादा काम का नहीं होता।

घाटे वाली कंपनियां

यदि कंपनी नुकसान में है तो EPS नकारात्मक होगा।

ऐसी स्थिति में PE Ratio का कोई अर्थ नहीं रहता।

नई स्टार्टअप कंपनियां

शुरुआती वर्षों में कई कंपनियां मुनाफा नहीं कमातीं।

ऐसे मामलों में PE Ratio उपयोगी नहीं होता।


PE Ratio की सीमाएं

हर निवेशक को इसकी कमियां भी जाननी चाहिए।

1. अकेले निर्णय का आधार नहीं

सिर्फ PE देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

2. भविष्य की गारंटी नहीं

High PE का मतलब यह नहीं कि कंपनी हमेशा बढ़ेगी।

3. अकाउंटिंग बदलाव का असर

यदि कंपनी की कमाई की रिपोर्टिंग में बदलाव हो जाए तो PE प्रभावित हो सकता है।

4. अलग-अलग सेक्टर में तुलना गलत

बैंक और IT कंपनी के PE की तुलना नहीं करनी चाहिए।


एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए दो कंपनियां हैं।

कंपनी A

  • शेयर मूल्य = ₹500
  • EPS = ₹25
  • PE = 20

कंपनी B

  • शेयर मूल्य = ₹500
  • EPS = ₹10
  • PE = 50

पहली नजर में कंपनी A सस्ती लग सकती है।

लेकिन यदि कंपनी B अगले पांच वर्षों में अपनी कमाई दोगुनी करने वाली हो, तो उसका High PE उचित माना जा सकता है।


क्या PE Ratio से शेयर की सही कीमत पता चल जाती है?

नहीं।

PE Ratio केवल एक संकेत देता है।

किसी शेयर का वास्तविक मूल्य जानने के लिए कई अन्य वित्तीय पहलुओं का विश्लेषण करना जरूरी होता है।


निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • केवल Low PE देखकर निवेश न करें।
  • High PE देखकर तुरंत शेयर से दूर न भागें।
  • कंपनी की कमाई की गुणवत्ता जांचें।
  • मैनेजमेंट की विश्वसनीयता देखें।
  • भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं समझें।
  • सेक्टर की स्थिति का विश्लेषण करें।
  • लंबी अवधि का नजरिया रखें।

नए निवेशकों की सामान्य गलतियां

  • केवल PE देखकर शेयर खरीद लेना।
  • सेक्टर की तुलना न करना।
  • EPS को समझे बिना निवेश करना।
  • सोशल मीडिया की सलाह पर निर्णय लेना।
  • कंपनी की बैलेंस शीट न पढ़ना।

क्या PE Ratio लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए जरूरी है?

हाँ।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए PE Ratio एक महत्वपूर्ण संकेतक है क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिलती है कि वर्तमान कीमत कंपनी की कमाई के मुकाबले उचित है या नहीं।

हालांकि, सफल निवेशक केवल PE Ratio पर निर्भर नहीं रहते। वे कंपनी के बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट, प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त, कैश फ्लो और भविष्य की कमाई की संभावनाओं का भी विश्लेषण करते हैं।


निष्कर्ष

PE Ratio शेयर बाजार का सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला वैल्यूएशन टूल है। यह निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि किसी कंपनी का शेयर उसकी कमाई के मुकाबले महंगा है या सस्ता। हालांकि, केवल PE Ratio के आधार पर निवेश का फैसला करना सही रणनीति नहीं है।

यदि आप PE Ratio के साथ EPS, कंपनी की ग्रोथ, कर्ज, लाभप्रदता, सेक्टर की स्थिति और मैनेजमेंट की गुणवत्ता का भी अध्ययन करते हैं, तो बेहतर निवेश निर्णय लेने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए PE Ratio को अंतिम निर्णय नहीं, बल्कि निवेश विश्लेषण की शुरुआत मानें।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. PE Ratio का पूरा नाम क्या है?

PE Ratio का पूरा नाम Price to Earnings Ratio है।

2. अच्छा PE Ratio कितना होता है?

इसका कोई निश्चित मानक नहीं है। यह कंपनी के सेक्टर, बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ पर निर्भर करता है।

3. क्या कम PE वाला शेयर हमेशा अच्छा होता है?

नहीं। कम PE का कारण कंपनी का कमजोर प्रदर्शन भी हो सकता है।

4. क्या High PE वाला शेयर खरीदना चाहिए?

यदि कंपनी की कमाई और भविष्य की ग्रोथ मजबूत हो, तो High PE भी उचित हो सकता है।

5. निवेश से पहले केवल PE Ratio देखना पर्याप्त है?

नहीं। PE Ratio के साथ EPS, ROE, Debt, Cash Flow, Profit Growth और कंपनी के बिजनेस मॉडल का भी विश्लेषण करना चाहिए।

You Might Also Like

IPO News: ₹2 का बिस्किट बेचने वाली Parle Products लाएगी ₹9,530 करोड़ का IPO? ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन का लक्ष्य

भारत का ब्राजील की कंपनी पर फुल कब्जा, खरीद ली बची हुई हिस्सेदारी; अब BPCL को मिले तेल और गैस के बड़े कुएं

India-Japan Agreements: भारत-जापान के बीच पिछले एक साल में 120 से ज्यादा समझौते, निवेश और टेक्नोलॉजी में नई साझेदारी, देखें बड़ी डील्स की पूरी लिस्ट

आशीष कचोलिया के पोर्टफोलियो वाले इस शेयर में 5% की तूफानी तेजी! 5 साल की डील से बढ़ी उम्मीदें, क्या अब आएगी लंबी रैली?

जुलाई में इन 3 कंपनियों से मिलेगा बंपर डिविडेंड, 9050% तक का ऐलान; क्या आपके पोर्टफोलियो में हैं ये शेयर?

TAGGED: Earnings Per Share, EPS, FINANCE, Fundamental Analysis, High PE Ratio, Investing, Low PE Ratio, PE Ratio, PE Ratio Formula, PE Ratio in Hindi, Price to Earnings Ratio, SHARE MARKET, STOCK MARKET, Stock Valuation, Value Investing, निवेश, फंडामेंटल एनालिसिस, शेयर निवेश, शेयर बाजार, स्टॉक वैल्यूएशन
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article inflation-kya-hai-hindi Inflation क्या है? महंगाई कैसे बढ़ती है, इसके कारण, असर और इससे बचने के आसान तरीके
Next Article aaj-ki-top-companies-news-hindi आज की टॉप कंपनियों की खबरें: कॉर्पोरेट जगत की 10 बड़ी अपडेट्स

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
Active GMP Update: IC Electricals का जलवा बरकरार, Kratikal Tech भी मजबूत, Kusumgar का GMP ₹123 पर स्थिर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-investment-complete-guide-2026-gold-etf-sgb-digital-gold
Gold Investment Complete Guide 2026: Gold ETF, Digital Gold, SGB, Hallmark Gold और निवेश की पूरी जानकारी
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?