Bihar Flood Crisis: बिहार में लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी पटना में गंगा नदी का पानी अपने पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर गया है। इसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य के 11 जिलों में अब तक करीब 19.57 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले एक से तीन दिनों में हथीदह और उसके बाद के कुछ रेलवे स्टेशनों पर भी बाढ़ का असर पड़ सकता है। जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के साथ-साथ राहत और बचाव से जुड़े संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
पटना में गंगा ने पार किया पुराना हाई फ्लड लेवल
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, रविवार 6 सितंबर की सुबह 6 बजे गांधी घाट पर नदी का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया।
यह स्तर 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए 50.52 मीटर के पिछले उच्चतम जलस्तर से 0.05 मीटर अधिक है। यानी गंगा ने गांधी घाट पर अपने पुराने रिकॉर्ड को पार कर लिया है।
इसी तरह पटना जिले के पंडारक में भी गंगा का जलस्तर पुराने रिकॉर्ड से ऊपर पहुंच गया है। रविवार सुबह 6 बजे यहां जलस्तर 43.92 मीटर दर्ज किया गया, जबकि 16 अगस्त 2021 को यह 43.73 मीटर था। इस तरह पंडारक में भी पुराना उच्चतम स्तर 0.19 मीटर पार हो चुका है।
11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक, बिहार में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के 11 जिलों की 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित जिलों में शामिल हैं:
- पटना
- भोजपुर
- सारण
- वैशाली
- भागलपुर
- बेगूसराय
- बक्सर
- समस्तीपुर
- मुंगेर
- कटिहार
- अररिया
नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
इन जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता
जल संसाधन विभाग की ताजा एडवाइजरी के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर भी पिछले हाई फ्लड लेवल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को तटबंधों, नदी किनारे के इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में अधिकारियों और जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
इसके अलावा बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी संसाधन और मशीनरी तैयार रखने के निर्देश इंजीनियरों को दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान में देरी न हो।
नदी के पास नहीं जाने की अपील
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित और नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के पास जाने से बचने को कहा गया है।
स्थानीय प्रशासन को नावों के संचालन पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने पर रोक लगाने और लोगों को लगातार बाढ़ की स्थिति की जानकारी देने को कहा गया है।
अगले कुछ दिनों में बढ़ सकती है परेशानी
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि और कई स्थानों पर पुराने उच्चतम स्तर पार होने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, अगले एक से तीन दिनों में हथीदह और उसके आगे के रेलवे स्टेशनों पर बाढ़ का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
बिहार में बाढ़ की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है। 11 जिलों में करीब 19.57 लाख लोगों के प्रभावित होने और पटना में गंगा के पुराने हाई फ्लड लेवल को पार करने के बाद प्रशासन ने निगरानी और राहत तैयारियों को तेज कर दिया है। आने वाले कुछ दिनों में नदी का जलस्तर और बढ़ता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


