Anil Chakravarthy Profile: अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी Adobe में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। भारतीय मूल के शांतनु नारायण करीब 18 साल तक कंपनी की कमान संभालने के बाद CEO पद से हटने जा रहे हैं। उनकी जगह Adobe ने भारतीय मूल के अनिल चक्रवर्ती को अपना नया प्रेसिडेंट और CEO नियुक्त किया है।
अनिल चक्रवर्ती के लिए यह जिम्मेदारी ऐसे समय में आई है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टेक इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल को तेजी से बदल रहा है। Adobe के Photoshop, Acrobat और Creative Cloud जैसे लोकप्रिय प्रोडक्ट्स के सामने AI आधारित नए टूल्स से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में नए CEO के सामने कंपनी की ग्रोथ को बनाए रखने के साथ-साथ AI की चुनौती से निपटना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
कौन हैं अनिल चक्रवर्ती?
अनिल चक्रवर्ती का संबंध भारत के बेंगलुरु से बताया जाता है। उन्होंने IIT (BHU) वाराणसी से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित MIT से मास्टर डिग्री और PhD की।
शिक्षा पूरी करने के बाद चक्रवर्ती ने टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग सेक्टर में लंबा अनुभव हासिल किया। उन्होंने McKinsey में काम किया और इसके बाद VeriSign तथा Symantec जैसी टेक कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।
Adobe में आने से पहले चक्रवर्ती Informatica के CEO रह चुके हैं। क्लाउड डेटा मैनेजमेंट से जुड़ी इस कंपनी में उन्होंने करीब चार साल तक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। इस अनुभव ने उन्हें एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, क्लाउड और डेटा से जुड़े कारोबार की गहरी समझ दी।
2020 में Adobe से जुड़े थे
अनिल चक्रवर्ती ने साल 2020 में Adobe जॉइन किया था। कंपनी में शुरुआती दौर में उन्होंने डिजिटल एक्सपीरियंस बिजनेस की जिम्मेदारी संभाली। समय के साथ उनका रोल बढ़ता गया और उन्हें कस्टमर रिलेशनशिप, ग्लोबल सेल्स तथा कस्टमर सपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी भी मिली।
यही अनुभव उन्हें CEO पद के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाता है। एक तरफ उन्हें Adobe के प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी बिजनेस की अच्छी समझ है, वहीं दूसरी तरफ ग्लोबल ग्राहकों और बिक्री से जुड़े ऑपरेशंस को संभालने का अनुभव भी है।
शांतनु नारायण के बाद बड़ी जिम्मेदारी
शांतनु नारायण ने करीब 18 वर्षों तक Adobe का नेतृत्व किया है। उनके कार्यकाल में कंपनी ने एक पारंपरिक सॉफ्टवेयर बिजनेस से सब्सक्रिप्शन आधारित क्लाउड मॉडल की ओर बड़ा बदलाव किया।
Adobe Creative Cloud और Document Cloud जैसे बिजनेस ने कंपनी को लगातार रेवेन्यू देने वाले मॉडल में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब अनिल चक्रवर्ती को इसी मजबूत आधार पर कंपनी की अगली ग्रोथ तैयार करनी होगी।
हालांकि, उनके सामने चुनौती पहले के मुकाबले अलग है। Generative AI ने टेक्नोलॉजी और क्रिएटिव सॉफ्टवेयर की दुनिया में तेजी से बदलाव किया है। Adobe को अपने मौजूदा प्रोडक्ट्स में AI क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ नए AI टूल्स से पैदा होने वाली प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना होगा।
AI के दौर में Adobe के सामने चुनौती
Adobe का कारोबार मुख्य रूप से क्रिएटिविटी, डॉक्यूमेंट और डिजिटल एक्सपीरियंस सॉफ्टवेयर पर आधारित है। AI टूल्स के तेजी से लोकप्रिय होने से इन सभी क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा का स्वरूप बदल रहा है।
अब यूजर कई ऐसे काम AI की मदद से कर सकता है, जिनके लिए पहले प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर की जरूरत होती थी। फोटो एडिटिंग, डिजाइन, वीडियो क्रिएशन और कंटेंट जनरेशन जैसे क्षेत्रों में नए AI टूल्स लगातार सामने आ रहे हैं।
ऐसे माहौल में चक्रवर्ती के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि Adobe अपने मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखते हुए AI को कंपनी के बिजनेस के लिए अवसर में कैसे बदले।
भारतीय मूल के CEO का बढ़ता प्रभाव
अनिल चक्रवर्ती की नियुक्ति एक और वजह से चर्चा में है। वह उन भारतीय मूल के दिग्गज एग्जीक्यूटिव्स की सूची में शामिल हो गए हैं, जो दुनिया की बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं।
टेक इंडस्ट्री में Microsoft के सत्य नडेला, Alphabet के सुंदर पिचाई और IBM के अरविंद कृष्णा जैसे नाम पहले ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
इसके अलावा कई अन्य बड़ी कंपनियों में भी भारतीय मूल के एग्जीक्यूटिव शीर्ष नेतृत्व की भूमिका में हैं।
दुनिया की बड़ी कंपनियों में भारतीय मूल के प्रमुख CEO
| नाम | कंपनी |
|---|---|
| सत्य नडेला | Microsoft |
| सुंदर पिचाई | Alphabet |
| अरविंद कृष्णा | IBM |
| राज सुब्रमण्यम | FedEx |
| जॉर्ज कुरियन | NetApp |
| रेवती अदिति | Flex |
| वसंत नरसिम्हन | Novartis |
| सी. एस. वेंकटाकृष्णन | Barclays |
| विमल कपूर | Honeywell |
| संजय मेहरोत्रा | Micron |
| निकेश अरोड़ा | Palo Alto Networks |
| जयश्री उल्लाल | Arista Networks |
| शैलेश जेजुरिकर | P&G |
| नील मोहन | YouTube |
| श्रीधर रामास्वामी | Snowflake |
बनारस से बेंगलुरु और फिर अमेरिका तक सफर
अनिल चक्रवर्ती की कहानी भारतीय युवाओं के लिए भी खास है। IIT वाराणसी से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने MIT जैसी दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा हासिल की और फिर ग्लोबल टेक कंपनियों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाईं।
उनका करियर यह भी दिखाता है कि भारतीय टेक टैलेंट अब केवल इंजीनियरिंग और टेक्निकल भूमिकाओं तक सीमित नहीं है। भारतीय मूल के प्रोफेशनल्स अब दुनिया की बड़ी कंपनियों के रणनीतिक और शीर्ष नेतृत्व वाले पदों तक पहुंच रहे हैं।
Adobe के लिए आगे का रास्ता कितना आसान?
अनिल चक्रवर्ती को Adobe की मजबूत विरासत के साथ-साथ तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी माहौल को भी संभालना होगा। कंपनी के लिए आने वाला दौर AI के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
चक्रवर्ती का डेटा, क्लाउड, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और डिजिटल एक्सपीरियंस का अनुभव Adobe के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि वह AI को कंपनी के मौजूदा बिजनेस के साथ किस तरह जोड़ते हैं और Adobe की अगली ग्रोथ स्टोरी किस दिशा में लेकर जाते हैं।
एक बात साफ है—शांतनु नारायण के लंबे कार्यकाल के बाद Adobe को नया नेतृत्व मिल रहा है और अनिल चक्रवर्ती के सामने कंपनी को AI के दौर में नई दिशा देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।


