US Navy Sailors in Pattaya: करीब 286 दिनों तक समुद्र में तैनाती के बाद अमेरिकी नौसेना के हजारों जवान अब थाईलैंड के पटाया शहर में पहुंचे हैं। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर तैनात 5,000 से ज्यादा सैनिकों के लिए पटाया की यह यात्रा लंबे और थकाऊ मिशन के बाद आराम का मौका है। हालांकि, पार्टी और नाइटलाइफ के लिए मशहूर इस शहर में अमेरिकी सैनिकों के लिए कुछ सख्त नियम भी बनाए गए हैं।
पटाया दुनियाभर में अपनी नाइटलाइफ, पब, बार और रेड-लाइट इलाकों के लिए जाना जाता है। ऐसे में अमेरिकी नौसेना के जवानों के पहुंचने के बाद शहर में उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह है कि जवानों को पटाया की मशहूर सोई 6 सड़क पर रात के समय जाने से रोक दिया गया है, जबकि Walking Street में उन्हें जाने की अनुमति है।
286 दिनों की तैनाती के बाद मिला आराम
USS Abraham Lincoln पर तैनात अमेरिकी नौसैनिकों ने करीब 286 दिन समुद्र में बिताए हैं। लंबे समय तक जहाज पर रहने और सैन्य अभियानों में व्यस्त रहने के बाद थाईलैंड उनके लिए आराम और मनोरंजन का मौका लेकर आया है।
पटाया पहुंचते ही कई जवानों ने सबसे पहले अपनी थकान दूर करने पर ध्यान दिया। कुछ अमेरिकी पुरुष और महिला नौसैनिक स्थानीय सैलून में पेडीक्योर और दूसरी ग्रूमिंग सेवाएं लेते दिखाई दिए।
Guardian की रिपोर्ट के मुताबिक, पटाया के एक सैलून की कर्मचारी अरिसा सुएक्कान्या ने अमेरिकी सैनिकों के इतने लंबे मिशन के बाद शहर में पहुंचने को लेकर उत्साह जताया। लंबे समय तक जहाज पर रहने के बाद जमीन पर लौटना सैनिकों के लिए खास अनुभव रहा।
जहाज के खाने के बाद थाई फूड का लिया स्वाद
लंबी समुद्री तैनाती के दौरान खाने को लेकर सैनिकों की अपनी परेशानियां थीं। रिपोर्ट में कुछ जवानों ने जहाज पर मिलने वाले खाने को लेकर शिकायतें भी साझा कीं।
पटाया पहुंचने के बाद कई सैनिकों ने स्थानीय भोजन का जमकर आनंद लिया। कुछ जवान थाई फूड की तरफ आकर्षित हुए तो कुछ ने परिचित अमेरिकी फास्ट फूड को प्राथमिकता दी।
एक सैनिक ने Burger King में दो बड़े बर्गर ऑर्डर किए। वहीं, कुछ अन्य जवान थाई खाने का स्वाद लेते नजर आए। लंबे समय तक जहाज पर रहने के बाद बाहर का ताजा खाना सैनिकों के लिए राहत जैसा रहा।
कस्टम-मेड सूट से लेकर शॉपिंग तक
पटाया में अमेरिकी सैनिक केवल खाने और आराम तक सीमित नहीं हैं। कई जवान स्थानीय बाजारों और दुकानों में खरीदारी भी कर रहे हैं।
कुछ सैनिकों ने स्थानीय दर्जियों से कस्टम-मेड सूट तैयार करवाने के ऑर्डर दिए। वहीं, मॉल में भी जवान कपड़े, जूते और दूसरी चीजें खरीदते दिखाई दिए।
एक सैनिक Nike और Vans जैसे ब्रांडों से नए मोजे खरीदता नजर आया। वहीं, एक अन्य जवान अपनी पत्नी के लिए H&M से Hello Kitty का सॉफ्ट टॉय खरीद रहा था।
यानी लंबे सैन्य मिशन के बाद पटाया में सैनिकों का समय केवल पार्टी में ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार के लिए खरीदारी में भी बीत रहा है।
‘सोई 6’ में अमेरिकी सैनिकों की एंट्री पर रोक क्यों?
पटाया की Soi 6 अपनी बीयर बार और नाइटलाइफ के लिए काफी चर्चित है। लेकिन अमेरिकी नौसेना के कमांडरों ने सैनिकों के लिए यहां रात में जाने पर प्रतिबंध लगाया है।
इसका मकसद सैनिकों को किसी विवाद, अनुशासनहीनता या अप्रिय स्थिति से दूर रखना बताया जा रहा है। लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के बाद जवानों को आराम और मनोरंजन की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके साथ उनके लिए कुछ आचार-संहिता भी लागू है।
दूसरी तरफ, Walking Street अमेरिकी सैनिकों के लिए खुली है। सैनिकों के पहुंचने के बाद वहां के कई पब और बारों ने अमेरिकी नौसेना का स्वागत करने के लिए बड़े नियॉन बोर्ड लगाए हैं।
कुछ प्रतिष्ठानों की ओर से सैनिकों को उनके सैन्य आईडी कार्ड दिखाने पर 10 प्रतिशत तक की छूट दिए जाने की भी बात सामने आई है।
पटाया की अर्थव्यवस्था को भी होगा फायदा
अमेरिकी सैनिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है। पटाया के मेयर पोरमेट नगाम्पिचेट के मुताबिक, अगर करीब 5,000 अमेरिकी सैनिक रोजाना 100 से 150 डॉलर खर्च करते हैं, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगभग 10 करोड़ थाई बात (करीब 30 लाख डॉलर) का फायदा हो सकता है।
होटल, रेस्टोरेंट, बार, सैलून, टैक्सी, शॉपिंग और दूसरी स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबारियों के लिए सैनिकों की यह मौजूदगी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
युद्ध जैसी परिस्थितियों के बाद मिला ब्रेक
अमेरिकी नौसैनिकों के लिए पटाया का यह पड़ाव सिर्फ घूमने-फिरने का मौका नहीं है। करीब 286 दिनों की तैनाती के बाद यह उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से आराम करने का समय भी है।
समुद्र में लंबे मिशन और सैन्य अभियानों के तनाव के बाद अब सैनिक थाईलैंड के स्थानीय भोजन, खरीदारी, ग्रूमिंग और नाइटलाइफ का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, कमांडरों की ओर से तय किए गए नियमों के कारण उन्हें पटाया के हर इलाके में जाने की आजादी नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया है कि लंबे सैन्य मिशन के बाद सैनिकों के लिए आराम, मनोरंजन और सामान्य जीवन में लौटने का समय कितना महत्वपूर्ण होता है।


