Adani Ports News: अडानी ग्रुप ने कंटेनर लॉजिस्टिक्स कारोबार को मजबूत करने के लिए मुंद्रा पोर्ट पर एक बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। कंपनी यहां डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ECY) विकसित करने जा रही है। इसके साथ इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस खबर के बीच अडानी पोर्ट्स के शेयर में करीब 2 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
नई दिल्ली: गौतम अडानी की अगुवाई वाला अडानी ग्रुप अपने पोर्ट और लॉजिस्टिक्स कारोबार का विस्तार लगातार कर रहा है। इसी कड़ी में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने मुंद्रा पोर्ट पर डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड शुरू करने की योजना का ऐलान किया है।
कंपनी के मुताबिक, इस सुविधा का मकसद खाली कंटेनरों के प्रबंधन को ज्यादा व्यवस्थित और कुशल बनाना है। यार्ड में स्टोरेज के साथ-साथ कंटेनरों की मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन और आवाजाही से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
क्या है एम्प्टी कंटेनर यार्ड?
शिपिंग कारोबार में माल उतारने के बाद कंटेनर खाली हो जाते हैं। इन खाली कंटेनरों को दोबारा इस्तेमाल के लिए सही जगह पर पहुंचाना, उनकी जांच करना और जरूरत पड़ने पर मरम्मत करना लॉजिस्टिक्स चेन का अहम हिस्सा है।
मुंद्रा पोर्ट पर प्रस्तावित ECY इसी पूरे प्रोसेस को एक जगह व्यवस्थित करने की दिशा में कदम है। कंपनी का लक्ष्य खाली कंटेनरों के पूरे लाइफसाइकिल के दौरान एंड-टू-एंड सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इसमें एक्सपोर्टर्स और कंटेनर फ्रेट स्टेशनों के लिए कंटेनर स्टोरेज, मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सुविधाएं शामिल होंगी।
कारोबार को कैसे मिलेगा फायदा?
इस नए यार्ड के शुरू होने से खाली कंटेनरों की हैंडलिंग ज्यादा आसान हो सकती है। अभी खाली कंटेनरों को अलग-अलग जगहों पर ले जाने की जरूरत पड़ती है, जिससे समय और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है।
मुंद्रा पोर्ट SEZ के भीतर इस तरह की सुविधा विकसित होने से कंटेनर की अनावश्यक आवाजाही कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही शिपिंग लाइनों, टर्मिनल ऑपरेटरों, कस्टम अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है।
कंपनी का मानना है कि इससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और सुरक्षा तथा रेगुलेटरी कंप्लायंस को भी मजबूती मिलेगी।
APSEZ CEO ने क्या कहा?
APSEZ के CEO अश्वनी गुप्ता के मुताबिक, मुंद्रा में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड से पूरे कंटेनर इकोसिस्टम की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उनके अनुसार, इससे कंटेनर से जुड़े काम तेजी से पूरे किए जा सकेंगे, गैर-जरूरी आवाजाही घटेगी और लॉजिस्टिक्स लागत को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
मुंद्रा पोर्ट कितना बड़ा है?
मुंद्रा पोर्ट अडानी पोर्ट्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण एसेट है। यह भारत के कंटेनर व्यापार का करीब 35 फीसदी संभालता है और देश के सबसे बड़े कंटेनर-हैंडलिंग पोर्ट के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका रखता है।
कंपनी के मुताबिक, मुंद्रा में हर साल लगभग 1.6 मिलियन TEU खाली कंटेनरों को हैंडल किया जाता है। ऐसे में dedicated empty container yard की शुरुआत कंपनी के कंटेनर लॉजिस्टिक्स कारोबार के लिए अहम साबित हो सकती है।
अडानी पोर्ट्स आने वाले वर्षों में भी अपनी कंटेनर हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी की योजना अगले पांच साल में 6 मिलियन TEU से अधिक अतिरिक्त कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की है।
खबर के बीच अडानी पोर्ट्स के शेयर में तेजी
डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड की घोषणा के बीच अडानी पोर्ट्स के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
बीएसई पर कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 2 फीसदी चढ़कर ₹1,716.60 के स्तर तक पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में शेयर ₹1,686.60 पर बंद हुआ था, जबकि आज यह ₹1,704.95 पर खुला।
सुबह करीब 11:20 बजे अडानी पोर्ट्स का शेयर 1.31 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,708.70 के आसपास कारोबार कर रहा था।
अडानी पोर्ट्स के लिए क्यों अहम है यह कदम?
मुंद्रा पोर्ट पहले से ही भारत के कंटेनर कारोबार का बड़ा केंद्र है। ऐसे में खाली कंटेनरों के लिए अलग यार्ड और उससे जुड़ी सेवाएं शुरू करने से कंपनी अपने पोर्ट ऑपरेशन के साथ लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को भी मजबूत कर सकती है।
खाली कंटेनरों की स्टोरेज, जांच, मरम्मत और आवाजाही को एकीकृत करने से टर्नअराउंड टाइम कम करने और ऑपरेशनल कॉस्ट को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी तेजी को केवल एक कारोबारी घोषणा के आधार पर स्थायी तेजी नहीं माना जाना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन, कर्ज, कारोबार की ग्रोथ और पूरे बाजार के रुझान को ध्यान में रखकर ही निवेश संबंधी फैसला लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।


