Highlights
- वाटरवेज लीजर टूरिज्म की शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग
- इश्यू प्राइस ₹808 के मुकाबले NSE पर ₹681 और BSE पर ₹690 पर शुरुआत
- लिस्टिंग के बाद शेयर में और गिरावट, निवेशकों को करीब 22% तक का नुकसान
- IPO को कुल 1.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था
- जुटाई गई राशि का इस्तेमाल क्रूज शिपिंग लीज भुगतान और कॉरपोरेट जरूरतों में होगा
नई दिल्ली। कॉर्डेलिया क्रूज (Cordelia Cruises) का संचालन करने वाली वाटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism Ltd.) के शेयरों की शेयर बाजार में एंट्री निवेशकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। बुधवार को कंपनी के शेयर अपने ₹808 के इश्यू प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर लिस्ट हुए। इतना ही नहीं, लिस्टिंग के बाद भी बिकवाली जारी रही और शेयर में गिरावट और गहरी हो गई।
यह लिस्टिंग उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका साबित हुई जिन्होंने बेहतर प्रीमियम की उम्मीद में आईपीओ में निवेश किया था।
16% से ज्यादा डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग
वाटरवेज लीजर टूरिज्म का शेयर BSE पर ₹690 के स्तर पर सूचीबद्ध हुआ, जो इश्यू प्राइस ₹808 से 14.60% कम है। वहीं NSE पर इसकी लिस्टिंग ₹681 पर हुई, जो इश्यू प्राइस से 15.71% नीचे रही।
लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹5,131.69 करोड़ रहा।
लिस्टिंग के बाद और बढ़ी बिकवाली
कमजोर शुरुआत के बाद शेयर में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। दोपहर करीब ढाई बजे तक NSE पर शेयर ₹631.80 पर कारोबार कर रहा था, जो इश्यू प्राइस से ₹176.20 या 21.81% नीचे था।
वहीं BSE पर शेयर ₹631.40 तक फिसल गया, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन लगभग 21.86% का नुकसान उठाना पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर लिस्टिंग और शुरुआती बिकवाली ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला, जिसके चलते शेयर पर दबाव बना रहा।
कैसा रहा था Waterways Leisure का IPO?
वाटरवेज लीजर टूरिज्म का ₹585 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू था। इसमें 72 लाख नए शेयर जारी किए गए थे और ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं था।
कंपनी ने IPO के लिए ₹769 से ₹808 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
हालांकि अंतिम दिन निवेशकों की रुचि बढ़ी और यह इश्यू कुल 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसके बावजूद शेयर की लिस्टिंग उम्मीद से काफी कमजोर रही।
IPO से जुटाए गए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपनी सहयोगी कंपनी Baycruise Shipping & Leasing (IFSC) Private Limited की पट्टा (Lease) देनदारियों के भुगतान में किया जाएगा।
इसके अलावा फंड का कुछ हिस्सा सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और कारोबार के विस्तार में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए पहले दिन की लिस्टिंग निराशाजनक रही। हालांकि किसी भी नई सूचीबद्ध कंपनी में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, क्रूज पर्यटन उद्योग की संभावनाओं और आने वाली तिमाहियों के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
Disclaimer
यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


