IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
आज यानी 6 सितंबर 2026 को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मौसम विभाग की खास नजर है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।
यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में मौजूद है। इसके अगले 24 घंटों में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है।
इसके प्रभाव से 6 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 6 से 8 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड में 6-7 सितंबर और फिर 10-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड में 7 सितंबर तथा 10 से 12 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
इस दौरान कुछ इलाकों में तेज गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने वाली हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-8 सितंबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में 11-12 सितंबर को भी बारिश हो सकती है।
वहीं विदर्भ में 10-12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 से 12 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में 9 से 12 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार, बंगाल और ओडिशा में भी बरसेंगे बादल
पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है।
- अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 6 से 12 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है।
- गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-10 सितंबर, झारखंड में 8-11 सितंबर और बिहार में 6-7 सितंबर को बारिश की संभावना है।
- ओडिशा में 10-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6 सितंबर को बहुत भारी बारिश का खतरा है।
- बिहार में 6-8 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-9 सितंबर और ओडिशा में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
IMD ने 6 सितंबर को बिहार और 6-7 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है।
पूर्वोत्तर राज्यों में 12 सितंबर तक बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी अगले छह-सात दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 7-12 सितंबर, असम और मेघालय में 6-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 से 12 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इन राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाएं भी हो सकती हैं।
पश्चिमी भारत में भी बारिश की संभावना
कोंकण और गोवा में 6 से 12 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में भी इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
हालांकि पश्चिमी भारत में बारिश की तीव्रता उत्तर भारत के कुछ हिस्सों की तुलना में कम रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां रहेंगी कमजोर
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 6-7 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी 6-7 सितंबर को तेज हवाओं की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
IMD के अनुसार, 5 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 6 सितंबर सुबह 8:30 बजे के बीच उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख बारिश वाले स्थानों में शामिल हैं:
| स्थान | बारिश |
|---|---|
| जसपुर, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड | 13 सेमी |
| चांदपुर, बिजनौर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 12 सेमी |
| मेलूर ARG, मदुरै, तमिलनाडु | 12 सेमी |
| सुभाषिनी टी.ई., अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल | 11 सेमी |
| खंडार, सवाई माधोपुर, राजस्थान | 10 सेमी |
| पटना, बिहार | 8 सेमी |
| घाटीगांव, ग्वालियर, मध्य प्रदेश | 8 सेमी |
| फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा | 7 सेमी |
| मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा | 7 सेमी |
| जी.बी. नगर, मयूरभंज, ओडिशा | 7 सेमी |
| चिएफोबोजोउ-नेरहेमा, नागालैंड | 7 सेमी |
मछुआरों के लिए भी समुद्र में अलर्ट
IMD ने समुद्री इलाकों में भी मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में सोमालिया तट के आसपास और ओमान तट से लगे कुछ हिस्सों में 11 सितंबर तक समुद्री परिस्थितियां प्रतिकूल रह सकती हैं।
इसके अलावा 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से जुड़े समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है।
मौसम का सार
कुल मिलाकर अगले 6-7 दिनों में उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रह सकता है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6-7 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का खतरा सबसे ज्यादा है। वहीं कई राज्यों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की घटनाएं भी हो सकती हैं।


