Nepal Flood: नेपाल में हालिया बाढ़ से हालात अभी पूरी तरह सामान्य भी नहीं हुए हैं कि दारचुला जिले से एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। यहां भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का बहाव कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों को आशंका है कि अगर इलाके में दोबारा भारी बारिश होती है या और भूस्खलन होता है, तो नदी का रास्ता बाधित हो सकता है और अचानक पानी बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
भट्टर इलाके में हुआ बड़ा भूस्खलन
Fresh landslide in Nepal partially blocks a river
Water is already cutting through again
Reports say this is a localized event in far-western Nepal — unrelated to the much larger August 2026 flood disaster pic.twitter.com/e3Tte0Lgor
— Sabbir Ahmed (@Sabbiry5x) September 5, 2026 दारचुला जिले की अपी हिमाल रूरल म्युनिसिपैलिटी के भट्टर इलाके में हुए भूस्खलन के दौरान बड़ी मात्रा में मलबा चौलानी नदी में जा गिरा। मलबा गिरने से नदी का पानी कुछ समय के लिए रुक गया, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि पहाड़ी इलाके में दोबारा भूस्खलन होता है और नदी का रास्ता ज्यादा बाधित होता है, तो जमा हुआ पानी अचानक नीचे की ओर बह सकता है। ऐसी स्थिति में नदी के आसपास बसे इलाकों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
इसी वजह से प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी तरह की चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सलाह दी है।
नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने चौलानी नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव को नजरअंदाज न करें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं पर ध्यान दें।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसका मकसद नदी की स्थिति पर नजर रखना और खतरा बढ़ने की स्थिति में स्थानीय लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए अलर्ट रहने के निर्देश
सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारियां रखने और जरूरत पड़ने पर तेजी से राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने को कहा है।
प्रशासन की ओर से आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए इमरजेंसी संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चौलानी नदी का जलस्तर सामान्य स्तर पर है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए निगरानी में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
सुरक्षा टीम को बलांच इलाके में भी तैनात किया गया है, जहां से नदी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
चौलानी नदी क्यों है महत्वपूर्ण?
चौलानी नदी को चमेलिया नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह नदी अपी हिमाल क्षेत्र से निकलती है और आगे जाकर महाकाली नदी में मिलती है। महाकाली नदी नेपाल और भारत के बीच सीमा के एक हिस्से का निर्माण करती है।
यही वजह है कि चौलानी नदी के बहाव में किसी बड़े बदलाव को स्थानीय स्तर के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
बारिश बढ़ी तो बिगड़ सकते हैं हालात
नेपाल के कई इलाकों में हालिया बारिश और बाढ़ से पहले ही जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
ऐसे समय में चौलानी नदी के रास्ते में भूस्खलन के कारण आई रुकावट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अगर आने वाले समय में इलाके में तेज बारिश होती है, तो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
हालांकि फिलहाल नदी का पानी सामान्य स्तर पर बह रहा है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सतर्क रहने को कहा है। अधिकारियों की नजर अब मौसम, नदी के जलस्तर और पहाड़ी इलाकों में होने वाली संभावित गतिविधियों पर बनी हुई है।


