Wealth Building Tips: क्या आपको लगता है कि ज्यादा सैलरी मिलते ही आर्थिक परेशानियां खत्म हो जाएंगी? अगर हां, तो आपको अपनी सोच थोड़ी बदलने की जरूरत है। अच्छी कमाई निश्चित तौर पर जरूरी है, लेकिन सिर्फ इनकम बढ़ने से कोई व्यक्ति अमीर नहीं बन जाता। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप अपनी कमाई को कैसे खर्च, बचत और निवेश करते हैं।
हैदराबाद स्थित अखिल कंचर्ला एंड एसोसिएट्स के फाउंडर और CA अखिल कंचर्ला ने न्यूज18 तेलुगु से बातचीत में पैसे को मैनेज करने की कुछ अहम आदतों के बारे में बताया। उनके मुताबिक, लंबे समय में मजबूत आर्थिक स्थिति बनाने के लिए महंगी स्कीम या किसी शॉर्टकट से ज्यादा जरूरी एक ऐसा सिस्टम बनाना है, जिसे लगातार फॉलो किया जा सके।
आइए जानते हैं वे 5 Money Habits, जो आपकी वेल्थ बिल्डिंग की रफ्तार बढ़ा सकती हैं।
1. खर्च के बाद नहीं, खर्च से पहले करें बचत
अधिकतर लोगों की आदत होती है कि पहले महीने के सारे खर्च किए जाएं और अंत में बची रकम को सेव किया जाए। समस्या यह है कि अक्सर महीने के आखिर तक बचत के लिए कुछ खास रकम बचती ही नहीं।
इसका बेहतर तरीका है कि Salary आते ही Saving को प्राथमिकता दें।
मान लीजिए आपकी मासिक सैलरी ₹1 लाख है। आप शुरुआत में ही ₹20,000-₹30,000 बचत या SIP के लिए अलग कर सकते हैं। इसके बाद बची रकम से महीने के बाकी खर्च मैनेज करें।
यानी फॉर्मूला होना चाहिए:
Income – Savings = Expenses
न कि:
Income – Expenses = Savings
छोटी रकम से शुरू की गई नियमित बचत भी लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने में मदद कर सकती है।
2. बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराकर निवेश बंद न करें
शेयर बाजार कभी ऊपर जाता है तो कभी गिरता है। ऐसे में बाजार की हर हलचल देखकर अपना निवेश रोक देना सही रणनीति नहीं है।
वेल्थ बनाने के लिए Consistency और Discipline काफी महत्वपूर्ण हैं। अपनी आय, वित्तीय लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से EPF, PPF, म्यूचुअल फंड, NPS या बॉन्ड जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
खासकर बाजार में गिरावट के दौरान घबराकर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। अगर आपका निवेश लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए है, तो केवल छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के आधार पर रणनीति बदलना नुकसानदेह हो सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेश को बिना समीक्षा के जारी रखा जाए। निवेश का चुनाव हमेशा आपके लक्ष्य और जोखिम क्षमता के मुताबिक होना चाहिए।
3. सैलरी बढ़ते ही Lifestyle Inflation का शिकार न बनें
कमाई बढ़ने के साथ खर्च बढ़ना भी आम बात है। सैलरी ₹50,000 से बढ़कर ₹1 लाख हुई और इसके साथ महंगा फोन, नई कार, बड़ा घर और ज्यादा छुट्टियां शुरू हो गईं तो आपकी बढ़ी हुई आय का बड़ा हिस्सा वहीं खत्म हो सकता है।
इसे Lifestyle Inflation कहा जाता है।
लाइफस्टाइल बेहतर करना गलत नहीं है, लेकिन पूरी अतिरिक्त आय को खर्च करने के बजाय उसका कुछ हिस्सा भविष्य के लिए बचाना ज्यादा समझदारी है।
उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी ₹30,000 बढ़ी है, तो पूरी रकम को खर्च करने के बजाय ₹10,000 लाइफस्टाइल सुधारने में लगाकर बाकी ₹20,000 को सेविंग या इन्वेस्टमेंट में जोड़ा जा सकता है।
इससे आपकी कमाई बढ़ने के साथ-साथ Net Worth भी बढ़ेगी।
4. Insurance को निवेश नहीं, Financial Protection समझें
कई लोग इंश्योरेंस खरीदते समय सिर्फ रिटर्न पर ध्यान देते हैं। लेकिन इंश्योरेंस का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य निवेश से पैसा कमाना नहीं, बल्कि Financial Risk को कम करना है।
एक बड़ी मेडिकल इमरजेंसी आपकी वर्षों की बचत को कुछ ही समय में खत्म कर सकती है। पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस ऐसी स्थिति में वित्तीय दबाव कम करने में मदद करता है।
इसी तरह, अगर परिवार आपकी आय पर निर्भर है तो लाइफ इंश्योरेंस परिवार को आपकी अनुपस्थिति में आर्थिक सुरक्षा देने का काम करता है।
इसलिए इंश्योरेंस को अपनी Financial Planning की सुरक्षा दीवार के तौर पर देखना चाहिए, न कि केवल रिटर्न कमाने के साधन के रूप में।
5. साल में कम से कम एक बार अपने पैसे का पूरा Review करें
वेल्थ क्रिएशन में सिर्फ निवेश करना काफी नहीं है। समय-समय पर यह देखना भी जरूरी है कि आपका पैसा सही दिशा में जा रहा है या नहीं।
साल में कम से कम एक बार इन चीजों की समीक्षा की जा सकती है:
- आपकी कुल आय और खर्च
- सेविंग और निवेश की दर
- होम या पर्सनल लोन जैसे कर्ज
- हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस कवर
- म्यूचुअल फंड और दूसरे निवेश
- टैक्स से जुड़ी प्लानिंग
- आपके शॉर्ट और लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल
पांच साल पहले चुना गया निवेश आज भी आपके लक्ष्य और जोखिम क्षमता के मुताबिक है या नहीं, यह देखना भी जरूरी है।
इस तरह का सालाना रिव्यू आपको अनावश्यक खर्च कम करने और अपनी वित्तीय रणनीति में जरूरी बदलाव करने का मौका देता है।
CA का Golden Rule: Earn, Save, Protect, Invest, Review
CA अखिल कंचर्ला के मुताबिक, अमीर बनने के लिए किसी जादुई निवेश योजना की तलाश करने के बजाय ऐसा Financial System बनाना जरूरी है जो हर महीने लगातार काम करता रहे।
उनकी बताई पांच आदतों को आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:
Earn → Save → Protect → Invest → Review
यानी पहले कमाएं, फिर बचत को प्राथमिकता दें, अपने और परिवार के वित्तीय जोखिम को सुरक्षित करें, अनुशासन के साथ निवेश करें और समय-समय पर पूरी योजना की समीक्षा करते रहें।
आखिरकार, सिर्फ बड़ी सैलरी आपकी संपत्ति नहीं बढ़ाती। अगर आय बढ़ने के साथ खर्च भी उसी अनुपात में बढ़ता रहा, तो ज्यादा कमाई के बावजूद आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार नहीं आएगा। वहीं, नियमित बचत, समझदारी से निवेश और खर्च पर नियंत्रण जैसी आदतें लंबे समय में आपकी Financial Stability और Wealth Creation दोनों को मजबूत कर सकती हैं।
जरूरी Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य वित्तीय जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखें। शेयर बाजार और अन्य निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित है। NewsJagran.in किसी विशेष निवेश या वित्तीय उत्पाद में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


