Corporate Mitra Scheme: देश के छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल शुरू की है। सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के लिए ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों के लिए जरूरी कंप्लायंस और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान बनाना और उन्हें कम लागत में प्रोफेशनल सहायता उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि कई छोटे कारोबारियों के लिए कानूनी, वित्तीय और कारोबारी अनुपालन की प्रक्रियाएं जटिल होती हैं। ऐसे में प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल्स की मदद से MSME को इन प्रक्रियाओं को समझने और पूरा करने में आसानी होगी।
‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल क्या है?
‘कॉर्पोरेट मित्र’ का मुख्य उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का पूल तैयार करना है, जो MSME को बिजनेस और रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़ी जरूरतों में किफायती सहायता दे सकें।
इस पहल के जरिए सरकार अनुपालन को कारोबारियों के लिए बोझ के बजाय विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्थित विकास का माध्यम बनाना चाहती है।
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की संयुक्त सचिव अनीता शाह अकेला के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य कंप्लायंस को आसान बनाना और कारोबारियों तक जरूरी ज्ञान और सहायता की पहुंच बढ़ाना है।
बजट 2026-27 में हुई थी घोषणा
‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी। इसके तहत प्रशिक्षित लोगों का एक ऐसा नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई गई है, जो छोटे और मध्यम कारोबारियों को रोजमर्रा की कारोबारी और नियामकीय जरूरतों में मदद कर सके।
इस प्रोग्राम में देश की प्रमुख प्रोफेशनल संस्थाओं की विशेषज्ञता को तकनीकी और अकादमिक संस्थानों के सहयोग के साथ जोड़ा गया है।
इस पहल में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI), इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) की प्रोफेशनल विशेषज्ञता शामिल है। वहीं, IIT मद्रास, IIT मद्रास प्रवर्तक और SWAYAM Plus की ओर से तकनीकी और अकादमिक सहयोग दिया जा रहा है।
पहले बैच में 2,879 लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
सरकार के मुताबिक, ICAI, ICSI और ICMAI ने ‘कॉर्पोरेट मित्र’ कोर्स शुरू कर दिया है। इसके पहले बैच में 2,879 शिक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अनुसार, ‘कॉर्पोरेट मित्र’ लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) की शुरुआत इस कार्यक्रम के स्ट्रक्चर्ड लर्निंग और क्षमता निर्माण वाले चरण की शुरुआत है।
इसका मकसद ऐसे लोगों को तैयार करना है, जो प्रशिक्षण पूरा करने के बाद MSME कारोबारियों को उनके कंप्लायंस और दूसरी कारोबारी जरूरतों में व्यावहारिक सहायता दे सकें।
12 महीने का होगा पूरा कोर्स
‘कॉर्पोरेट मित्र’ प्रोग्राम की कुल अवधि 12 महीने रखी गई है। इसे दो अलग-अलग चरणों में बांटा गया है।
पहले 6 महीने की पढ़ाई
पहले चरण में करीब 150 घंटे की स्ट्रक्चर्ड अकादमिक लर्निंग होगी। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
इस चरण में शिक्षार्थियों को MSME से संबंधित कारोबारी और नियामकीय प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे आगे चलकर कारोबारियों की बेहतर तरीके से सहायता कर सकें।
अगले 6 महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग
कोर्स के दूसरे चरण में छह महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग होगी। यह ट्रेनिंग ICAI, ICSI और ICMAI के सदस्यों की प्रोफेशनल फर्मों में कराई जाएगी।
इससे प्रतिभागियों को केवल किताबी जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों में काम करने और कंप्लायंस से जुड़े मामलों को समझने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।
MSME कारोबारियों को क्या फायदा होगा?
भारत में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम कारोबारी ऐसे हैं, जिन्हें कंपनी से जुड़े नियमों, दस्तावेजी प्रक्रियाओं और विभिन्न रेगुलेटरी कंप्लायंस को पूरा करने में परेशानी होती है। कई बार प्रोफेशनल सेवाओं की लागत भी छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है।
‘कॉर्पोरेट मित्र’ के जरिए प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल्स MSME को किफायती कारोबारी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।
इससे कारोबारियों को संभावित रूप से:
- कंप्लायंस से जुड़े नियम समझने में मदद मिलेगी।
- जरूरी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
- प्रोफेशनल सलाह तक कम लागत में पहुंच मिल सकती है।
- कारोबार को अधिक औपचारिक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
- छोटे कारोबारियों का समय और संसाधन बच सकता है।
रोजगार और आर्थिक विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार के अनुसार, यह पहल केवल MSME को सहायता देने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक कुशल समूह तैयार किया जाएगा।
इससे एक तरफ छोटे कारोबारियों को सस्ती प्रोफेशनल मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ प्रशिक्षित लोगों के लिए काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य इस पहल के माध्यम से भारत के MSME इकोसिस्टम को मजबूत करना, कारोबारों के औपचारिकरण को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन एवं समावेशी आर्थिक विकास में योगदान देना है।
छोटे कारोबारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। छोटे कारोबारियों के लिए कारोबार चलाने के साथ-साथ विभिन्न नियमों और अनुपालन प्रक्रियाओं को समझना कई बार मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ जैसी पहल से उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इससे कारोबारियों को अपने मुख्य बिजनेस पर ध्यान देने के साथ-साथ जरूरी कंप्लायंस को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत MSME के लिए कारोबार करना आसान बनाया जा सके। 12 महीने के प्रशिक्षण, अकादमिक लर्निंग और ऑन-द-जॉब अनुभव के जरिए तैयार होने वाले पैरा-प्रोफेशनल्स छोटे कारोबारियों के लिए एक किफायती सहायता नेटवर्क तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।


